• उल्हासनगर में सनद के फर्जीवाड़े का सनसनी खेज खुलासा ? १५ साल के लड़के को मिली लाखों रुपए की जमीन की सनद !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर में सनद के फर्जीवाड़े का सनसनी खेज खुलासा ?
     १५ साल के लड़के को मिली लाखों रुपए की जमीन की सनद !

    S, D, O कार्यालय के लिपिक प्रकाश गायकवाड़ और ईश्वरी पमनानी का कोंकण विभागीय आयुक्त के पास हो रही है जांच  !

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में लगभग ३० करोड़ रुपए के कीमती भूखण्ड की सनद घोटाले में मुख्य भूमिका निभाने वाले सेवलदास बिजलानी को १५ वर्ष की उम्र में सनद मिलने की बात सामने आई है।१५ वर्ष के कम उम्र में सेवलदास को महाराष्ट्र जमीन महसूल कानून के अंतर्गत भूखंड की सनद मिल सकती है क्या?,ऐसा प्रश्न निर्माण हो गया है।
    व्यापारी मोती दुसेजा ने २०१४ में घनश्यामदास तुनिया, किशन लाहोरी, राजेश गुरदासमल दुदानी, मुकेश गुरदासमल दुदानी, चंदा लालचंद चावला के साथ मिलकर१५ हजार चौरस फुट के प्लॉट क्रमांक ६२०,शिट नंबर ७६ को खरीदी किया।यह प्रोपर्टी रजिस्टरी करते समय इस प्रॉपर्टी का सनद नही था,तो इसकी रजिस्टरी कैसे हो सकती है, ऐसा प्रश्न जब दुसेजा ने भागीदारों को पूछा तो उन्होंने बताया कि इस भूखंड का बोगस सनद बनाएंगे।दुसेजा को कोई गलत कार्य नहीं करना था,इसलिए उन्होंने भागीदारों से पैसा वापस ले लिया और इस भूखंड का सनद कैसे बना,इसकी जांच के लिए महसूल विभाग के अपर सचिव के पास शिकायत की।इस शिकायत का दुसेजा ने दो वर्षों तक फॉलो अप करने के बाद तत्कालीन उपविभागीय अधिकारी ने द्वारा शासन को दिए गए रिपोर्ट के संदर्भ में पुणे के सी आई डी विभाग ने सनद पर फर्जी हस्ताक्षर होने की पुष्टी की।उसके अनुसार तहसीलदार उत्तम कुंभार के आदेश के अनुसार इस भूखंड पर दो महीने भर पहले बोर्ड लगाया गया। इस विषय में मोती दुसेजा ने बताया कि इस प्रकरण में दोषी पाए गए लिपिक प्रकाश गायकवाड़ और ईश्वरी पमनानी का कोंकण विभागीय आयुक्त के पास जांच शुरू है।इस प्रकरण में ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय ने २६ अक्टूबर २०१७ को बोगस सनद बनाने वाले किशन लाहोरी, घनश्यामदास तुनिया आदि दोषियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।आखिर कार मीडिया के दबाव के बाद १०नवंबर को प्रान्त अधिकारी जगतसिंग गिरासे ने घनश्यामदास तुनिया, किशन लाहोरी, राजेश गुरदासमल दुदानी, मुकेश गुरदासमल दुदानी, चंदर चावला, सेवलदास बिजलानी, और भागीबाई बिजलानी के विरुद्ध मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पांच आरोपियों को अंतरिम जमानत मिल गई हैं। इस प्रकरण में सेवलदास बिजलानी और उनकी पत्नी भागीबाई के नाम से बना सनद फर्जी होने का दावा करने का श्रेय मोती दुसेजा का है। दुसेजा ने बताया कि सेवलदास बिजलानी ने उल्हासनगर क्राइम ब्रांच को दिए गए जवाब में अपना जन्म पाकिस्तान में १अक्टूबर १९४८ का बताया है।सेवलदास केवल १२ वर्ष के थे,तभी १९६० में बोगस सनद बनाये गए भूखंड का क्लेम किया था और १९६३ में १५ वर्ष के थे,ऐसा दर्ज कराया गया है।यह बात सनद बोगस है,ऐसा जाहिर होता है।इस प्रकरण में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ए. एस.गडकरी के समक्ष सेवलदास और उनकी पत्नी भागीबाई के ज़मानत पर गुरुवार को सुनवाई होनेवाली है।७२वर्षीय सेवलदास को तत्काल पुलिस के कब्जे में लेकर इस प्रकरण में बोगस बनाने वाले कौन है, यह सामने आने पर सैकड़ों करोड़ो रूपये के उल्हासनगर में भूखंड घोटाले के सामने आने की संभावना है, ऐसा मोती दुसेजा ने बताया है। इस संदर्भ में उपविभगीय अधिकारी जगतसिंग गिरासे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र जमीन महसूल कानून के अंतर्गत जमीन का क्लेम करने के लिए१८ वर्ष आवश्यक है।सेवलदास के सनद के संदर्भ में जब गिरासे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह सनद विवादित है, ऐसा बताया।
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