• अलविदा ओम

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    अदाकारी की दुनिया की अजीमतरीन शख्‍सियत ओम पुरी साब अब हमारे बीच नहीं रहे। लेकिन कहते हैं ना कि कलाकार भले ही ना रहे पर उसकी कला हमेशा जीवित रहती है। ठीक उसी तरह 300 से ज्यादा फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके ओम पुरी अपने पीछे वह फिल्मों और अदाकारी का एक ऐसा संसार छोड़ गए हैं, जो हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा। ओम पुरी एक ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने अपनी दमदार आवाज के बल पर खुद को बतौर एक्टर, को-एक्टर और विलेन के तौर पर स्थापित किया था। एक थिएटर आर्टिस्ट होने के नाते उनके डायलॉग इतने दमदार होते थे कि उनकी पुरानी फिल्मों की छाप अब भी लोगों के दिलो-दिमाग पर बसी हुई है। कहानी कोई भी हो उसे अपनी तरह से नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने का दम रखते थे ओम पुरी। ओम पुरी जैसे कलाकार विरले ही पैदा होते हैं। अलविदा हिंदी सिनेमा के अनूठे और अद्भुत अभिनेता। तुम्‍हारी आवाज और किरदार दोनों ही हमारी स्‍मृतियों में सदा हरे-भरे रहेंगे ।

    18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में पैदा हुए ओम पुरी ने मुंबई में 6 जनवरी 2016 को आखिरी सांस ली। ओम पुरी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंजाब से की। पुरी के पिता आर्मी में और फिर रेलवे में थे। वो चाहते थे कि पुरी भी आर्मी में जाएं। ओम पुरी भी फौज में जाना चाहते थे, लेकिन शायद तकदीर को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने एफटीआईआई से ग्रेजुएशन की और 1973 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग सीखी।

    ओम पुरी की एक्टिंग के शुरुआती दौर के साथी अनिल दत्ता ने बताया कि ओम ने अपने मामा के घर रहकर एक्टिंग की शुरुआत की थी। गरीबी के कारण शुरुआत में बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अनिल दत्ता ने बताया कि उनकी ओम पुरी से पटियाला के गांव सन्नौर में मुलाकात हुई थी। तब वो वहीं रहते थे। उन्होंने मामा के घर में रहते हुए थिएटर से एक्टिंग की शुरुआत की। वो दोनों एक साथ, एक मंच पर एक्टिंग करते थे।


    उन्होंने बताया कि ओमपूरी शुरू से ही एक्टिंग और किरदार में खो कर अपना काम करते थे और अपने काम के प्रति उनमें एक आग दिखाई देती थी। ओम पुरी की मेहनत, लग्न और जुनून की ही नतीजा था कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन के लिए वो पहले ही शॉट में चुन लिए गये थे। यहीं पर ओम पुरी की मुलाकात नसीरुद्दीन शाह से हुई। पुरी ने 1976 में पहली बार मराठी फिल्म में डेब्यू किया था। अभिनेता ओम पुरी को फिल्म आरोहण और अर्ध सत्य के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।

    दिग्गज अभिनेता ओम पुरी के निधन पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन और सुपरस्टार शाहरख खान ने आज दुख जताया। बच्चन ने ओमपुरी को ‘आसाधारण प्रतिभा’ का मालिक बताया और कहा कि वह अपने मित्र के निधन की खबर से दुखी हैं। ओमपुरी के साथ ‘घातक’, ‘देव’, ‘बाबुल’, ‘क्यों हो गया ना’ सहित कई फिल्में करने वाले बच्चन ने ट्वीट किया, ‘‘ओम पुरी जी के निधन से दुखी हूं।।एक प्रिय मित्र।।एक प्यारा सहयोगी।।और एक आसाधारण प्रतिभा।।सदमे में हूं।’’ शाहरुख ने कहा कि ओमपुरी एक अभिनेता के साथ-साथ एक खुशमिजाज इंसान के तौर पर भी याद किए जाएंगे।

    ओम पुरी के साथ ‘डॉन 2’ की शूटिंग के दौरान बर्लिन में बिताए पलों को याद करते हुए शाहरख ने ट्वीट किया, ''भगवान का बगीचा निश्चित तौर पर खूबसूरत होगा।।वह हमेशा सबसे अच्छे को ले जाते हैं। बर्लिन में आपके साथ बिताए पल याद आएंगे। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।’’ शाहरूख और ओम पुरी ने फिल्म ‘डॉन 2’ के अलावा, ‘बिल्लू’, ‘हे राम’ और ‘माया मेमसाब’ में भी एकसाथ काम किया है। ओम पुरी का उनके उपनगरीय अंधेरी स्थित घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह 66 वर्ष के थे।



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