• अब बारी हमारी

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    कुछ समय पहले तक माना जाता था कि नायिका या महिला प्रधान फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहती हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से इस धारणा में बदलाव आया है। बीते कुछ वर्षों में प्रदर्शित हुई महिला प्रधान फिल्मों की कामयाबी ने इस धारणा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। सीमित बजट में बनाई गई ‘क्वीन’, ‘कहानी’, ‘मैरीकॉम’, ‘मर्दानी’, ‘हाईवे’, ‘खूबसूरत’, ‘नीरजा’, तनु वेड्स मनु’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘पीकू’, ‘डियर जिंदगी’, ‘नील बट्टे सन्नाटा’ और ‘एन एच 10’ जैसी फिल्में लागत से ज्यादा वसूलने में कामयाब रहीं। इसी सफलता के कारण महिला प्रधान फिल्मों के प्रति हिंदी फिल्मों के गलियारे में सकारात्मक माहौल बना है। महिला प्रधान फिल्मों की ओर बढ़ती दर्शकों की रुचि ने इस संदर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। दर्शकों की इसी रुचि को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी बॉक्स ऑफिस पर महिला प्रधान फिल्मों के प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा। इसकी शुरुआत ‘नाम शबाना’ और ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ से होने वाली है। एक नजर इस वर्ष प्रदर्शित होने वाली नायिका प्रधान फिल्मों की बानगी पर…..
    अनारकली ऑफ़ आरा
    ‘नील बटे सन्नाटा’ के बाद स्वरा भास्कर एक बार फिर ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ में केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं। अविनाश दास लिखित और निर्देशित ‘अनारकली ऑफ आरा’ की नायिका बिहार की राजधानी पटना से चालीस किलोमीटर दूर आरा शहर की एक देसी गायिका है, जो मेलो-ठेलों, शादी-ब्‍याह और स्‍थानीय आयोजनों में गाती है। फ़िल्म में अनारकली की केंद्रीय भूमिका निभा रहीं स्वरा बताती हैं, ‘अनारकली ऑफ आरा’ मेरे लिए बेहद खास फिल्म है। ना केवल इसलिए कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधारित प्रासंगिक एवं सामयिक फिल्म है। जब अविनाश जी ने मुझे फिल्म के बारे में बताया, मैं काफी प्रभावित हुई। मुझे लगता है कि हमने काफी साहसी फिल्म बनायी है जो व्यापक स्तर पर देखे जाने के लायक है। ‘अनारकली ऑफ आरा’ बिहार के आरा जिले की एक गायिका है जो द्विअर्थी गाने गाती है। चीजें तब बिगड़ जाती हैं, जब एक दिन अनारकली एक ताकतवर व्यक्ति के हाथों यौन प्रताड़ना का शिकार बनती है। लेकिन वह घुटने टेकने की बजाय उसके खिलाफ लड़ाई शुरू कर देती है।’
    रिलीज की तारीख-24 मार्च
    नाम शबाना
    ‘पिंक’ में अपने उम्दा अभिनय की बानगी से दर्शकों को प्रभावित करने के बाद तापसी पन्नू ‘नाम शबाना’ में एक्शन अवतार में नजर आएंगी। दो वर्ष पूर्व प्रदर्शित हुई ‘बेबी’ के सीक्वल ‘नाम शबाना’ में तापसी अंडर कवर एजेंट की भूमिका में नजर आएंगी। नीरज पांडे निर्मित इस फ़िल्म में तापसी कई हैरतअंगेज स्टंट करती दिखेंगी। तापसी बताती हैं, ‘फिल्म में मेरा किरदार बहुत मजबूत है और मैं बहुत से एक्शन सीन करते हुए दिखूंगी।…लेकिन निजी जिंदगी में मैंने कभी किसी को थप्पड़ भी नहीं मारा है। यह किरदार मेरे कंफर्ट जोन से बिल्कुल
    अलग था।
    रिलीज की तारीख-31 मार्च
    बेग़म जान
    नायिका प्रधान फिल्मों के नए दौर की शुरुआत करने वाली विद्या बालन एक बार फिर ‘बेग़म जान’ में केंद्रीय भूमिका में दिखेंगी। ‘बेग़म जान’ बंगाली फिल्म ‘राजकाहिनी’ की हिन्दी रीमेक है। फिल्म की कहानी आजादी से पहले हुए बंटवारे के वक्त की है। फिल्म का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता श्रीजीत मुखर्जी कर रहे हैं। फिल्म में विद्या के साथ-साथ गौहर खान, नसीरुद्दीन शाह और पल्लवी शारदा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
    रिलीज की तारीख-14 अप्रैल
    नूर
    अकीरा’ की केंद्रीय भूमिका में एक्शन और अदायगी का दम दिखाने के बाद सोनाक्षी सिन्हा सबा इम्तियाज के उपन्यास ‘कराची, आई लव यू’ पर आधारित ‘नूर’ में शीर्ष भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। सुनील सिप्पी निर्देशित इस फ़िल्म में पत्रकार की भूमिका निभा रही सोनाक्षी बताती हैं, ‘हर लड़की और यहां तक कि लड़के भी इस चरित्र से खुद को जोड़कर देख पाएंगे। फिल्म की कहानी सुनते ही मुझे पसंद आ गई थी और मुझे इसके लिए ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ी क्योंकि मुझे लगता है कि यह किरदार मुझ जैसी ही है।’
    रिलीज की तारीख-21 अप्रैल
    हसीना
    समकालीन अभिनेत्रियों से प्रेरित होते हुए श्रद्धा कपूर ने भी ‘हसीना’ में केंद्रीय भूमिका निभाने की चुनौती स्वीकारी है। फ़िल्म में श्रद्धा अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर की भूमिका में नजर आएंगी। पिछले दिनों इस फ़िल्म का फर्स्ट लुक जारी किया गया, जिसमें श्रद्धा के अवतार को बेहद सराहना मिली। उल्लेखनीय है कि श्रद्धा हसीना की भूमिका को बेहद चुनौतीपूर्ण मानती हैं। श्रद्धा कहती हैं, ‘मैं बहुत ज्यादा उत्साहित हूं लेकिन साथ ही नर्वस भी हूं। मुझे इस फिल्म में 17 साल से 43 तक की महिला का किरदार निभाना है। यह किरदार थोड़ा कठिन होने वाला है। मैं उम्मीद करती हूं कि मैं इस रोल में अच्छी लगूं।’
    रिलीज की तारीख-14 जुलाई
    सिमरन
    अभिनेत्रियों के लिए सुनहरे दौर की नींव रखने वाली कंगना रनोट इस वर्ष भी हंसल मेहता निर्देशित ‘सिमरन’ में दमदार भूमिका में नजर आएंगी। ‘सिमरन’ अमेरिका में रहने वाली संदीप कौर नाम की एक नर्स की कहानी है, जिसे कुछ साल पहले एक बैंक डकैती के जुर्म में जेल भेजा गया था क्योंकि उसने अपने जुए के कर्ज़ को चुकाने के लिए ये डकैती की थी। ‘सिमरन’ के निर्देशक हंसल मेहता कहते हैं, ‘कंगना रनोट एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं और ‘सिमरन’ की शूटिंग के दौरान उनके साथ बिताया समय शानदार था। मेरे लिए वह ‘सोने पर सुहागा’ जैसी हैं, क्योंकि एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री होने के साथ-साथ कंगना रनोट एक स्टार भी हैं।’
    रिलीज की तारीख-15 सितंबर
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