• हगनदारी मुक्त्त होने के उमपा के मंसूबो फिरा पानी !

    Reporter: fast headline india
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     स्वच्छता अभियान के परिक्षण उमपा हुई फेल ! 

    सम्बंधित विभागों के आपसी तालमेल न होना बनी वजह? 

     उल्हासनगर - मनपा मे स्टेट लेवल हगनदारी मुक्त्त करने के लिए जांच कमेटी आई थी। कमिटी ने पूरे शहर मे स्वच्छता का परीक्षण किया। समिती के प्रमुख नवी मुंबई के अतिरिक्त आयुक्त अंकुश चव्हाण थे । उनके साथ मिरा भाईंदर के उपायुक्त दिपक पुजारी और स्थानिक पत्रकार अशोक बोधा, अभियान के सदस्य सुहास चव्हाण, यनजीओ के प्रतिनिधी दिपक बाचुलकर थे। समिती ने सुबह से मनपा क्षेत्र मे सफाई और खुले मे शौच की सर्वेक्षण मे प्राप्त जगह का स्थल निरीक्षण किया। सुबह सवेरे सर्व्हे करने के बाद ११,बजे स्थायी समिती सभागृह मे समिती के लिए प्रजेंटेशन रखा गया था। समिती का स्वागत महापौर मीना कुमार आयलानी, उपमहापौर जीवन इदनानी, सभागृह नेता जमनू पुरस्वानी, नगरसेविका मीना सोंडे तथा आयुक्त डाॅ सुधाकर शिंदे इनके करकमलों से हुआ। समिती के समक्ष मनपा के आरोग्य विभाग का काम और स्वच्छ भारत मिशन मे किया गया काम इसका ब्यौरा उपायुक्त आरोग्य जमीर लेंगरेकर इन्होने दिया। मुख्य आरोग्य निरीक्षक विनोद केणे इन्होने ODF के लिए मनपा ने किए हुए प्रयासों के बारे मे बताया। सर्व उपस्थित लोकप्रतिनिधी और अधिकारी समक्ष विचारविमर्श हुआ। उन्होंने आरोग्य विभाग के काम पर संतुष्टी व्यक्त की। लोगों मे स्वच्छता की जागरूकता बढ गई है यह निरीक्षण पाया। लोग वैयक्तिक या सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करना चाहते है परंतु उन्हे पर्याप्त मात्रा मे शौचालय उपलब्ध नही है। लोगों को मनपा अन्य मनपा से ज्यादा वैयक्तिक शौचालय बनवाने हेतु २२ हजार का अनुदान दे रही है वह सराहनीय कदम है ऐसे भी कहा, परंतु अनेक शौचालयों की खस्ता हालत देखकर समिती ने तीव्र शब्दों मे अपनी भावना को व्यक्त की बांधकाम विभाग के अनदेखी की वजह से कमिटी के सकारात्मक होने के बावजूद शहर ODF घोषित नही हुआ। खेद है की आरोग्य विभाग पिछले एक साल से इस काम को अँजाम देने के लिए कोशिश कर रहा है परंतु महत्त्वपूर्ण विभाग जो शौचालय बनवाता है वह सार्वजनिक बांधकाम विभाग और वाटर सप्लाई विभाग अत्यंत गैरजिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभा रहा है। अगर विकास होना है और मा.प्रधानमंत्री और मा.मुख्यमंत्री का सपना साकार करना है तो सभी विभागों का समन्वय होना जरूरी है ! समिती ने अगले १५-२० दिनों मे शौचालय की मरम्मत कर के फिर से हगनदारी मुक्त्त जांच करने की शिफारस की। मा.आयुक्त के समक्ष बांधकाम विभाग के अक्षमता के लिए नाराजगी प्रकट की है इस मामले में पीडब्लूडी शहर अभियंता राम जैसवाल से बात किया गया तो उनका कहना था कि हमने अपना काम ईमानदारी से किया है परंतु शौचालय की सफाई का काम हमारा नही इसके लिए आरोग्य विभाग की जिम्मेदारी उनकी गलती का हर्जाना हम थोड़े ही भरेंगे !
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