• 15 दिनों के अंतराल जीन्स कारखाने बंद करने का आदेश अन्यथा बिजली और पानी की आपूर्ति बंद !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर वालधुनी नदी प्रदूषित मामले में सुको का चला हथौड़ा ! 
     एनजीटी द्वारा निर्धारित की गई 100 करोड़ की दंड !

    राज्य सरकार अदा करेगी दो किश्तों में पैसा !

     जीन्स कारखाने बंद होने से 5 हजार मजदूरों पर लटकी बेरोजगारी की तलवार। 

    उल्हासनगर-अंबरनाथ तथा उल्हासनगर से कभी शुद्ध पानी के रूप में बहने वाली वालधुनी नदी बदलापुर, अंबरनाथ तथा उल्हासनगर की विविध केमिकल कंपनियों द्वारा छोडे जाने वाले रसायन युक्त पानी के चलतें अब एक दूषित नाले के रूप में तब्दील हो चुकी है, नदी को उसका पुराना वैभव दिलाने एवं इसके पानी से उल्हास नदी भी प्रदुषित न हो इसको लेकर वनशक्ति नामक एक एनजीओ द्वारा जारी लड़ाई के अब अच्छे परिणाम दिखाई देने लगे है।उच्चतम न्यायालय ने नगरविकास के प्रिंसिपल सचिव को 100 करोड़ भरने का निर्देश दिया है।वालधुनी कि स्वकछता को लेकर उमनपा ने शहर के 510 जीन्स कारखानों को नोटिस देकर 15 दिनों में बंद करने का आदेश दिया अन्यथा उनकी बिजली और पानी सप्लाई कट करने की चेतावनी दी है। एनजीटी के बाद अब देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट भी वालधुनी को लेकर सख्त हो गई है. मंगलवार को सुको में वालधुनी नदी के मुद्दे पर सुनवाई थीं, सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव सुमित मुलिक को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय हरित अधिकारण( एनजीटी ) ने कल्याण - डोंबिवली, उल्हासनगर मनपा, अंबरनाथ तथा बदलापुर नपा पर 95 करोड़ का जो दंड निर्धारित किया, उसको उन्हें भरना ही होगा और यदि वह स्थानिक स्वराज्य संस्थाए दंड की राशि भरने की स्थिति में नहीं है। तो वह राशि राज्य सरकार को भरनी पड़ेगी, सुको में उमनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर मौजूद थे। उनके मुताबिक मुख्य सचिव मुलिक को हामी भरनी पड़ी, राज्य सरकार को आगामी 60 दिनों के भीतर दो किश्तों में 100 करोड़ रुपए भरने होंगे, एक महीने के भीतर 50 करोड़ देने का लिखित आश्वासन मुलिक ने राज्य सरकार की ओर से दिया है. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मदन लुकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच में यह मामला चला। गौरतलब हो कि वनशक्ति नामक एनजीओ पिछले पांच साल से वालधुनी तथा उल्हास नदी की स्वच्छता व प्रदूषण की लड़ाई लड़ रहीं है, पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण ( एनजीटी ) पुणे में यह मामला चला और एनजीटी ने ऊक्त नपा व मनपाओं को इसका दोषी माना था, नदी को अच्छा साफ सुधरा बनाया जा सके तथा जिस औधौगिक क्षेत्र से प्रदुषित पानी नदी में आता है उसी क्षेत्र में ही दूषित पानी पर प्रक्रिया करने के लिए सीईटीपी बनाने एवं आवश्यक खामियों को पूरा करने के लिए ऊक्त राशि का इस्तेमाल करने के आदेश दिए थें, केडीएमसी, उल्हासनगर मनपा, अंबरनाथ तथा बदलापुर नपा ने पैसा न भरना पड़े इसलिए सर्वोच्च अदालत में गुहार लगाई थीं।वनशक्ति एनजीओ के अश्विन अघोर ने मंगलवार की शाम को बताया की सर्वोच्च अदालत ने जल्द से जल्द ऊक्त निधी से वालधुनी को साफ सुधरा बनाने के आदेश राज्य सरकार को दिए है, आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर ने बुधवार को पत्रकार परिषद में कहा कि अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है और सुको ने स्पस्ट निर्देश दिया है कि केमिकल (प्रदूषण) फैलाने वाली जीन्स कारखाने सहित एमआईडीसी की हद में चल रहे अवैध कंपनियों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए,सुको के आदेश पर आयुक्त ने शहर के 510 जीन्स कारखानों को नोटिस देते हुए 15 दिनों में जीन्स कारखाने बंद करने का आदेश दिया है,आयुक्त ने बताया कि 21 नवंबर को जीन्स कारखाना चालको की बैठक टाउन हॉल में 3 से 5 के दरम्यान बुलाई गई है,जहां उन्हें कारखाने तुरन्त बंद करने का निर्देश दिया जायेगा ऐसा नही करने पर कारखाना चालको के पानी और बिजली आपूर्ति बंद कर दी जायेगी।सुको के इस आदेश से जीन्स कारखानों में कार्यरत 5000 मजदूरों पर बेरोजगारी की तलवार लटकने लगी है।
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