• उल्हासनगर शहर के प्रदूषण के लिए मनपा प्रशासन जिम्मेदार महासभा में नगरसेवकों ने लगाया आरोप

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर शहर के प्रदूषण के लिए मनपा प्रशासन जिम्मेदार महासभा में नगरसेवकों ने लगाया आरोप 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा क्षेत्र में जलप्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का प्रमाण बढ़ गया है लेकिन मनपा प्रशासन नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ कर रही हैं, ऐसा आरोप कल के सर्वसाधारण सभा में नगरसेवकों ने लगाया है।उल्हासनगर शहर के सभी रास्तों को खोदा गया है और रास्तों के खड्डे बंद नही किए जाते, जिसकारण बड़े पैमाने पर धूल के कण हवा में फैल जाते हैं, जिससे लोगों को दमा, अस्थमा और टीबी जैसे रोगों का प्रमाण बढ़ रहा है, ऐसा आरोप भाजपा नगरसेवक जमने पुरुस्वानी ने लगाया है।
    कल शहर के पर्यावरण के संदर्भ में हो रही चर्चा शुरू होने पर जमने पुरुस्वानी ने ऐसा आरोप लगाया।शिवसेना नगरसेवक धनंजय बोडारे ने जब शहर अभियंता राम जयसवाल से पूछा कि ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण का औसत कितना रहना चाहिए, तो राम जायसवाल इसका जवाब नहीं दे सके।बोडारे ने कहा कि पर्यावरण की जो रिपोर्ट पेश की गई है, इससे कई गुना ज्यादा शहर में प्रदूषण है।एवरेज पॉल्युशन इंडेक्स नापने के यंत्र मनपा के पास नहीं है।कुछ वर्षों पहले चाँदीबाई कॉलेज और श्रीराम चौक पर यह यंत्र बिठाया गया था, लेकिन वह भी बंद पड़ी है।प्रदूषण रोकने के लिए अभी तक कोई उपाय या योजना मनपा ने नही बनाया है, ऐसा आरोप बोडारे ने लगाया है।शिवसेना नगरसेविका ज्योति माने, ज्योत्सना जाधव,नगरसेवक सुमित कांबले ने आरोप लगाया कि अनेकों विभाग में जलवाहिनी टूटी हुई है, जिस कारण लोगों को दूषित पानी पीना पड़ता है।शहर का वायु प्रदूषण कम करने के लिए शहर के नागरिकों को सायकिल का इस्तेमाल करें, अनावश्यक होर्न न बजाए, सार्वजनिक व निजी कार्यक्रम में डीजे का उपयोग न करें, ट्रैफिक काम करने के संदर्भ में उपाय करने का सूचना, इस विषय पर नगरसेवक किशोर वनवारी ने मनपा के अधिकारियों और नगरसेवकों को सबसे पहले सायकिल चलाने की शुरुआत करने की सलाह दी। शहर के विकासकार्य के लिए निधि उपलब्ध कराने की मांग जब कुछ नगरसेवकों ने की तो मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर ने कहा कि मनपा की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, इस बार का बजट बड़े घाटे का बजट जाएगा।अगर मनपा की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है तो आयुक्त अपने एट्रोसिटी के मुकदमे के लिए मनपा से क्यों1 खर्चे की मांग कर रहे हैं, ऐसा प्रश्न शिवसेना नगरसेवक अरूण आशान ने उपस्थित किया।इस प्रश्न के कारण आयुक्त निंबालकर नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि महानगरपालिका अधिनियम ४८१के अनुसार मुझे इस प्रकार का खर्च करने का अधिकार है,और अगर तुम इस मामले में ज्यादा गहराई तक जाओगे तो तुमको यह बहुत महंगा पड़ेगा,ऐसी चेतावनी अरुण आशान को दी है !
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