• फर्जी सनद का मामला हुआ उजागर ! फर्जी सनद बनानेवालों पर कार्रवाई करने में जिला अधिकारी कर रहे है टालमटोल !

    Reporter: fast headline india
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    फर्जी सनद का मामला हुआ उजागर !

     फर्जी सनद बनानेवालों पर कार्रवाई करने में जिला अधिकारी कर रहे है टालमटोल !

    उल्हासनगर-उल्हासनगर के उपविभागीय कार्यालय द्वारा किये गए जाँच में लगभग 30 करोड़ रूपए के भूखंड के फर्जी सनद होने का मामला सामने आने के बाद तहसीलदार ने इस भूखंड के सभी कागजात अपने कब्जे में ले लिया है।लेकिन इसप्रकार का सनद बनाने वाले व्यापारी किशन लाहोरी,घनश्यामदास तुनिया सहित अन्य छह लोगों के इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद भी महाराष्ट्र शासन द्वारा इस प्रकरण में कोई भी कार्रवाई न होते देख इस प्रकरण को उजागर करने वाले मोती दुसेजा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
    उल्हासनगर यह केंद्र सरकार के अधिकार के अंतर्गत आता है, इस शहर में बंटवारे के बाद पाकिस्तान आये हुए हिंदुओं को रहने के लिए जगह दिया गया था।उन्हें भारतीय विस्थापित कानून के अंतर्गत इस जगह के मालिक के रुप में सनद दी गयी थी।यह सनद देने की प्रक्रिया बंद होने क बाद भी अनेक भूमाफियाओं ने फर्जी सनद बनाकर शासन के भूखंडों को हडप लिया है।इन्हें ऐसा करने में शासकीय अधिकारियों ने सबसे ज्यादा मदद की है, ऐसा ही एक प्रकरण मोती दुसेजा नामक व्यवसाई ने उजागर किया है। मोती दुसेजा ने २०१४में घनश्याम तुनिया, किशन लाहोरी, राजेश गुरदासमल दुदानी, मुकेश गुरदासमल दुदानी और चंदा लालचंद चावला के साथ मिलकर १५ हजार चौरस फुट की प्लॉट क्र.६२०,शीट न.७६ को खरीदा।इस भूखंड का सनद नही है ,तो इसका रजिस्ट्री कैसे होगा, ऐसा प्रश्न दुसेजा ने भागीदारों को पूछा तो उन्होंने बताया कि वे इसका फर्जी सनद बनवाएंगे।ऐसा सुनने पर दुसेजा ने कहा कि ऐसा गलत काम वे नहीं करेंगे, और अपना पैसा वापस ले लिया ।इस भूखंड का सनद कैसे बना इसके लिए उन्होंने जिसकी जांच करने के लिए महसूल विभाग के अपर सचिव से इसकी शिकायत दर्ज कराई।इस शिकायत का दो वर्षों तक पीछा करने के बाद तत्कालीन उपविभागीय अधिकारी ने शासन को दिये गए जानकारी में सनद जांच के संदर्भ में पुणे के सीआइडी विभाग ने बताया है कि इस सनद पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए है।उसके बाद तहसीलदार उत्तम ने अपने आदेश पर इस भूखंड पर दो महीने पूर्व एक फलक भी लगवा दिया है इस विषय मे मोती दुसेजा ने बताया कि इस प्रकरण में दोषी पाए गए लिपिक प्रकाश गायकवाड़ और ईश्वरी पमनानी के विरुद्ध कोंकण विभागीय आयुक्त द्वारा जांच शुरू है।ऐसा होने पर भी दो महीने से ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय यह फर्जी सनद बनाने वाले किशन लाहोरी, घनश्याम तुनिया के विरुद्ध अपराध का मामला दर्ज करने में टाल मटोल कर रहे हैं।इसकारण ऐसा फर्जी सनद बनानेवाले मास्टरमाइंड सामने कैसे आएंगे, ऐसा प्रश्न दुसेजा ने उपस्थित किया है।इस प्रकरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है क्योंकि जलगांव के एक पूर्व विधायक के दबाव में आकर शासकिय अधिकारी यह मामलादर्ज करने में टालमटोल कर रहे हैं, ऐसा आरोप मोती दुसेजा ने लगाया है।
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