• उल्हासनगर वालधुनी प्रदूषण मामला छुटभैय्ये नेताओ में लगी मसीहा बनने की होड़ !

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    उल्हासनगर वालधुनी प्रदूषण मामला छुटभैय्ये नेताओ में लगी मसीहा बनने की होड़ ! 

     जींस वॉश कारोबारियों को महाराष्ट्र के राज्यमंत्री ने दिया दिलासा. सर्वोच्च अदालत के आदेश का होगा पालन ! 

     प्रशासन के कार्यवाही के बाद स्थानिक नेता जीन्स कारखानों को लेकर चमकाने में जुटे राजनीति। 

    उल्हासनगर- सुप्रीम कोर्ट के कठोर आदेश के बाद मनपा प्रशासन जहाँ गम्भीर हो गयी है और आयुक्त के आदेश पर जहां बिजली विभाग ने जीन्स कारखानों की बिजली कनेक्शन खंडित कर दी गयी है। वही जीन्स वास कारखानों को राजनीतिक संरक्षण देने की भी परिक्रिया शुरू हो जाने से प्रशासन दबाव में आता नजर आने लगा है। स्थानिक नेताओ द्वारा गत सप्ताह आयुक्त को मिलकर कारखानों को बन्द होने से बचाने के लिए कोई रास्ता निकालने की मांग की गई थी। पर सफलता मिलते नही देख हैरान परेशान नजर आने लगे है ।बता दे की वर्षो से चल रहे जीन्स वाश कारखानों के कारण शहर की वालधुनी नदी में फैल रही गन्दगी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शासन को कारखाने बन्द करने का आदेश दिया है।मनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर बखूबी अदालत के आदेश का पालन करते हुए विभागीय अधिकारियों के साथ तीव्र कार्यवाही भी शुरू कर कारखानों की बिजली खण्डित करा दी है।जिसके चलते कारखाने बन्द होने की कगार पर आने से कारखानों में काम करने वाले कामगार भी पलायन करना शुरू कर दिये है। वही जीन्स कारखानों को लेकर शुरू हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया में प्रशासन दबाव में आता नजर आने लगा है।बताया जारहा है की आगामी लोकसभा विधानसभा चुनाव को देखकर बड़े पैमाने पर जीन्स मतदाताओं को रिझाने की पहल स्थानिक कुछ नेताओं के माध्यम से शुरू कर दिया गया है।
    और उन्हें संरक्षण देने की भी बात कही जाने लगी है ।जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर के कुछ छुटभैया नेता जीन्स कारखानों को लेकर राज्य सरकार स्तर के नेताओ मंत्रियो को बुलाकर अपनी राजनीतिक छबि चमकाने में जुट गये है। जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने जीन्स कारखानों को बन्द करने का आदेश देकर हड़कम्प मचा रखा है।और मनपा आयुक्त अदालत के आदेश का शतप्रतिशत पालन करने की बात कहकर कार्यवाही में लगे है।तो वही स्थानिक राजनीति से जुड़े कुछ लोग जीन्स कारखाना वालो को अपने अपने झांसे में लेकर अलग अलग मीटिंग करने लगे है।और उन्हें प्रशासन से बचाने का ढांढस देने में मसगुल दिखने लगे है। प्राप्त जानकारी अनुसार स्थानिक कुछ नेताओं के द्वारा पूरी मेहनत करने के बाद जब प्रशासन के कठोर तेवर के आगे कामयाबी हासिल नही हो सकी तो रविवार को उल्हासनगर 5 स्थित पूज्य चालिहा साहेब मन्दिर के हाल में यूटीए के उल्हासनगर 5 अध्यक्ष दिनेश लहरानी, शैलेश तिवारी, पीयूष वाघेला, महेश मूलचन्दानी, विवेक राय के नेतृत्व में जींस के कारोबार से जुड़े व्यवसायियों की एक बैठक का आयोजन किया था जिसमे राज्यमंत्री रविन्द्र चव्हाण को बुलाया गया था। कार्यक्रम में शामिल हुए चव्हाण ने लोगों को आश्वासन दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट का है इसलिए सरकार जो भी निर्णय लेगी वह कानून के दायरे में ही लेगी, ।इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करेंगे, ।जिससे लाखों लोग वर्षो से रोजगार से जुड़े लोग वंचित नही हो।. बैठक को टीओके नेता ओमी कालानी,भाजपा जिला अध्यक्ष कुमार आयलानी, नगरसेवक राजेश वदारिया, समेत अन्य लोगो ने भी मौजूद लोगों को संबोधित किया, जहाँ पर बड़ी संख्या में जींस के धंदे से जुड़े व्यापारी उपस्थित थें. गौरतलब हो कि देश की सर्वोच्च अदालत की फटकार एवं वालधुनी नदी के विकास के लिए राज्य सरकार को 100 करोड़ की राशि भरने के कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद स्थानीय मनपा प्रशासन ने वालधुनी नदी को साफ सुधरा व स्वच्छ बनाने की पहल शुरू कर दी है.मनपा ,की नोटिस के बाद पिछले 10 दिन से जींस वॉश कारखानों के बिजली कनेक्शन खण्डित किये जाने से कारखानों का काम पूरी तरह बंद है. जिसे पुनः जीवित करने को लेकर उल्हासनगर में अदालत के आदेश और मनपा समेत सम्बंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही किये जाने के बाद भी स्थानिक स्तर पर राजनीति शुरू हो गयी है।
  • No Comment to " उल्हासनगर वालधुनी प्रदूषण मामला छुटभैय्ये नेताओ में लगी मसीहा बनने की होड़ ! "