• अक्ट्रोसिटी मामले हुआ चौकाने वाला खुलासा ! गवाह नही होने की वजह से पुलिस ने दिया था उमपा आयुक्त को क्लीन चीट!

    Reporter: fast headline india
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    अक्ट्रोसिटी मामले हुआ चौकाने वाला खुलासा !

    गवाह नही होने की वजह से पुलिस ने दिया था उमपा आयुक्त को क्लीन चीट! 

     राजेंद्र चौधरी क्यो बने गवाह ? 

     सहायक पुलिस आयुक्त की रिपोर्ट भेजी गई कल्याण कोर्ट ! 


    उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर पर आरपीआय नगरसेवक भगवान भालेराव ने जातिवाचक शब्द का उच्चारण करने का आरोप 6 जुलाई को लगाया था।जिसकी जांच उल्हासनगर के सहायक पुलिस आयुक्त विकास टोटावार ने किया था।आयुक्त के खिलाफ लगाये गए आरोप में पुलिस को कोई साक्षीदार नही मिला,जिसकी वजह से सहायक पुलिस आयुक्त ने जाँचो परांत आयुक्त पर लगे आरोपो को क्लीन चीट दिया था
    पुलिस रिपोर्ट में आयुक्त को मिली क्लीनचिट से बौखलाए नगरसेवक भालेराव को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा और न्यायपालिका के आदेश पर पुलिस ने आयुक्त पर अक्ट्रोसिटी का मामला दर्ज कर लिया, इस मामले में अब सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा बनाई गई रिपोर्ट समक्ष आने के बाद ऐसा व्यतीत हो रहा है कि कुछ नेता आयुक्त को अपने कोप भाजन का शिकार बनाने पर अमादा हो गए है।                   गौर तलब हो कि उमनपा में केबिन को लेकर आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर और आरपीआय नगरसेवक भगवान भालेराव आमने-सामने हो गए थे ,तब भालेराव ने आरोप लगाया था कि जब आरपीआय के विभिन्न पक्षो के गट नेताओ के लिए केबिन की मांग की गई तब आयुक्त ने कहा था कि उमनपा को "महारवाड़ा" नही बनाना है।6 जुलाई को हुए इस वाद-विवाद की लिखित शिकायत भगवान भालेराव ने सेंट्रल पुलिस से की थी।जब कि दो-तीन दिनों बाद ही रिपाई के विभिन्न गटो के गटनेताओ को केबिन मिलने के बाद यह मामला शांत हो गया था।युवराज भदाने को निलंबित करने के लिए दिया था पत्र उल्हासनगर महानगर पालिका के जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाने को विशेष अधिकारी (अतिक्रमण विभाग) से हटाकर निलंबित करने के लिए भालेराव ने 2 अगस्त को उमनपा आयुक्त निम्बाल्कर को लिखित पत्र दिया था,भालेराव के पत्र पर जब आयुक्त ने भदाने को नही हटाया तब एक बार वापस "महारवाड़ा" मुद्दा गरमा गया और उसी दिन भालेराव ने उमनपा आयुक्त के खिलाफ सहायक पुलिस आयुक्त विकास टोटावार के समक्ष सेंट्रल पुलिस स्टेशन में जवाब दर्ज करवाया था,उक्त जवाब में भालेराव ने कहा कि आयुक्त ने महारवाड़ा शब्द का उच्चारण किया और बाद में दिल गिरी व्यक्त की उसके बाद शिवसेना शहर प्रमुख राजेन्द्र चौधरी आयुक्त कार्यालय में आये और उनके सामने भी आयुक्त ने दिलगिरी व्यक्त की थी।भालेराव द्वारा पुलिस को दिए इस्टेटमेंट में पुलिस को कोई ठोस साक्षीदार नही मिला,नतीजतन सहायक पुलिस आयुक्त विकास टोटावार ने भालेराव की शिकायत पर आयुक्त को क्लीनचिट दे दी थी। आयुक्त के बचाव में उतरा मराठा समाज शिव प्रहार संघटना और मराठा समाज के प्रखर संजीव भोई पाटिल ने फेस बुक पर एक पोस्ट डाला है और उसमें स्पस्ट कहा कि उमनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर पर एट्रासिटी का जो आरोप लगाया गया वह बेबुनियाद है ऐसे बेबुनियाद आरोपो की जांच की मांग राज्य सरकार से करेंगे और यदि उमनपा आयुक्त को राजनीतिक द्वेष भावना का कोप भाजन बनाया गया तो मराठा समाज उनके पीछे शस्त्र की तरह खड़ा रहेगा,वही मावळा संघटना की महिला अध्यक्षा रुपाली पाटिल गुरुवार को ठाणे जिल्हा अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर से मिलेगी और उमनपा आयुक्त पर दर्ज किए गए  एट्रासिटी मामले को लेकर सविस्तार चर्चा करेगी,आयुक्त के पक्ष में मराठा लाबी के उतरने से मामला और भी गरमाता जा रहा है। मनपा कामगार संघटना आयुक्त के साथ खड़ी है ऐसा उल्हासनगर मनपा में कार्यरत अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, भारतीय कामगार महासंघ और लेबर फ्रंट इन तीनो संघटनाओं ने कहा कि आयुक्त के विरोध होने वाले आंदोलन वो शहभागी नही है ऐसा लिखित पत्र के द्वारा कही है !
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