• गैंगस्टरो नया वसूली का हथियार बना RTI ?

    Reporter: fast headline india
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    नए जमाने के गैंगस्‍टर, बंदूक से नहीं RTI से करते हैं धन उगाही !

     ठाणे- मुंबई या उससे सटे उपनगरों में उगाही कभी बंदूक की नोक पर होती थी, पुलिस का कहना है कि अब वह आरटीआई के जरिए हो रही है। ठाणे और वसई में पिछले कुछ दिनों में इस संबंध में कई लोग गिरफ्तार हुए हैं। 
    अडिशनल एसपी राज तिलक रौशन के अनुसार, हमने वसई में 12 एफआईआर दर्ज की हैं। हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।  महाराष्ट्र पुलिस से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने एनबीटी से बताया क‍ि कुछ आरटीआई कार्यकर्ता नए जमाने के गैंगस्टर हैं। कई आरटीआई डालकर सिर्फ डराने और पैसे उगाने का काम कर रहे हैं। कई मामलों में तो यह बात सामने आई कि कुछ राजनेता किसी के जरिए आरटीआई निकलवाते हैं। फिर वो राजनेता संबंधित विभाग को लेटर लिखते हैं और बताते हैं कि फलां-फलां सर्वे में यह- यह कमियां है। फिर उस लेटर को सर्वे वाली जमीन के मालिक यानी बिल्डर को दिखाते हैं और फिर उससे उगाही करते हैं।  पुलिस अधिकारी का दावा है कि आरटीआई का सिर्फ कुछ राजनेता ही नहीं, कई पत्रकार और वकील भी दुरुपयोग कर रहे हैं। राज तिलक रौशन कहते हैं, हमें ऐसे गलत लोगों के बारे में जानकारियां तो मिल रही थीं, पर कोई शिकायत करने को तैयार नहीं था। हमने कुछ पीड़ितों को भरोसे में लिया। जब एक ने शिकायत की और गिरफ्तारी हुई, तो फिर धीरे-धीरे और भी पीड़ित आगे आए। नामी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली कहते हैं कि 'आरटीआई का उद्देश्य था कि गलत काम न हो और करप्शन पर पाबंदी लगे। आज जिन लोगों के नाम सुनने में आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश नेता, कार्यकर्ता और व्यावसायिक शिकायतकर्ता हैं जो रोजाना पुलिस और मनपा अफसरों के नजदीकियों में से एक होते हैं। आरटीआई के बाद उस आवेदक की जानकारी, जिसकी पोल खुलने वाली होती हैं, उससे मिलकर पेशकश होती हैं और फिर पूरा खेल शुरु हो जाता है।  आरटीआई से इस तरह की धांधली या अन्य प्रकार की जानकारी मिलते ही यदि सरकार या अधिकारी उसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई करे, तो मेरा दावा हैं कि किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग होगी ही नहीं। हर आरटीआई को ऑनलाइन किया जाए, ताकि कोई उसका दुरुपयोग न कर सके।' पूर्व विधायक विवेक पंडित का कहना है कि इस मामले में मनपा अधिकारी, पुलिस प्रशासन व हप्ता देने वाले बिल्डरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बारे में अड‍िशनल एसपी वसई राज त‍िलक रौशन ने कहा, 'हमने कुछ पीड़ितों को भरोसे में लिया। जब एक ने शिकायत की और गिरफ्तारी हुई, तो फिर धीरे-धीरे और भी लोग आगे आए।' 

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