• उल्हासनगर के विकास प्रारूप (डीपी प्लान) सर्व सम्मति से महासभा ने किया रद्द !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर के विकास प्रारूप (डीपी प्लान) सर्व सम्मति से महासभा ने किया रद्द !

     महासभा में सत्ता और विपक्ष द्वारा लिया गया निर्णय का फैसला करेंगे मुख्यमंत्री !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर में 44 वर्षो बाद लागू किया गया उल्हासनगर विकास प्रारूप (डेवलपमेंट प्लान) शहर के हित मे नही होने की वजह से विभिन्न पक्षो के नेताओ सहित सामाजिक संगठना,व्यापारियों व रहिवाशियो ने विनाशकारी डीपी को रद्द करने की मांग को लेकर जद्दोजहद कर रहे थे
    महाराष्ट्र सरकार ने उल्हासनगर शहर के लिए लागू किये डेवलपमेंट प्लान पर चर्चा करने के लिए विशेष महासभा बुलाई गई थी . इस नए डीपी प्लान में दिए गए आरक्षण, रिंग रोड, ग्रीन झोन , रेसिडेंशल झोन इस पर नागरिक , राजकीय नेता ,सामाजिक संघटनाओ ने विरोध किया था . बिल्डरो के फायदे और गरिबो के बसेरो को उध्वस्त करने वाला यह डेवलपमेंट प्लान है ऐसा आरोप , शिवसेना , रिपाई , पीपल्स रिपब्लिकन, भारिप बहुजन महासंघ, काँग्रेस , राष्ट्रवादी काँग्रेस व अन्य पार्टियों किया था . विकास आराखडा विरोधी मंच और सामाजिक संघटनाओ ने भी इसको लेकर शहर भर में कई आंदोलने किया था . दुसरी तरफ भाजपा, साई पक्ष , टीम ओमी कलानीइन पार्टियों ने भी इस डीपी प्लान ज्यादा विरोध नही किया परन्तु स्थायी समिती सभापती कांचन लुंड व साई पार्टी के नगरसेवक शेरी लुंड इन्होंने शुरू से ही इस डेवलपमेंट प्लान का विरोध किया था . 
    महापौर मीना आयलानी आयुक्त राजेंद्र निंबाळकर इन्होंने विकास आराखडा (डीपी )व क्लष्टर डेव्हलपमेंट शहर के कैसे फायदे का है ये बताकर लोगो समझाने का प्रयाश किया था . शिवसेना के राजेंद्र चौधरी, धनंजय बोडारे, अरुण आशान, रमेश चौहान, रिपाई के भगवान भालेराव , प्रमोद टाले , काँग्रेस की नगरसेविका अंजली साळवे इन्होंने डीपी प्लान रद्द करने की मांग करते हुए विशेष महासभा बुलाने की मांग किया था . जिसके बाद बुधवार को महासभा का आयोजन किया गया था .    बुधवार की महासभा का लाइव प्रसारण लोकल चैनल पर किया जिससे आम जनता को भी पता चले कि इस महासभा में डीपी प्लान पर किसकी क्या रॉय है जनता देख सके इस वजह से कोई भी पार्टी जनता की नजरों में खलनायक नही बनना चाहती थी . यही कारण था कि सभा की शुरुआत में ही महापौर मीना आयलानी ने कहा कि राज्य सरकारने किसी तरह के बिना विचार करते हुए ये नया डीपी प्लान को शहर पर लादने का काम किया है . इस डीपी की वजह से शहर के अनेक गोरगरीब जनता के घर उध्वस्त हो जायेगे , सेंच्युरी कंपनी और उनके कर्मचारियों के घर इसमें तबाह हो सकते है .  ऐसा बोलते हुए महापौर ने डीपी प्लान पर अपना पक्ष रखते हुए अपनी राज्य सरकार निशाना साधने का काम किया है यह सिर्फ डीपी प्लान को रद्द करने का श्रेय लेने के लिए किया . शिवसेना, रिपाई व अन्य विरोधी पार्टियों के नगरसेवकों के बोलने को न मिले इस लिए खुद ही इस डीपी प्लान को रद्द करने का प्रस्ताव सदन लाकर रख दिया . इसी वजह से सत्ताधारी और विरोधी पार्टियों ने एक दूसरे के विरुद्ध नारे बाजी किया . और आखिरकार बहुमत से डीपी प्लान को रद्द करके इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जाएगा . 
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