• उमपा फाइल चोर नगरसेवक का एक और नायाब कारनामा हुआ उजागर ! सरकारी जमीन के फर्जी कागजात बनाकर जमीन बेचने का लगा आरोप !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा फाइल चोर नगरसेवक का एक और नायाब कारनामा हुआ उजागर ! 

    सरकारी जमीन के फर्जी कागजात बनाकर जमीन बेचने का लगा आरोप ! 

    आर टी आई कार्यकर्ता ने 2017 में सेंट्रल पुलिस स्टेशन में दी है लिखित शिकायत ! 

    भाजपा के एक कद्दावर नेता की बदौलत पुलिस नही की अब तक कार्यवाई ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के सार्वजनिक बांधकाम विभाग से फाइल चोरी के मामले पकड़े गए मनोनीत नगरसेवक प्रदीप रामचंदानी का एक और नायाब कारनामा सामने आया है ! एक सरकारी जमीन का फर्जी पेपर बनाकर बेचने का मामला सामने आया है ! 

    बता दे कि यह पूरा मामला एक आर टी आई कार्यकर्ता सुशील शुक्ला के द्वारा सामने लाया गया है शुक्ला ने इस विषय की लिखित शिकायत सेंट्रल पुलिस स्टेशन में 4-3-2017 में किया था जो मामला भाजपा के एक कद्दावर नेता ने पुलिस पर दबाव लाकर दबा दिया गया था यही कारण है कि सारे सबूत देने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उस मामले में कोई कार्यवाई नही किया है ऐसा शुक्ला ने कही है ! उनके दिए लिखित शिकायत के अनुसार यह मामला तब का जब प्रदीप रामचंदानी नगरसेवक नही थे सिर्फ ठेकेदार था उस समय रामचंदानी को प्रवीण इंटरनेशनल होटल शांतिनगर के बालधुनि नदी का पुल बनाने का ठेका मिला था उसको बनाते समय इनको अपना सामान रखने के लिए जगह की जरूरत थी तो वही बगल एक छोटा सा कचराडंपिग की जगह थी जिसे उस समय इन्हें इनका समान रखने के लिए मनपा ने दिया था इन्होंने उस जगह पर अपना सामान रखने के लिए पतरा लगाया हुआ था परंतु जब पुल का काम समाप्त हो गया तब उस जगह के बेचने का खयाल दिमाग में आया तो जगह का फर्जी पेपर बनाया और 14 जुलाई 2004 में वह जगह चंदा गुप्ता नामक महिला को 2 लाख रुपये में बेच दिया बाद इसी जगह पर दो अवैध गाले बने जिन्हें 26 लाख बेचा गया है ! यह जमीन एक सरकारी भूखंड थी जिसका फर्जी पेपर बना कर उसे बेचा गया जब यह मामले की जानकारी आर टी आई कार्यकर्ता सुशील शुक्ला इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने इस कि पूरी जानकारी पहले आर टी आई के जरिये इकठ्ठा किया फिर सारे सबूत के साथ इसकी लिखित शिकायत सेंट्रल पुलिस स्टेशन में किया जिसकी जांच उस समय पुलिस अधिकारी ने शुरू भी किया था परंतु बाद में भाजपा के एक कद्दावर नेता के दबाव में आकर पुलिस मामले को दबा दिया और अभी तक उस मामले की जांच को पूरा नही किया गया है ! जब चोरी के मामले की जानकारी मीडिया के खबरे से मिली तब उन्होंने यह मामला मीडिया के लोगो को देकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी और इस मामले में भी पुलिस से कार्यवाई करने की मांग किया है ! अभी ऐसे कुछ मामले और सामने आ सकते है इस लिए पुलिस को रामचंदानी से अच्छे से पूछताछ करना चाहिए ताकि उसके द्वारा किये गए सारे मामलों का पर्दाफाश हो सके !
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