• मनपा आयुक्त द्वारा कोणार्क रेसीडेंसी प्रोजेक्ट के दरवाजे पर लगाया गया नोटिस बोर्ड हुआ चोरी !

    Reporter: fast headline india
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    मनपा आयुक्त द्वारा कोणार्क रेसीडेंसी प्रोजेक्ट के दरवाजे पर लगाया गया नोटिस बोर्ड  हुआ चोरी ! 

    क्या मनपा प्रशासन नोटिस बोर्ड चोरी होने का दर्ज करायेगी मामला ?


    बोर्ड चोरी के पीछे कोणार्क बिल्डर तो नहीं !

    उल्हासनगर- शहद रेलवे स्टेशन के सामने के कोणार्क रेसिडेंसी प्रोजेक्ट को मंजूरी देते समय बड़े पैमाने पर नियमों की अवहेलना करने के कारण इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देनेवाले अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम शासन के पास भेजकर तुरंत जांच करने का आदेश महाराष्ट्र शासन के उपसचिव संजय सावजी ने मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर को दिया है।उसी कार्यवाई को पूरा होने तक इस प्रोजेक्ट में फ्लैट की खरीदी बिक्री पूरी तरह से बंद करने के लिए मनपा आयुक्त निबालकर ने कोणार्क रेसीडेंसी प्रोजेक्ट के दरवाजे पर नोटिस बोर्ड लगाकर लोगो सचेत किया है ! परन्तु अब वह नोटिस बोर्ड चोरी हो गया है,यह बोर्ड किसने चोरी करवाया उसके पीछे की मंशा क्या है यह तो पूरे उल्हासनगर शहर को पता है !
    शहाड़ स्टेशन के पास बंद पड़ी हुई ईस्टर्न मशीनरी एंड ट्रेडर्स नामक कंपनी के जगह पर कोणार्क रेसिडेंसी इस बहुमंजीली इमारत के गृह प्रकल्प को मनपा के नगर रचना विभाग ने निर्माण की मंजूरी दी है।इस प्रकल्प में ७मंजिलों की १० इमारत और ३०० से ज्यादा फ्लैट रहेंगे।इस प्रकल्प का बांधकाम पूरा होने का दाखिला मिले बिना ही फरवरी २०१६ में शिवसेना नेता ठाणे के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधानपरिषद उपसभापति वसंत डावखरे और भाजपा सांसद कपिल पाटिल द्वारा फ्लैट धारकों को घर की चाभी बांटने के कारण यह प्रकल्प चर्चा में आया था। उस समय तत्कालीन मनपा आयुक्त मनोहर हिरे ने बिल्डर किशोर केसवानी को मंजूर नक्शे के शर्तों के अनुसार भूखंड के मनोरंजन मैदान का आरक्षण मनपा को बिना शर्त हस्तांतरित करने के विषय में पत्र भेजा था।इसीप्रकार बांधकाम क्षेत्र का २० प्रतिशत सदनिका ५० वर्गमीटर से कम का बनाना बंधनकारक है,जब तक इन सभी शर्तों का पालन नही किया जाता, तब तक बिल्डर सदनिका का कब्जा किसी को न दे,ऐसा इस पत्र में उल्लेख किया गया था।अगर कब्जा देने के बाद इमारत पर अगर कोई भी कार्रवाई होती है, तो इसका जवाबदार बिल्डर ही होगा,ऐसी चेतावनी भी पत्र में दी गई थी।ऐसा होने पर भी प्रकल्प के पूरा होने का दाखिला न मिलने के बावजूद सदनिका का हस्तांतरण कोणार्क रेसिडेंसी के भागीदारों ने किया है। जब यह बात मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर के ध्यान में लाई गई तो कोणार्क रेसिडेंसी प्रकल्प के पूर्णता का दाखिला न मिलने के बावजूद सदनिका कब्जे में अगर दिया गया है तो भागीदारों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा, ऐसा आयुक्त ने बताया है वही बोर्ड चोरी का मामला सामने आने के बाद मनपा प्रशासन क्या बोर्ड चोरी का मामला दर्ज करवाती है क्या अब पूरे शहर की नजर उसपर है !
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