• किसानों की जमीनें खरीदना भाजपा मंत्री का धंधा’ !

    Reporter: fast headline india
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    किसानों की जमीनें खरीदना भाजपा मंत्री का धंधा’ !

    राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने लगाए सनसनीखेज आरोप !

     मुंबई- धुले जिले की शिंदखेडा विधानसभा सीट से विधायक और राज्य के पर्यटन मंत्री जय कुमार रावल पर राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। राकांपा प्रवक्ता ने कहा कि धुले जिले में जहां पर भी कोई सरकारी परियोजना मंजूर होती हैं वहां किसानों से कौडियों के भाव जमीन खरीदकर उसी जमीन का सरकार से मोटा मुआवजा कमाना मंत्री जयकुमार रावल का धंधा है। राकांपा प्रवक्ता ने यह आरोप मंत्रालय में जहर खाने वाले किसान धर्मा पाटील की मौत के बाद लगाए। 
    बता दें कि धर्मा पाटील भी शिंदखेडा का ही रहने वाला है। राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि शिंदखेडा में जिस सौर ऊर्जा परियोजना के लिए किसान धर्मा पाटील ने अपनी जान दी उसी गांव में जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद रावल ने किसानों से उनकी जमीन खरीदी। मलिक ने कहा कि शिंदखेडा परिसर में 2009 में जमीन अधिग्रहित की गई। कानूनन अधिसूचना जारी होने के बाद कोई जमीन नहीं खरीद सकता। बावजूद इसके मंत्री जय कुमार रावल ने 1.76 हेक्टेयर जमीन 20 अप्रैल 2012 को 2 लाख 83 हजार रुपये में खरीद ली। सवाल यह है कि सौर ऊर्जा परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित किए जाने की अधिसूचना जारी होने के बाद भी रजिस्ट्रार ने इस खरीद के दस्तावेज तैयार किए। इस गैरकानूनी जमीन खरीद फरोख्त की जांच होनी चाहिए। रावल ने रद्द कराई मीटिंग मलिक ने आरोप लगाया कि 80 साल के बुजुर्ग किसान धर्मा पाटील अपनी जिस जमीन के मुआवजे के लिए 22 जनवरी को मंत्रालय आए थे, उसके बारे में ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के दफ्तर में बैठक होनी थी। धर्मा पाटील उसी बैठक में अपना पक्ष रखने आए थे, परंतु वह बैठक रद्द कर दी गई। इसी बात से निराश होकर धर्मा पाटील ने आत्महत्या कर ली। मलिक ने आरोप लगाया कि यह बैठक भी पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने ही रद्द कराई थी। 4 एकड़ का 1 करोड़ मुआवजा नवाबब मलिक ने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन कौड़ी के भाव खरीद कर उसे करोड़ों में बेचने का धंधा रावल का है। उन्होंने कहा कि 2006 में पंचरत्ना रावल के नाम पर बहाणे गांव में 4 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई बाद में इसी जमीन के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा लिए जाने के सबूत हमारे पास हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, जिला पुलिस अधीक्षक और एसीबी में भी की गई है, लेकिन भाजपा सरकार आते ही रावल के खिलाफ जांच रोक दी गई है। रावल के पास 800 एकड़ जमीन राकांपा प्रवक्ता मलिक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 1976 के 'लैंड सीलिंग ऐक्ट' के तहत कोई भी व्यक्ति 50 से 52 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं रख सकता, लेकिन मंत्री जय कुमार रावल ने अपने ही परिवार के लोगों को अलग-अलग परिवार दिखाकर दोंडाई में 800 एकड जमीन जमा कर रखी है।

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