• मांगों को लेकर राजस्थान विधानसभा पर शिक्षकों का "हल्ला बोल"

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    • सरकार से आश्वासन मिलने के बाद शिक्षकों ने रद्द किया आंदोलन 
    • हक जल्द नहीं मिला तो मार्च के अन्त में दोबारा करेंगे महारैली 

    जयपुर।  अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) के तत्वावधान में राजस्थान शिक्षक संघ युवा के चालीस हजार शिक्षकों की मांगों को लेकर विधानसभा सभा के बजट सत्र के प्रारंभ होने के साथ विधानसभा पर शिक्षकों ने हल्ला बोला। रैली की शुरुआत बाईस गोदाम सर्किल के पास पेट्रोल पंप से हुई जहां हजारों शिक्षकों का समूह सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़ा और 'वसुंधरा राजे हाय हाय' के नारे लगाते हुए शिक्षकों ने पुलिस के लगाये बैरिगेट पर चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान शिक्षकों की पुलिस के साथ जबरदस्त झड़प हुई। इस रैली में जयपुर, जैसलमेर, धौलपुर, करौली, राजसमन्द, टोंक, बांरा, अजमेर सीकर, उदयपुर आदि जिलों से शिक्षकों ने भाग लिया था। शिक्षकों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त था ।
     शिक्षकों की रैली का नेतृत्व राजस्थान शिक्षक संघ युवा के प्रदेश अध्यक्ष आर सी जाखड ने किया। रैली की वजह पूछे जाने पर प्रवेन्द्र कुमार मीणा एवं गजेन्द्र मोबारसा ने बताया कि साल 2012 में नियुक्त 40000 शिक्षकों का दो वर्ष का परिविक्षा काल सितंबर 2014 में संतोषजनक हो जाने के बाद भी सभी लाभ नहीं दिये जा रहे हैं। प्रत्येक शिक्षक साथी का लगभग 2.60 लाख का एरियर भी सरकार नहीं दे रही है।

    रैली को मिलता भारी समर्थन देख सरकार ने महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड एवं आर सी जाखड के नेतृत्व में सात सदस्यीय दल को वार्ता के लिए बुलाया। शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने आर सी जाखड को आश्वासन देते हुए स्थायीकरण एवं एरियर की समस्या का जल्द निस्तारण करने का कहा।

    आश्वासन मिलने के बाद शिक्षकों ने अपना आंदोलन भले रोक दिया हो लेकिन शिक्षकों का हक जल्द नहीं दिया गया तो मार्च के अन्त में महारैली का आयोजन किया जायेगा।
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