• स्थाई समिति का नायाब झोलझाल कांड ?

    Reporter: fast headline india
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    स्थाई समिति का नायाब झोलझाल कांड ?

    बिना टेंडर साढ़े 4 करोड़ के खड्डे भरने को स्थाई समिति ने दी मंजूरी ! 
    फाय टू-टू में काम करने स्थाई समिति ने सर्वसम्मति दी मंजूरी !

     प्रशासन ने झाड़ा पल्ला स्थाई समिति सभापती सहित सदस्य विवादों के घेरे में !  


    उल्हासनगर- उल्हासनगर में मानसून के पहले और मानसून के बाद शुरू होने वाले गणेश उत्सव और चालिहा उत्सव के पहले शहर के सड़को का डाम्बरी करण किया जाता है।मानसून कम होते ही उमपा ने 'रोड खड्डों' का डाम्बरी करण की निविदा को मंजूरी देने के लिए स्थाई समिति में भेजा था।परंतु प्रशासन के नियमो को ताक पर रख अति विकट परिस्थिति फाय टू-टू 5(2)(2)के तहत 4 करोड़ 56 लाख 40 हजार 624 रुपये के 'पाटोल' को स्थाई समिति के सदस्यों के प्रस्ताव पर सभापती ने मंजूरी दे दी।
    अति विकट परिस्थिति दिखाकर मंजूर किये गए इस टेंडर से प्रशासन के पल्ला झाड़ते ही स्थाई समिति सकते में आ गयी है। गौर तलब हो कि मानसून शुरू होने के पहले शहर के सड़को के गड्ढो को पाटने के लिए डाम्बरी करण 'पाटोल' का टेंडर प्रति वर्ष नियमानुसार निकाला जाता है,इस वर्ष मानसून जल्द शुरू हो जाने की वजह से शहर की सड़को पर बड़े-बड़े गड्ढो हो गए,गणेश उत्सव और चालिहा को देखते गड्ढो को भरने के लिए प्रशासन ने गुरुवार को स्थाई समिति में प्रभाग समिति एक मे 73 लाख 65 हजार,प्रभाग समिति दो में 1 करोड़ 22 लाख 98 हजार,प्रभाग समिति तीन में 1 करोड़ 9 लाख 40 हजार तथा प्रभाग समिति चार में 1 करोड़ 50 लाख 35 हजार ऐसे कुल 4 करोड़ 56 लाख 40 हजार रुपये की लागत से भरे जाने वाले गड्ढो की निविदा को मंजूरी देने के लिए स्थाई समिति में भेजा था।प्रशासन द्वारा भेजी गई निविदा प्रक्रिया में समय लगता इसलिए 'पाटोल' का ठेका लेने वाले ठेकेदारो को खुश कर उनसे बड़ा कमीशन लेने के चक्कर मे स्थाई समिति सदस्यों सहित सभापती ने प्रशासन के नियमो को ताक पर रख इस टेंडर को फाय-टू-टू 5(2)(2) के तहत मंजूरी दे दी।सूत्रों के मुताबिक यह टेंडर झा.पी.और जय भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। यहां बता दे कि महानगर पालिका अधिनियम के तहत 5 लाख से 25 लाख के लागत से बनाये जाने वाले कार्यो को वो भी अति विकट परिस्थिति में 5(2)(2) के तहत प्रशासन की मंजूरी के बाद स्थाई समिति को देने का अधिकार है,इस विषय मे आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर ने कहा कि 'पाटोल' की निविदा निकालने के लिए स्थाई समिति में प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन सदस्यों ने महापालिका अधिनियमो को अनदेखा कर इसे अति विकट परिस्थिति 5(2)(2) में मंजूरी दी है जो नियमानुसार गलत है,आयुक्त ने कहा कल सुबह इस टेंडर पर विचार करने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है ,आयुक्त ने कहा कि अधिनियम में रहकर 'पाटोल'को मंजूरी दी जायेगी, 'पाटोल' के इस टेंडर को लेकर प्रशासन द्वारा पल्ला झाड़ने से इसे मंजूरी देने वाली स्थाई समिति के सदस्यों सहित सभापती कांचन लुंड सकते में आ गयी है।
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