• विवादित वरिष्ठ लिपिक को सहायक आयुक्त पद देंने पर प्रशासन की हो रही किरकिरी !

    Reporter: fast headline india
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     विवादित वरिष्ठ लिपिक को सहायक आयुक्त पद देंने पर प्रशासन की हो रही किरकिरी !

    फर्जी सर्टिफिकेट देने के मामले चल रही है जांच !

    आरटीआई के दस्तावेजों से हुआ खुलासा !

    आठ सालों से हो रही मामले की जांच !


    उल्हासनगर- उल्हासनगर मनपा में वरिष्ठ लिपिक के तौर पर कार्यरत अलका पवार की नियुक्ति प्रशासन द्वारा सहायक आयुक्त पद पर की गई है| मनपा के बहु चर्चित मागासवर्गीय घोटाले में अलका पवार का नाम है, इस प्रकरण में अभी भी जांच शुरु है| जांच जब तक पुरी न हो जाए तब  तक पवार की पदोन्नति न की जाए, ऐसी मांग संजय पांडे ने किया है| 
    उल्हासनगर मनपा में २००५ में मागासवर्गीय भर्ती घोटाला हुआ था| यह भर्ती तत्कालीन उपायुक्त उत्तम लोणारे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ था| उल्हासनगर के स्व. पत्रकार विश्‍वास शेंडे द्वारा इस प्रकरण को उजागर करने के बाद एक जांच समिति द्वारा इस भर्ती प्रकरण में अनेक अनियमितता सामने आई थी| शेंडे नेे इस संदर्भ में लोकायुक्त से बात की थी, प्रकरण अंतिम दौर पर जब पहुंच रहा था तभी दुर्भाग्यवश शेंडे की मृत्यु हो गई थी| उल्हासनगर के समाज सेवक संजय पांडे ने फिर से इस प्रकरण को उजागर करने के लिए सूचना के अधिकार के अंंतर्गत जानकारी प्राप्त की| इस प्रकरण में वर्तमान सहायक आयुक्त अलका  पवार ने कल्याण स्थित अस्मिता विद्यालय में बतौर क्लर्क काम करने का प्रमाणपत्र उल्हासनगर मनपा में प्रस्तुत किया था| यह प्रमाण पत्र फर्जी है और अलका पवार ने कभी भी हमारे विद्यालय में काम नहीं किया है ,ऐसा अस्मिता विद्यालय के मुख्याध्यापक ने स्पष्ट किया है| सुचना के अधिकार द्वारा यह जानकारी मिली कि यह प्रमाणपत्र फाइल में से गायब किया गया था| इस प्रकरण की जांच अभी भी लंबित है इसलिए जब तक अलका पवार के संदर्भ में जांच पूरी न हो जाए तब तक अलका पवार को पदोन्नति न दी जाए,ऐसी मांग संजय पांडे ने की है|
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