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  • शिवसेना नगरसेवक के बेटे ने अपने सौतेले भाई की किया हत्या !

    By first headlines india →

     शिवसेना नगरसेवक के बेटे ने अपने सौतेले भाई की किया हत्या !


    हत्या के बाद शव नवी मुंबई की खाड़ी में फेंक दिया !

    पिस्टल से मारी थी मौके पर हो गई थी सौतेले भाई की मौत !

    हत्या के बाद से फरार हुआ शिवसेना नगरसेवक का बेटा !

    ठाणे-ठाणे संपत्ति विवाद के चलते ठाणे एमएनपी के शिवसेना नगरसेवक माणिक पाटील के बेटे सचिन पाटील ने अपने सौतेले भाई राकेश पाटील की हत्या कर दी। सचिन ने राकेश का शव नवी मुंबई की खाड़ी में फेंक दिया था। राकेश नगरसेवक माणिक पाटील की दूसरी पत्नी से पैदा हुआ था, जो माणिक से अलग रहती थी। इनमें संपत्ति का विवाद चल रहा था। कासरवडवली पुलिस ने सचिन पाटील तथा नगरसेवक के ड्राइवर गौरव सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने गौरव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सचिन फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
    पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 20 तारीख को राकेश पाटील (34 )अचानक गायब हो गया था। बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट माणिक पाटील ने कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। छानबीन के बीच पता चला कि पाटील के घर में रखे साढ़े तीन किलो वजन के गहने भी हैं। इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस को जांच के दौरान राकेश की मोटरसाइकिल माणिक के ड्राइवर गौरव सिंह के पास मिली। इसके बाद पुलिस ने गौरव सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या का मामला सामने आया। सीनियर पीआई किशोर खैरनार ने गौरव सिंह को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, माणिक पाटील के घोड़बंदर रोड के वाघबिल स्थित बंगले और कुछ अन्य संपत्तियों को लेकर सचिन और राकेश के बीच विवाद चल रहा था। 20 तारीख को सचिन ने गौरव सिंह के साथ मिलकर पिस्टल से फायरिंग करके मोत के घाट उतारा थी और उसके बाद सबूत को मिटाने के लिए शव को नवी मुंबई स्थित वाशी खाड़ी में फेंक दिया था। पुलिस खाड़ी में फेंके गए शव की खोज कर रही है। माणिक पाटील की एक से अधिक पत्नियां हैं। उसकी पत्नी संगीता पाटील तथा प्रतिभा पाटिल पूर्व में शिवसेना की नगरसेवक थीं। वर्ष 2017 में एमएनपी चुनाव के समय उम्मीदवारी को लेकर पति-पत्नी में संघर्ष हुआ था। शिवसेना ने माणिक को उम्मीदवारी दी थी। इसके बाद संगीता से उसकी कहासुनी हुई थी और माणिक ने गुस्से में संगीता के सिर पर नारियल दे मारा था। उससे पहले भी संगीता पाटील के ऊपर उसके आफिस में जानलेवा हमला हुआ था। उसके पीछे माणिक पाटील का हाथ बताया गया था। माणिक पाटील तथा संगीता पाटील के बीच लंबे अरसे से विवाद चल रहा है। दोनों अलग रहते हैं।



  • चार शातिर चोरो को सेंट्रल पुलिस ने किया गिरफ्तार,चोरी किया ऑटो रिक्शा व मोबाईल के पार्ट को किया जप्त !

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     चार शातिर चोरो को सेंट्रल पुलिस ने किया गिरफ्तार,चोरी किया ऑटो रिक्शा व मोबाईल के पार्ट को किया जप्त !


    लाखों रुपये के चोरी के सामान व नगदी, मोबाईल किया बरामद !

    सीएचम कॉलेज के सामने घूम रहे थे तभी पुलिस ने  इनकी हरकतें देखकर लिया हिरासत में !

    देखिये पूरी खबर को सेंट्रल पुलिस स्टेशन के सीनियर सुधाकर सुराडकर ने क्या कहा सुनिये उनकी जुबानी,,,,,


  • पैरामेडिकल स्टॉफ कर्मचारियों ने उमपा मुख्यालय के सामने अपनी मांगों को लेकर किया आंदोलन !

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     पैरामेडिकल स्टॉफ कर्मचारियों ने उमपा मुख्यालय के सामने अपनी मांगों को लेकर किया आंदोलन !


    कोरोना महामारी में फ्रंट लाइन पर काम करने वालों कर्मचारी अभीतक नही मिला बोनस और कोरोना भत्ता !

    जल्द हमारी मांगो को नही माना गया हम करेंगे उग्र आंदोलन !

    देखिये पूरी खबर को पैरामेडिकल कर्मचारियों ने अपनी मांगों लेकर क्या कहा सुनिये उनकी जुबानी,,,,,


  • आईडीआई कंपनी का 8 करोड़ का टैक्स कोर्ट में है पड़ा !

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     आईडीआई कंपनी का 8 करोड़ का टैक्स कोर्ट में है पड़ा !


    मनपा के आला अधिकारियों को नही था इस बात की जानकारी ?

    उमपा के सभागृह नेता राजेंद्र चौधरी के चलते मनपा के सामने आया यह पूरा मामला !

    देखिये पूरी खबर को इस मामले पर उमपा सभागृह नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कहा सुनिये उनकी जुबानी,,,,

    उल्हासनगर - उल्हासनगर में  जैसे ही शिवसेना को यह जानकारी सामने आई कि उल्हासनगर में आईडीआई कंपनी पर काम शुरू कर दिया गया था, जो पिछले 20 वर्षों से बंद है, जिसका उमपा का करोड़ों रुपये के टैक्स बकाये के बावजूद कंपनी ने अदालत से ब्याज माफ करने का अनुरोध किया और 7से 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया।अब यह पैसा नगर पालिका को दस्तावेज दिखाने के बाद दिया जाएगा विशेष महानगरपालिका के अधिकारी हैं इससे अनभिज्ञ है। 

    वही इस पर उमपा के सभागृह नेता राजेंद्र चौधरी ने कमिश्नर डाॅ राजा दयानिधि से मिले और उन्हें बताया उमपा की बकाया टैक्स राशि को अदालत में कंपनी ने  जमा कर दी है और उसने महानगरपालिका को दस्तावेज जमा करने के  लिए कहा है। इस संबंध में उमपा मुख्यालय उपायुक्त मदन सोंडे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने यह जानकारी की पुष्टि की है। इसका श्रेय सभागृह नेता को जाता है,राजेंद्र चौधरी की के बदौलत यह सब हुआ ऐसी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।जैसे ही आईडीआई कंपनी बंद हुई, उमपा के टैक्स  और श्रमिकों के बकाये में करोड़ों रुपये बकाया थे। हालांकि, जैसे ही यह पता चला कि आईडीआई कंपनी ने काम शुरू कर दिया है, शिवसेना शहर प्रमुख और सभागृह नेता राजेंद्र चौधरी, युवा सेनाअधिकारी बाला श्रीखंडे, शाखा प्रमुखसुनील (कलवा) सिंह और जावेद शेख वहा पर काम को देखने के लिए भेजा था तभी वहां पर काम कर रहे लेबर भाग गए थे। फिर सहायक आयुक्त अजय एडके ने जाकर काम को रोक दिया। उस समय, कंपनी के एकअधिकारी ने बताया कि श्रमिकों के ऋण का भुगतान किया गया है और उमपा का टैक्स सात से आठ करोड़ रुपया कोर्ट में भरा गया ऐसी जानकारी दी है !