• वांटेड इंटर नेशनल बुकी की बढ़ी मुुशकिले !

    Reporter: fast headline india
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    वांटेड इंटर नेशनल बुकी की बढ़ी मुुशकिले ! 

     करोड़ो का भूखंड हड़पने के मंसूबे से गोवा और असम में षणयंत्र कर दर्ज कराए थे फर्जी मामले !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर के वांटेड बुकी अनिल जयसिंघानी की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नही ले रही है।गोवा से लेकर असम और मुंबई पुलिस को अनिल की तलाश है लेकिन अनिल कहा है और क्या कर रहा है यह कोई नही जानता।करोड़ो का भूखंड हड़पने के मंसूबे से गोवा और असम पुलिस में कोणार्क के डायरेक्टरों के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर भी झूठी निकली गोवा सहित असम मामले में स्थानीय पुलिस ने न्यायालय में जो चार्ज सीट भेजी उसमे कोणार्क के डायरेक्टरों को क्लीन चीट मिल गयी है।
    जब कि अनिल जयसिंघानी पर पुलिस का शिकंजा बढ़ता ही जा रहा है। गौर तलब हो कि मधुबन-दुनीचंद रोड पर स्थित भूखंड क्रमांक 618 को कोणार्क के डायरेक्टर किशोर केशवानी ने कई वर्षों पहले खरीदा था,इसी भूखंड के कब्जेदार महिला को मैनेज कर अनिल राजवानी,प्रीतम कुकरेजा,व अन्य लोगो ने भी जाली दस्तावेज तैयार कर उस भूखंड पर दावेदारी कर दी,मामला न्यायालय पहुचा और न्याय पालिका ने कोणार्क डायरेक्टर किशोर केशवानी के पक्ष में निर्णय दिया।समाज सेवक की आड़ में गोल्ड के बिस्किट का धंधा, जाली दस्तावेज के जरिये जगह हड़पना,मृत व्यक्तियों के नाम पर बोगस दस्तावेज बनाकर प्लाट हड़पना जैसे गैर कानूनी धंधो को अंजाम देने वाले इस गिरोह ने जब करोड़ो का भूखंड हाथ से निकलता देखा तब कोणार्क के डायरेक्टरों से निपटने के लिए अनिल राजवानी और प्रीतम कुकरेजा ने बुकी अनिल जयसिंघानी को भूखण्ड 618 में 25 पर्सेंट फ्री पार्टनर शीप दे दी ।बताया जाता है कि प्लाट को हड़पने में जो भी फ़ायनेस लगेगा वो सभी पार्टनर मिलकर अनिल जयसिंघानी को देगे और अनिल जयसिंघानी कोणार्क के डायरेक्टरों को फेस करेगा। करोड़ो के प्लाट में फ्री पार्टनरशीप मिलने के बाद कोणार्क के डायरेक्टरों को हटाकर प्लाट पर कब्जा जमाने के लिए अनिल जयसिंघानी ने झूठे केस का सहारा लिया और इंदौर की रहने वाली अनामिका कटारिया नामक युवती को तैयार कर सबसे पहले गोवा के अंजुना पुलिस स्टेशन में किशोर केशवानी के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करवाया।इस मामले में जब गोवा पुलिस दबाव में आकर किशोर केशवानी को अरेस्ट करने मुम्बई पहुची तब राजनीतिक पहुच के चलते गोवा पुलिस किशोर केशवानी को अरेस्ट नही कर सकी और अंजुना पुलिस स्टेशन में दर्ज बलात्कार मामले में अपना पक्ष रखने की नोटिस देकर बेरंग लौट गई।झूठे केस में फसने की संभावना के चलते केशवानी ने गोवा शेषन कोर्ट से अग्रीम जमानत करवा ली थी।कोणार्क के डायरेक्टर पर अनिल जयसिंघानी का वार फेल हो गया तब अनिल ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रहने वाला सिद्धांत जाधव नामक एक तड़ीपार गुन्डे को मैनज किया और कोणार्क के डायरेक्टरों को एक और झूठे केस में फसाने के लिए साजिस रच डाली। अनिल ने कोणार्क के मुख्य डायरेक्टर नंद रामचन्द्र जेठानी,अमरलाल (काई) जेठानी और किशोर कक्कूमल केशवानी (केके) को असम के शिला पाथर पुलिस स्टेशन में फसाने का षड्यंत्र रचा, जहां उसने असम रहिवासी और आल इंडिया फुटबॉल एसोसिएसन के वाइस चेयरमैन अंकुर दत्ता की मदद ली।बताया जाता है अंकुर दत्ता असम के मानिंद थे इसलिए स्थानीय पुलिस में खासा रौब था,अंकुर दत्ता ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्वप्निल डेका को मैनेज किया और शिला पाथर पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआय प्रसंजीत दास ने सिद्धार्थ जाधव को एनडीपीएस ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया और जाधव के इकबालिया बयान पर पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किये बिजनेस टायकून नंद रामचन्द्र जेठानी,अमर लाल (काई) जेठानी तथा किशोर केशवानी को महाराष्ट्र का ड्रग्स तस्कर बना दिया। तीनो बिल्डरों को अरेस्ट करने असम पुलिस आई लेकिन उन्हें बेरंग लौटना पड़ा इस झूठे मामले में अपनी साख बचाने के लिए पहले तीनो मानिंद बिल्डरों ने अग्रीम जमानत करवाई और फिर झूठे केस को मुह तोड़ जवाब देने में जुट गए,नतीजतन जाँचो परांत असम का मामला झूठा निकला और उसी पुलिस स्टेशन में पुलिस अधीक्षक स्वप्निल डेका,इंस्पेक्टर प्रसंजीत दास,अंकुर दत्ता,अनिल जयसिंघानी,सिद्धार्थ जाधव के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। बिल्डर नंद जेठानी,काई जेठानी और किशोर केशवानी पर दर्ज ड्रग्स तस्करी के मामले में सीनियर पीआय शुभम दास ने दो दिन पहले बी समरी ( क्लीन चीट) चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।अनिल जयसिंघानी ने कोणार्क के डायरेक्टरों को फसाने के लिए जो उसने चक्रव्यूह रचा आज वह खुद ही उसी चक्रव्यूह में फसते चला गया और निकल नही पा रहा है,अनिल के सगे-संबंधी उसे बचाने के लिए कोणार्क की दहलीज पर दया की दुहाई मांग रहे है।
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