• डीपी प्लान की कमियां जबतक दूर नही होती इस प्लान को रद्द किया जाय -स्थाई समिति चेयर कंचन लुंड

    Reporter: fast headline india
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     डीपी प्लान की कमियां जबतक दूर नही होती इस प्लान को रद्द किया जाय -स्थाई समिति चेयर कंचन लुंड 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगरपालिका में गुरुवार की महासभा में स्थाई समिती सभापती कंचन अमर लुंड ने शहर हित को देखते हुए डेवलपमेंट प्लान (डीपी) का विरोध किया इसके साथ उन्होंने कुछ अहम मुद्दे पर सवाल भी उठाएं जिसमें था शहर के पहले डीपी प्लान 1974 में जो एरिया रेसिडेंशियल ज़ोन का कुल ज 536 हेक्टर था जिसको घटाकर 513 हेक्टर कर दिया गया है यह बात बिल्कुल शहर हित में नही है बता दे कि 1974 में उल्हासनगर की जनसंख्या 1लाख 68 हजार462 लोगों की थी और अब करीब करीब 7 लाख से ज्यादा लोग शहर में रहते हैं इसको देखते हुए रेसीडेंस जोन ज्यादा होना चाहिए था उसको कम कर दिया है दूसरे आरक्षण जो कम होने चाहिए था उसको ज्यादा किया गया है! 2005 में सभी अवैध बांधकाम रेगुलाईज करने का स्पेशली उल्हासनगर शहर के लिए ऑर्डिनेंस 2006 एक्ट के अनुसार लाया गया था जिसमें कई प्रॉपर्टीज को लीगल किया गया था तो सवाल यह है कि आज उन प्रॉपर्टी के ऊपर नए रिजर्वेशन कैसे लगाया जा सकता हैं और मनपा द्वारा प्लान देकर बनाइ गई नई इमारतों को नजर अंदाज करते हुए उन्ही एरिया से नए रोड़ की बनाने की मंजूरी इस नए डेवलपमेंट प्लान में दिया गया है इसको देखते हुए यह पता लगता है कि यह जिस एजेंसी ने शहर का डीपी प्लान बनाया है उसने इस शहर का सही सर्वे ठीक ढंग से नहीं किया है 
    और उसने सभी चीजों को नजरअंदाज करके सिर्फ ऑफिस में बैठ कर अपना काम किया है जिसकी वजह से शहरवासियों को बड़ी मुसीबत का सामना करना आने वाले समय में करना होगा इसी को ध्यान में रखते हुए हमनें अपना विरोध जताते चिंता जताई उन्होंने सभागृह में कहा कि आज उन्होंने रास्तों पर मोर्चे बाइक रैली डीपी प्लान के विरुद्ध देखी और उन्होंने विशेष तौर पर पुणे महानगरपालिका मैं जब डीपी प्लान लागू हुआ था उस समय ग्राउंड रियलिटी और डीपी में जमीन आसमान का फर्क था इक्जेसिंग ग्राउंड एंड गार्डन की रिजर्वेशन को चेंज किया था और रेजिडेंशियल जॉन को ग्रीन जोन में डाला गया था इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने इस डीपी को रद्द करने का आदेश दिया था तो फिर उल्लासनगर के डीपी को रद्द क्यों नहीं किया जाए ऐसे ही हमारे डीपी में दिख रहा है ग्राउंड रियलिटी और डीपी में जमीन आसमान का फर्क है इक्जेसिंग ग्राउंड और गार्डन की रिजर्वेशन को चेंज किया है और रेजिडेंशियल जोन को ग्रीन जोन में डाला गया है हमारा शहर एक व्यापारी वर्ग वाला शहर माना जाता है इस डीपी में बहुत सारे मार्केट जैसे कि 17 सेक्शन का मोबाइल बाजार उल्हासनगर 4 और 5 का मेन बाजार गाउन बाजार जापानी बाजार इन को बहुत सारा नुकसान होने के आसार दिख रहे हैं और उन्होंने बताया कि हमारे महानगरपालिका के पास ऐसी कोई पॉलिसी तैयार नहीं है जो कि उन दुकानदारों को या घरों को पुनरवसन के लिए कोई जगह दे पाए आज तक के बी रोड में जिन लोगों की प्रॉपर्टी ओ को तोड़ा गया था वह लोग आज भी अपने फाइल लेकर महानगरपालिका के चक्कर काट रहे हैं आज तक उन को इंसाफ नहीं मिल रहा है और उन्होंने कहा कि हम इस डीपी के खिलाफ नहीं हैं हम विकास के खिलाफ नहीं है हम खिलाफ हैं उन गलतियों के जो इस डीपी में की गई हैं उन्हें सुधारा जाए या तब तक डीपी रद्द किया जाए !
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