• उल्हासनगर का डीपी प्लान बिल्डर होगे मालामाल, गरीबो के छीनेगे आशियाना ?

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    उल्हासनगर का डीपी प्लान बिल्डर होगे मालामाल, गरीबो के छीनेगे आशियाना ?

     रिंगरूट की चौड़ाई से बढ़ी नाराजगी लाखों बेघर और बेरोजगार होने के आसार से मचा हड़कंप !

    पॉलिटिशियन के चक्रव्यूह में फंसा डी पी प्लान !

     उल्हासनगर-उल्हासनगर शहर के विकास के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण विकास प्रारूप अर्थात उल्हासनगर के डेवलपमेंट प्लान को मंजुरी मिलने जा रही है, अंतिम प्रक्रिया के तौर पर नागरिकों की जानकारी के लिए मनपा मुख्यालय में नए डीपी की प्रिंट सार्वजनिक की गई है. भले ही शहर का विकास डीपी से निश्चित होता है लेकिन प्रस्तावित डीपी को लेकर अनेक राजनीतिक दल असमंजस की स्थिति में कुछ इसमें फेरबदल चाहते है, तो किसी का कहना है विकास चाहिए पर किसी बेघर बेरोजगार नहीं. सबसे ज्यादा परेशानी शहर के रिंगरुट से होने जा रही है. नए डीपी में रिंगरूट 120 फूट का दर्शाया गया है, इससे हजारों मकान व दुकाने टूटेगी लाखों बेघर बेरोजगार हो जायेगे, मैदानों की जगह को रिहायशी करने आदि भी विरोध का सबब बने हुए है.
    डीपी नजर दौड़ाई जाए तो एक तरह से बड़े लोगों को और बड़ा बनाने का इंतजाम संबंधित महकमे ने किया है.43 साल के लंबे अंतराल के बाद शहर के विकास प्रारूप को मिली मान्यता मिलने जा रही है, उल्हासनगर मनपा का कार्यक्षेत्र 13 वर्ग किलोमीटर में फैला है तथा इस शहर की जनसंख्या लगभग 10 लाख के करीब है. इससे पहले 1974 में शहर का डीपी बना था, तब यह नगरपालिका थीं, उसके बाद एमएमआरडीए के माध्यम से शहर विकास प्रारूप बनाया लेकिन तकनीकी कारणों के चलते वह कार्यान्वित नहीं हो पाया. राज्य सरकार ने डेढ़ साल पहले नया डीपी बनाया था एवं इसी साल अप्रैल में राज्य सरकार ने इस डीपी का अध्यादेश निकाला है. कुछ महीने पहले हुए मनपा के आम चुनाव में लगभग सभी राजनीतिक दलों ने इस विषय को चुनावी मुद्दा बनाया था, भाजपा ने लोगों को तब आश्वासन भी दिया था कि मनपा में सत्ता बनाकर दीजिये डीपी एक महीने में मंजूर होगा, नए डीपी में 322 आरक्षण दर्शाए गए है, उल्हासनगर 1, 2 तथा 3 में एक भी खेल के मैदान का प्रावधान नहीं किया गया है.

     * डीपी को लेकर प्रतिक्रियाएं *

     * इस मुद्दे पर जब फस्ट हेडलाइन इंडिया ने मनपा में सत्तारूढ़ दल भाजपा के जिलाध्यक्ष कुमार आयलानी से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी डीपी की प्रिंट आई है इस पर पार्टी अध्धयन कर रहीं है और शहर के हित जो होगा उसका स्वागत किया जाएगा, आयलानी के अनुसार पार्टी शहर का विकास चाहती है लेकिन किसी को उजाड़ कर विकास की वह पक्षधर नहीं है.

     * शिवसेना के शहर प्रमुख व मनपा के वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र चौधरी का कहना है कि प्रस्तावित डीपी में शहर के रिंगरुट की चौड़ाई 120 फुट दर्शायी गई है जबकि मनपा की महासभा में जब यह विषय आया था तब आम सहमति से रिंगरूट की चौड़ाई 80 फुट निर्धारित की गई थी एवं राज्य सरकार के संबधित महकमे को मनपा का प्रस्ताव भी भेज दिया था. फिर यह किसके इशारे पर हुआ है, चौधरी का कहना है कि रिंगरूट से लाखों बेघर और बेरोजगार हो जाएगे, जिसका शिवसेना विरोध करेगीं, चौधरी ने कहा कि राज्य के इतिहास में शायद उल्हासनगर का पहला डीपी होगा जो किश्तों में पास होगा, उन्होंने कहा कि डीपी के साथ ही नियम भी तय किये जाते है जो उल्हासनगर के लिए नहीं किये गए है.
    * उल्हासनगर शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जयराम लुल्ला ने कहा कि सत्तारूढ़ दल भाजपा शहर की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है, राज्य व केंद्र में तीन सालों से सत्ता होने के बावजूद स्थानीय केबी रोड का काम वह नहीं कर सकी है, इसमें प्रभावित हुए दुकानदारों के पूर्ववसन का विषय भी अधर में लटका हुआ है, मनपा का नगररचना विभाग अधिकारी के बिना यूं ही चल रहा है वहा 8 महीने से कोई टीपी नहीं है, कांग्रेस नेता लुल्ला का कहना है सत्तापक्ष सिर्फ घोषणा बाजी कर शहरवासियों को गुमराह करने में लगें है.

     * मनपा के उपमहापौर व साईं पार्टी के प्रमुख जीवन इदनानी ने नए डीपी को खामियों वाला डीपी बताया, इदनानी ने कहा कि जहां वर्षो से बस्ती बसी है नए डीपी में उस जगह पर आरक्षण निर्धारित किया गया है जो संभव नहीं उसको करने की बात महकमे द्वारा की जा रही है जिसका का में समर्थन नहीं करूगां 

     * सिंधुनगर व्यापारी मंडल के अध्यक्ष बच्चाराम रूपचंदानी भी नए डीपी को लेकर खासे नाराज है उन्होंने कहा की वीटीसी से जो प्रस्तावित रिंगरूट है उसमें घर के बजाए पचासों बिल्डिंगे भी प्रभावित होगी तथा शिवाजी चौक से रेलवे स्टेशन, कैम्प क्रमांक 5 में प्रभाराम मंदिर से ओटी की सड़क को 80 फुट का दिखाया गया है इसमें भी हजारों दुकानदार रास्ते पर आजायेंगे.
  • No Comment to " उल्हासनगर का डीपी प्लान बिल्डर होगे मालामाल, गरीबो के छीनेगे आशियाना ? "