• उमपा का मागासवर्गीय भर्ती घोटाले की जांच अंतिम चरण में !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा का मागासवर्गीय भर्ती घोटाले की जांच अंतिम चरण में !
    नकली प्रणाम पत्र देने वालो के गले पर लटकी कारयवाई की तलवार !

    उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा का बहुचर्चित मागासवर्गीय भर्ती घोटाले की जांच अंतिम स्टेज़ पर पहुंच गई है, ऎसी जानकारी सहायक आयुक्त संतोष जाधव ने कल सभागृह में दी । उल्हासनगर मनपा मे 2003 में 125 मागासवर्गीय कर्मचारियों की भर्ती हुई थी,तत्कालीन उपायुक्त उत्तमराव लोणारे,दत्ता भडकवाल, व सुरेश घोलप ये इस समय सेलेक्शन कमिटी में थे।इसमे अनेक कर्मचारियों द्वारा बोगस प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर नौकरी मिलने के लिए प्रशासन को धोखा देने का आरोप लगा है।
    वरिष्ठ समाजसेवक स्व. विश्वास झेंडे ने इस प्रकरण में छानबीन करने के बाद असीम गुप्ता की जांच समिति ने भी बोगस भर्ती होने की पुष्टि की थी।उसके बाद लोकायुक्त के सामने इस प्रकरण की जांच शुरू की गई थी।इस प्रकरण में विद्यमान सहायक आयुक्त अलका पवार का अनुभव प्रमाणपत्र बोगस हैं, ऐसा मालुम पड़ा है।नगरसेविका शुभांगी निकम ने कल लक्षवेधी लाकर प्रशासन से बोगस कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।अलका पवार पर कार्रवाई में टालमटोल हो रही हैं, ऐसे भी देखा गया है। मनपा के सहायक आयुक्त(सामान्य प्रशासन) संतोष जाधव ने कहा कि मागासवर्गीय भर्ती घोटाले की जांच अब अंतिम स्टेज़ पर है।सहायक आयुक्त अलका पवार द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र पर आक्षेप लिया जा रहा है, लेकिन भर्ती के समय इस पद के लिये अनुभव की आवश्यकता नहीं थी,ऐसा कहकर उन्होंने अलका पवार का बचाव किया है।इस प्रकार अगर सहायक आयुक्त अलका पवार को जाधव क्लीन चिट दे रहे हैं, तो उनके विरुद्ध मागासवर्गीय भर्ती घोटाले का आक्षेप क्यों लगाया जा रहा है, यह सब पवार को बचाने के लिए हो रहा है, ऐसा आरोप नगरसेवकों ने लगाया है
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