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  • पीवी सिंधु ने रियो में रचा इतिहास, सिल्वर किया पक्का, गोल्ड की भी जगाई आस, फाइनल आज

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    भारत को रियो ओलिंपिक में बुधवार देर रात जब पहला मेडल हासिल हुआ, तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी. गुरुवार रात देश को एक बार फिर मेडल पक्का होने की खबर मिली, जब एक और भारतीय बेटी ने कमाल कर दिया. हम बात कर रहे हैं, देश की नई बैडमिंटन सनसनी पीवी सिंधु की. सिंधु ने ओलिंपिक इतिहास में बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय होने का गौरव हासिल कर लिया. उन्होंने सेमीफाइनल में छठी रैंकिंग वाली जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19 और 21-10 से हराया. इसके साथ ही उनका सिल्वर पक्का हो गया है और अब वह गोल्ड के लिए जान लड़ाएंगी, जिसमें उनका मुकाबला स्पेन की वर्ल्ड नंबर वन कैरोलिना मारिन से शुक्रवार शाम 7.30 बजे होगा...

    दूसरा गेम : 10 के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा
    दूसरे गेम में पीवी सिंधु ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और पहले 2 मिनट में 3-0 की बढ़त हासिल कर ली. इस बीच उनके स्मैश देखने लायक रहे. उन्होंने नोजोमी की कमजोरी के देखते हुए लंबी रैली जारी रखी और बीच-बीच में नेट पर भी खूबसूरत खेल दिखाया. चौथे मिनट में नोजोमी ने भी कोशिश की और लगातर दो अंक हासिल कर लिए (स्कोर- 3-2). नोजोमी ने 2 अंक लेकर स्कोर 3-4 कर लिया. फिर स्कोर 4-5 भी हो गया, तभी सिंधु ने जोरदार स्मैश से वापसी की (स्कोर- 5-5), लेकिन वह बढ़त नहीं बना पाईं. एक बार फिर नौवें मिनट में स्कोर बराबर (7-7) हो गया. 12वें मिनट में सिंधु ने एक बार फिर बढ़त का मौका खो दिया. उनकी सर्विस आउट हो गई. 12वें मिनट में सिंधु को बढ़त मिली. 14वें मिनट में ब्रेक हुआ. सिंधु 11-10 से आगे. कोच पुलेला गोपीचंद उन्हें गलतियों से बचने की सलाह देते नजर आए. 16वें मिनट में 1वीं रैंकिंग वाली पीवी सिंधु ने करारा शॉर्ट स्मैश खेला, जिसका 6ठी रैंकिंग वाली नोजोमी के पास कोई जवाब नहीं था (स्कोर- 14-10). सिंधु ने इसके बाद अपनी बढ़त को 5 अंक आगे कर लिया (स्कोर- 16-10). इसके बाद तो सिंधु ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और साइना नेहवाल के बाहर हो जाने की कमी को पूरा करते हुए शानदार खेल दिखाया (स्कोर- 19-10). अंतिम दो पॉइंट उन्होंने पलक झपकते ही हासिल कर लिए और फाइनल में प्रवेश कर गईं...यह सेट 22 मिनट चला...
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    पहला गेम : कड़ा मुकाबला, सिंधु 21-19 से जीतीं
    पहले गेम में सिंधु ने अपने फॉर्म के अनुरूप शुरुआत की है और नोजोमी पर बढ़त बना ली. हालांकि जापान की खिलाड़ी ने बीच-बीच में सर्विस ब्रेक करते हुए पॉइंट हासिल किए. 7वें मिनट तक के खेल में सिंधु अपनी लीड को 4 अंक आगे ले जाते हुए स्कोर 8-4 कर दिया. इसके बाद नोजोमी ने वापसी की और लगातार 2 अंक हासिल कर लिए. सिंधु ने एक बार फिर सर्विस ब्रेक की और बढ़त को 9-6 कर लिया. सिंधु ने पहले गेम में पूरे समय लंबी रैली खिलाई और नोजोमी को नेट के पास आकर खेलने का मौका नहीं दिया, जिसके लिए वह कोशिश कर रहीं थी.
  • नरसिंह यादव बोले, 'भारत के लिए पदक जीतने का मेरा सपना क्रूरता से तोड़ा गया'

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    रियो डि जिनेरियो: खेल पंचाट के फैसले के बाद रियो ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का पहलवान नरसिंह यादव सपना टूट गया, लेकिन उन्होंने आज कहा कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.

    कल नरसिंह के ओलिंपिक में खेलने पर रोक लगा दी गई और उन पर चार साल का प्रतिबंध भी लगा दिया गया. नरसिंह भारत में डोप टेस्ट में फेल हो गए थे, जिसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (नाडा) ने यह कहकर उन्हें क्लीन चिट दी थी कि उनके खिलाफ साजिश हुई है, लेकिन खेल पंचाट ने क्लीन चिट को खारिज करते हुए कल उन पर प्रतिबंध लगा दिया.

    पुरूष 74 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ी ने कहा, 'यह कहना कि खेल पंचाट के फैसले से मैं टूट चुका हूं, बहुत कम होगा. पिछले दो महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है, लेकिन देश के गौरव लिए खेलने की सोच ने मेरा हौसला बनाए रखा. मेरे पहले बाउट से 12 घंटे पहले रियो ओलंपिक में खेलने और देश के लिए पदक जीतने का मेरा सपना क्रूरता से तोड़ से दिया गया.' उन्होंने अपने प्रायोजक जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स द्वारा जारी एक बयान में कहा, 'लेकिन अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मैं सबकुछ करूंगा. मेरे पास लड़ने की अब यही वजह है.' बयान में कहा गया कि नरसिंह ने अपने खाने में मिलावट का जो दावा किया था उसके संबंध में कुछ और सबूत मिलने पर फैसले की समीक्षा के लिए याचिका दी जा सकती है.

    इसमें कहा गया, 'मिलावट से जुड़े और सबूत मिलने पर हम फैसले की समीक्षा पर जोर देंगे, जिसके लिए वाडा सहमत हो.' बयान के अनुसार, 'जेएसडब्ल्यू का दृढ़ता से मानना है कि नरसिंह बेगुनाह हैं और हम न्याय की लड़ाई में हर कदम पर पहलवान के साथ खड़े होंगे.' विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) ने ओलंपिक शुरू होने से तीन दिन पहले रियो में खेल पंचाट के तदर्थ संभाग में नरसिंह को नाडा से मिली क्लीन चिट को चुनौती दी थी.
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    खेल पंचाट ने कल चार घंटे तक चली सुनवाई के बाद जारी बयान में कहा, 'संबंधित पक्षों को सूचित किया जाता है कि अपील स्वीकार कर ली गई है और नरसिंह यादव पर आज से चार साल का प्रतिबंध लगाया जाता है और अगर उन पर पहले अस्थायी निलंबन लगाया गया था तो वह अवधि इसमें से कम कर दी जाएगी.' इसमें कहा गया, 'इसके अलावा 25 जून 2016 से लेकर अब तक नरसिंह के सभी प्रतिस्पर्धाओं में नतीजे खारिज हो जाएंगे और उनके पदक, अंक, पुरस्कार वापिस ले लिए जाएंगे. खेल पंचाट की समिति यह मानने को तैयार नहीं है कि वह साजिश का शिकार हुए हैं. इसके कोई सबूत नहीं है कि उनकी कोई गलती नहीं थी और डोपिंग निरोधक नियम उन्होंने जान बूझकर नहीं तोड़े, इसीलिये समिति ने उनपर चार साल का प्रतिबंध लगाया.' नरसिंह का नाम ओलिंपिक कार्यक्रम में था और उन्हें क्वालीफिकेशन दौर में फ्रांस के जेलिमखान खादजिएव से खेलना था, लेकिन खेल पंचाट के फैसले ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं.