• सजा भुगत रहे कैदियों को जेल से अब जल्द नही मिलेगी छुट्टी !

    Reporter: fast headline india
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    सजा भुगत रहे कैदियों को जेल से अब जल्द नही मिलेगी छुट्टी ! 

     अपराधों पर नकेल लगाने के लिए बदली नीति ! 

     21 अपराधों पर पेरोल-फरलो कठिन किया गया !

     मुंबई-मुंबई में गंभीर अपराधों में वृद्धि होने और उन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अपराधियों को जेल में बंद रहते हुए थोड़ी-थोड़ी अवधि के लिए अपने घर-परिवार के पास भेजने की नीति को अब और कठोर करने का मन बनाया है। कानून की भाषा में इसे को पेरोल और फरलो कहा जाता है या थोड़े दिन की छुट्टी। सरकार मान रही है कि जिन अपराधियों को हत्या, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के लिए जेल में भेजा गया है, उन्हें बहुत जटिल स्थितियों में ही पेरोल या फरलो दिया जाए।
    इसी तरह नशीले पदार्थों की तस्करी, अबोध बच्चों के साथ यौन संबंधी अपराध करने को भी इसी श्रेणी में रखने को कहा गया है। हालांकि 2016 में सरकार की यह नीति काफी कठिन थी, लेकिन 2017 में इसे उदार बनाया गया था। सरकार की नीति बदलती रही है। पेरोल-फरलो के दुरुपयोग को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। गौरतलब है कि ऐडवोकेट पल्लवी पुरकायस्था का हत्यारा वॉचमैन सज्जाद मोगल था, जो काश्मीर का रहने वाला था। जेल से कुछ दिन का पेरोल पाकर वह दोबारा जेल में आया ही नहीं। मुंबई पुलिस उसे काश्मीर से पकड़ कर लाई थी। अभिनेता संजय दत्त के पेरोल-फरलो पर भी काफी विवाद हुआ था। नियम में क्या - नए महाराष्ट्र प्रिजंस (मुंबई फरलो ऐंड पेरोल) संशोधित नियम 2018 के अनुसार, कैदियों की 21 श्रेणियां बनाई हैं , जिनमें कैदी फरलो के हकदार नहीं होंगे - इनमें जेल में हिंसा जैसे मारपीट, दंगा करना, विद्रोह, नशीले पदार्थों की तस्करी, रेप करने की कोशिश के साथ हत्या - आजीवन कारावास, आतंकी घटनाओं में लिप्त कैदी, सरकार के विरुद्ध विद्रोह, फिरौती के लिए अपहरण - अवयस्कों के साथ यौनाचार और मानव तस्करी जैसे अपराधों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है
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