• आयुक्त के साथ सभी विभाग प्रमुखों ने किया महासभा का बहिष्कार !

    Reporter: fast headline india
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    आयुक्त के साथ सभी विभाग प्रमुखों ने किया महासभा का बहिष्कार !

    जनता के प्रश्नों को दरकिनार कर नगरसेवक ने अपने निजी हित के लिए महासभा को बनाया रंगमच ?
     फाईल फोटो

     उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगरपालिका की महासभा में जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाने को उपायुक्त पद पर पदोन्नति देने के विषय पर शुरू चर्चा में रिपाई नगरसेवक भगवान भालेराव ने पालिका आयुक्त राजेंद्र निंबालकर पर दायर एट्रोसिटी मामले का उल्लेख कर आयुक्त को निशाना बनाने की कोशिश की।निजी मुद्दा महासभा में उठाने और अधिकारियों को लक्ष्य बनाने के कारण आयुक्त के साथ सभी विभागों के प्रमुखों का महासभा से उठकर जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। उल्हासनगर महानगरपालिका के काल की महासभा में पालिका के जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाने, कनिष्ठ अभियंता कुमार जग्यासी,तरूण सेवकानी, हनुमान खरात की पदोन्नति के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई।इस विषय पर शिवसेना नगरसेवक राजेंद्र चौधरी ने भदाने पर दर्ज मामले का उल्लेख किया, उसके बाद रिपाई नगरसेवक भगवान भालेराव ने भदाने पर दर्ज पुुराने मामले और एट्रोसिटी का मामला उठाया।उस समय वे आयुक्त निंबालकर व भदाने को लक्ष्य करके बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि कर निरीक्षक दयाराम ढोबले द्वारा मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में भदाने के विरुद्ध दर्ज किए गए एट्रोसिटी प्रकरण में मध्यवर्ती पुलिस ने आयुक्त से भदाने पर कार्रवाई करने के लिए कहा था,लेकिन आयुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उत्तर देते हुए आयुक्त निंबालकर ने कहा कि ढोबले के हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर घर आने तक उनकी तबियत सामान्य थी।ऐसा होने पर भी कुछ असंतुष्ट मंडली द्वारा षडयंत्र रचकर भदाने पर मामला दर्ज कराया गया,इसके सभी सबूत मेरे पास थे,इसलिए भदाने पर कार्रवाई नही की गई, ऐसा आयुक्त ने कहा।इसपर भालेराव ने कहा कि आपने स्वयं मुझ पर जातिवाचक टिप्पणी की थी,आप पर भी एट्रोसिटी का मामला दर्ज हुआ है।आप सबके सामने बोलिए कि आपने जातिवाचक टिप्पणी की थी कि नहीं,ऐसा भालेराव ने पूछा, इसी बात पर आयुक्त और भालेराव में शाब्दिक वाद विवाद शुरू हो गया। इस प्रकार अधिकारियों पर हमला बोलने और उनपर निजी आरोप करने पर महासभा में किसी ने भालेराव को नहीं रोका, यह सभा के नियम में नही बैठता है।इसलिए इसका निषेध करते हुए आयुक्त सभी विभागों के प्रमुखों सहित महासभा से उठकर चले गए। इसके बाद शिवसेना के नगरसेवक राजेंद्र चौधरी ,अरूण आशान ने महापौर को आयुक्त और पालिका प्रशासन के विरुद्ध भड़काने का प्रयास किया, इस पर भाजपा नगरसेवक किशोर बनवारी ने उनका अच्छा क्लास लिया।एक भी प्रशासन का अधिकारी के उपस्थित न होने पर जब उपमहापौर महासभा चलाने की बात कही,तब विरोधी पक्षनेता धनन्जय बोडारे ने सभी लोग जनता के फायदे का विचार न करते हुए सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए महासभा के पास देखते हैं।प्रशासन के न रहने पर महापौर किसे आदेश देंगी, इस पर ध्यान दिलाया।इसके बाद सभागृह नेता जमनादास पुरुस्वानी ने महासभा को अनिश्चित काल के लिए खत्म करने की विनती महापौर से किया।अंत मे महापौर ने कहा कि महासभा में हुआ प्रकरण निंदनीय है, सभी को मर्यादा के एक दायरे में रहकर बोलना चाहिए, जिससे वादविवाद नही होगा,ऐसा मत व्यक्त किया। पालिका आयुक्त के कार्यालय में हुई बैठक में आयुक्त और विभाग प्रमुखो के बीच यह एकमत बना की जबतक नगरसेवक अधिकारियों का सम्मान नही करेंगे, और अधिकारियों को अपमानित करने वाले नगरसेवकों पर कार्रवाई नही होती,तब तक हम महासभा में नहीं शामिल होंगे।यह निर्णय पालिका आयुक्त ने महापौर मिना आयलानी को बताया तो महापौर ने इस बारे में सकारात्मक उत्तर दिया है।
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