• वालधुनी नदी प्रदूषण मामला , जुआड की राजनीति हुई शुरू !

    Reporter: fast headline india
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    वालधुनी नदी प्रदूषण मामला , जुआड की राजनीति हुई शुरू !

     जींस वाश कारखाने  के बिजली के कनेक्शन को काटना शुरू !

     जींस कारखाने वालों में मचा हड़कंप कामगार वर्ग पलायन की राह पर !

    उल्हासनगर- अंबरनाथ के ग्रामीण हल्के से उगम तथा उल्हासनगर आते आते नदी से नाले के रुप में तबदील हो चुकी स्थानीय वालधुनी नदी को प्रदूषित करने का सबब बने स्थानीय जींस वॉश के कारखानो का उमनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बाल्कर की मौजूदगी में बिजली के कनेक्शनों को काटने का काम महावितरण के कर्मचारियों ने शुरू कर दिया है,जिससे इस कारोबार से जुड़े सैकड़ो जींश व्यपारियो में हड़कंप मच गया है।
    देश की सर्वोच्च अदालत की फटकार एवं वालधुनी नदी के विकास के लिए राज्य सरकार को 100 करोड़ की राशि भरने के कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद स्थानीय मनपा प्रशासन ने वालधुनी नदी को साफ सुधरा व स्वच्छ बनाने की पहल शुरू कर दी है। मनपा ने जींस कारखानों को बंद करने की नोटिस जारी की है, इसी के चलते इस परिसर को बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी महावितरण ने जींस की धुलाई करने का काम करने कारखानों की बिजली आपूर्ति खंडित करने का काम कल सुबह से शुरू किया है।विद्युत आपूर्ति खंडित करने के बाद जलापूर्ति भी खंडित करने का आदेश उमनपा आयुक्त ने दिया है।गौर तलब हो कि विगत दिनों शहर के टाउन हॉल में जींश वास कारखाने वालो की बैठक बुलाई गई थी जिसमे उमनपा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।उस दरम्यान अनुपस्थित उमनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर ने मोबाइल कांफ्रेसिंग के जरिये जींश व्यपारियो को संबोधित किया था।                        बुधवार को आयुक्त द्वारा बड़े पैमाने पर जींश वाश व्यपारियो पर कार्यवाही शुरू करने से हड़कंप मच जींश वाश व्यापारियों ने यूटीए कैम्प पाँच के अध्यक्ष दिनेश लहरानी,शैलेश तिवारी,पीयूष वाघेला,विवेक राय के नेतृत्व में सैकड़ो व्यापारी टीओके नेता ओमी कालानी से मिले ,व्यापारियों के शिष्टमंडल के साथ ओमी कालानी,नगरसेवक राजेश वदारिया ने आयुक्त से मुलाकात की, जींश वाश व्यापारियो ने आयुक्त को अस्वस्त करते हुए कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर गंदे पानी को फिल्टर करने के बाद ही वालधुनी में छोड़ा जायेगा, इस पर आयुक्त ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय का होने की वजह से राज्य सरकार से अनुमति लेने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है,तब तक एक फेस विद्युत खंडित पर रोक लगाने का अश्वाशन आयुक्त ने शिष्टमंडल को दिया।
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