• मनपा के अधिकारियों व बिल्डरों की मिलीभगत से ५३५ करोड़ का हुआ घोटाला !

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    मनपा के अधिकारियों व बिल्डरों की मिलीभगत से ५३५ करोड़ का हुआ घोटाला !

    मनपा को फंड नही दे रहे मुख्यमंत्री - वामन म्हात्रे

     कल्याण- कल्याण डोंबिवली मनपा का ५३५ करोड़ रूपये का ओपन लैंड टैक्स, बिल्डरों और अधिकारियों की मिलिभगत से हुआ है. शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री पर इल्जाम लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री फंड नही दे रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री क्यों फंड देंगे ? ऐसा आरोप शिवसेना नगरसेवक वामन म्हात्रे ने सत्ताधारी और मनपा प्रशासन के साथ बिल्डरों पर भी लगाया है. वामन म्हात्रे ने मनपा पत्रकार कक्ष मे आयोजित पत्रकार परिषद में उक्त आरोप लगाए. साथ ही इस भ्रष्टाचार की शिकायत का शपथ पत्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महासंचालक व ब्यूरो थाने विमागीय अधीक्षक को देकर इसके जिम्मेदारों पर कड़ी कारवाई की मांग की है. कडोंमपा पत्रकार कक्ष मे आयोजित पत्रकार परिषद मे वामन म्हात्रे ने शपथ पत्र की प्रतियाँ पत्रकारों को देकर विस्तार से जानकारी दी कि सत्ताधारियों की सरपरस्ती में मनपा नगर रचना विभाग के अलावा कर संकलन विभाग, व बिल्डर वास्तुविद, ने परस्पर मिलिभगत से मनपा का सैकडों बिल्डरों के ओपन लैंड टैक्स का ५३५ करोड़ रूपयों को हड़पा है. म्हात्रे के अनुसार कुल १८५३बिल्डरों ने कर भरा ही नही है. लेकिन मनपा ने बिल्डरों अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है. अपने शपथ पत्र मे इतने स्तर की मनपा राजस्व की चोरी का भंडाफोड़ करने से उनकी जान का खतरा बढ़ गया है. इसके बावजूद मनपा राजस्व के चोरों का चेहरा बेनकाब कर रहे हैं. उन्होंने वर्ष १९९० से ओपन लैंड कर का ३९५ करोड़ रूपये का कर, व १९९६आज तक का५५ करोड़ रूपये का कर मनपा के नगर रचना विभाग, कर निर्धारक व कर संकलक ने ओपन लैंड का राजस्व वसूली नही की। लेकिन बिल्डरों को वापर परवाना( वैधता का प्रमाणपत्र) पत्र दे दिया है. म्हात्रे ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसमे ईमारत निर्माण में अलग अलग मदों का राजस्व नही भरने पर दंड सहित कर वसूली करने से १००से १२५करोड़ रूपये का राजस्व मिलेगा. हालांकि वामन म्हात्रे ने पत्रकार परिषद मे दावा किया की पिछले दस वर्ष से मनपा की महासभा में इस राजस्व चोरी को उजागर कर रहा हूँ, लेकिन सत्ताधारी और निहित तत्वों की सांठगांठ के कारण मनपा के इस ५३५करोड़ रूपये के राजस्व का मामला दबा दे रहे हैं. ऐसा जवाब वामन म्हात्रे ने पत्रकारों के सवाल पर कि वह तो खुद ही सत्ताधारी हैं तो ऐसा क्यों हैं. विदित हो वामन म्हात्रे मनपा की स्थायी समिति सभा के तीन-तीन बार सभापति रह चुके हैं. इसके साथ ही अपने सहयोगियों पर भी आरोप लगाया की उनके अपने अपने स्वार्थ हैं. लेकिन सरासर करोड़ो रूपयों का राजस्व लुटाते हैं लेकिन शहर विकास के लिए मुख्यमंत्री पर इल्जाम लगाते हैं कि मुख्यमंत्री कल्याण-डोंबिवली के विकास के लिए फंड नही देते हैं. तल्खी से म्हात्रे ने खुद ही कहा ऐसी राजस्व चोरी करवाने वालों को मुख्यमंत्री क्यों फंड देंगे। इस तरह पूरे विस्तार से ओपन लैं टैक्स की चोरी का जानकारी देते हुए शपथ पत्र दिया है। साथ ही राज्य के प्रधान सचिव गृह विभाग, प्रधान सचिव नगरविकास, नगर विकास मंत्री, गृहमन्त्री, व मुख्यमंत्री को भी शिकायती शपथ पत्र दी है. आगे बताया कि, आर्थिक घोटाला का मुद्दा मैं १०-१२ बार महासभा में कहने का प्रयास किया लेकिन मुझपर दबाव बनाया गया. मुझे इस मुद्दे को महासभा में उठाना था लेकिन कोई अनुमोदक नही मिला. मैं स्पष्ट बोलता हु इसलिए लोग मेरी आवाज दबाने का प्रयास करते है. मनपा के अधिकारियों की मिलीभगत से ४१० करोड़ रुपये का मालमत्ता टैक्स में घोटाला किया है. इमारत के कम्प्लिशन सर्टिफीकेट माध्यम से मनपा का १२४ करोड़ रुपये से ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ है. बांधकाम बिल्डरों को नए इमारत बनने से पहले का टैक्स अदा करना पड़ता हैं, उसके बाद सभी टैक्स भरकर बांधकाम पूरा होने का सर्टिफिकेट लेना पड़ता हैं. (कम्प्लिशन सर्टिफीकीट) परंतु टैक्स बाकी रहते हुये प्रशासन, लोकप्रतिनिधी व अधिकारियो के मिलिभगत से लगभग १८०० लोगो को ये सर्टिफिकेट दिया गया है ऐसी जानकारी आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है ऐसा दावा म्हात्रे ने किया है. साथही मनपा प्रशासन का लगभग५३५ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. जल्द ही ये सभी घोटाले का खुलासा होना चाहिये, पालिका अधिकारी और सबंधित अधिकारियों पर एम.आर.टी.पी. कलम से मामला दर्ज करके एन्टी करप्शन ब्यरो के माध्यम से जांच होनी चाहिए ऐसी मांग वामन म्हात्रे ने किया है.
  • No Comment to " मनपा के अधिकारियों व बिल्डरों की मिलीभगत से ५३५ करोड़ का हुआ घोटाला ! "