• स्थाई समिति के झोलझाल घोटाले का महापौर व विधायक ने किया विरोध !

    Reporter: fast headline india
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    स्थाई समिति के झोलझाल घोटाले का महापौर व विधायक ने किया विरोध !

    मनपसंद ठेकेदारो को दिया गया रोड के खड्डों भरने का  ठेका !    

     उल्हासनगर -  उल्हासनगर महापालिका अति महत्व पूर्ण काम रोड के खड्डे भरने का ठेका विवादित ठेकेदारो को दिया गया है , इससे पहले मिले इन दोनों कम्पनियों के काम बहुत धीरे चल रहा है इसके बाद भी  झा.पी.कंपनी और जय ठेकेदार को स्थायी समिती के विना टेंडर के रोड़ के खड्डे भरने का  साडे चार करोड रूपये का ठेका इनाम के रूप में दिया गया ऐसी चर्चा उल्हासनगर के शहर में हो रही है .
       उल्हासनगर महापालिका के खेमानी नाला पर मोहने बाँध में विसर्जन होने की वजह से  प्रदुषण हो रहा है. इस मामले में  वनशक्ती एन.जी.ओ.ने हरीत लवादा के पास याचिका किया था. 2015 में तत्कालीन आयुक्त बालाजी खतगांवकर के विरोध में मामला दर्ज करने का आदेश दिया था . उस समय हरित लवादा के सामने खतगांवकर इन्होंने हाजिर होकर यह कहा था कि मई 2017 तक खेमानी नाला के प्रवाह बदली कर दिया जाएगा , ऐसा प्रतिज्ञापत्र दिए थे. उसके बाद उस काम को करने के लिए मनपा ने  15 करोड रूपये की निधि से काम करने के लिए टेंडर निकाला था, इस काम को करने के लिए मई  2017 तक पूरा करना था ऐसी शर्त पर यह काम का ठेका खिल्लारी और जयभारत कंपनी को करने का आदेश दिया था, इस दिए हुए समय को दो महीने  ज्यादा होने के बाद भी अभी तक इस काम को 50 प्रतिशत तक ही पूर्ण किया है . इसकी वजह से हरित लवाद पालीका आयुक्त राजेंद्र निबांळकर इनके विरुद्ध भी मामला दर्ज करवाने की संभावनाओ को नकारा नहीं जा सकता है .     झा.पी.कंपनी को पालीका ने अभी तक अनेक महत्व पूर्ण काम दिए गए है . जिसमें से चार प्रमुख रोड़ के डांबरीकरण के काम दिया है. ये चारों रोड शहर की प्रमुख और ब्यस्त रोड है .बता दे कि  ठेकेदार को सार्वजनिक बांधकाम विभाग ने काम करने मंजूरी दिए हुए देड़ महिना हो गये है अभी तक ठेकेदार ने काम शुरू नही किया है .ऐसे लापरवाह कम्पनियों  जयभारत और झा.पी. इन दोनों को काम देने की शिपरिस स्थायी समिती ने किया इसका मतलब साफ है कि दाल में कुछ काला है, ऐसी चर्चा शहर भ्र में है . उल्हासनगर में बहती है उल्टी गंगा !     आपात्कालीन परिस्थिती में मनपा आयुक्त महाराष्ट्र महापालीका अधिनियम के अनुसार 5(2)(2) इस नियम का इस्तेमाल करके काम करते है . ये काम पन्द्रह दिनों के अंदर ही स्थायी समिती को मनपा आयुक्त इसकी जानकारी उनके समक्ष प्रस्तुत करते है .परन्तु खड्डे भरने की काम के टेंडर निकलने के लिए भेजे गए काम के प्रस्ताव को स्थायी समिती ने टेंडर न निकाल कर अपने मनपसंद ठेकेदारों को ये काम दिया. उल्टा मनपा आयुक्त पर महाराष्ट्र महापालीका अधिनियम के अंर्तगत 5(2)(2) के नियम के इस्तेमाल करने के लिए स्थायी समिती ने दबाव दाल कर ये काम करवाया है. महापौर और विधायक ने किया है विरोध,     पिछले दो दिनों से आ रही मीडिया की खबरों में स्थायी समिती की पोलखोल होने के महापौर मीना आयलानी और विधायक बालाजी किणीकर इन्होंने मनपा आयुक्त राजेंद्र निबांळकर को पत्र देकर स्थायी समिती के सुरू इस घोटाले का विरोध किया है . और कहा है कि आयुक्त निबांळकर इन्हें कानून का पालन करते हुए काम करना चाहिये ऐसा  महापौर मीना आयलानी ने  कही . महाराष्ट्र शासन के वित्तीय  विभाग के अनुसार सभी विभाग को दो लाख से ज्यादा के काम को करने के लिए ई टेंडर के जरिये ही काम करने आदेश दिया है, ऐसा होने के बादजूद साडे चार करोड रूपये का काम विना नटेंडर के देना सीधा कानून का उलंघन करने जैसा है ऐसा विधायक बालाजी किणीकर कही है . साई सिध्दनाथ इसी काम को दोन टक्के कम करने को है तैयार,     पिछले दो सालो से बारिस के पहले ही रोड़ के खड्डे भरने के लिए तैयार 13 टक्के दाम पर काम करने वाले साई सिध्दनाथ कन्स्ट्रक्शन ने इस बार भी काम करने के लिये मनपा आयुक्त राजेंद्र निबांळकर के पास अपनी इच्छा व्यक्त किया है. उसने इस काम को करने के लिए दो टक्के कम भाव मे की तैयारी दिखाई है . मनपा के सार्वजनिक बांधकाम विभाग को ठेकेदार समिर जाधव ने कहा है कि इस काम का ई टेंडर किया जाय तो हम इस काम पन्द्रह प्रतिसत कम दाम में करने को तैयार ऐसा  सोशल मिडीया पर कही है. अगर मनपा टेंडर निकालती है तो उसका आर्थिक फायदा प्रशासन सीधे तौर पर होगा ऐसी चर्चा सोशल मीडिया पर शुरू है.
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