• वडोल पुल के सामने नगरसेवक का आमरण उपोषण ! कब होगा ठेकेदार के विरुद्ध तीन लोगों की मौत के मामले शिकायत दर्ज ?

    Reporter: fast headline india
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    वडोल पुल के सामने नगरसेवक का आमरण उपोषण !

    तीन लोगों की मौत होने पर ठेकेदार के ऊपर मामला क्यो नही किया गया दर्ज !

    मनपा प्रशासन अपने दिए नोटिस में लिखा था कि किसी की भी जान गई उसका जिम्मेदार ठेकेदार होगा !

    समय पर काम पूरा न करने वाले ठेकेदार पर दंड की बजाय ठेके की रकम बढ़ा कर सौगात क्यो ?

    उल्हासनगर-उल्हासनगर नम्बर तीन को वडोल गांव से जोड़ने वाले पुल का निर्माण अभी तक पूरा नही होने की वजह से स्थानीय लोगो की परेशानी कम होने का नाम नही ले रही है,अभी तक तीन लोगों की जान भी जा चुकी है उसके बाद भी मनपा प्रशासन व ठेकेदार की साँठगांठ की वजह से काम की लागत भी बढ़ा दी गई फिर भी पुल का निर्माण आधे में अटका हुआ है ! कई मनपा से पत्र देकर निर्माण पूरा करने की गुहार लगा चुके स्थानीय नगरसेवक सबिता तोड़ने, व शिवजी रगड़े (युवा नेता) ने दिया लेकिन उसके बादजूद जब पुल निर्माण को गति नही मिला तो उन्होंने मंगलवार सुबह से पुल के सामने स्थानीय रहिवासियों के साथ मिलकर आमरण उपोषण शुरू किया है ! 
    बता दे कि मनपा ने उल्हासनगर - ३ वडोल गाव से उल्हासनगर को जोड़ने वाला एक 30 वर्ष पुराना पुल था.पिछले वर्ष २२ ऑकटोबर २०१६ कि शाम पुल गिर गया था.इस घटना से कोई जानमाल की हानि नहीं हुई थी. तात्कालीन आयुक्त मनोहर हिरे ने तुरंत पुल का कार्य करने का आदेश प्रशासन को दिया था.. वडोल गाव से उल्हासनगर को जोड़ने वाला संपर्क टूटने से एक दूसरे तरफ जाने का दूसरा रस्ता नहीं है इसके लिए नागरिको को २ किलोमीटर से घूमकर आना पड़ता है.वडोल गांव में अंग्रेजी माध्यम का एक विद्यालय है जहाँ बड़े पैमाने पर विधार्थियो का आना जाना लगा रहता है गंभीर समस्या को देखते हुए २ करोड़ २२ लाख रुपये कि निधि पास कर महानगरपालिका ने टेंडर निकाल कर विवादित ए एम रामचंदानी कि कंपनी को दिया था.टेंडर के अनुसार पुल कि लंबाई ६० मीटर ९ मीटर चौड़ाई है.पुल निर्माण में १० एम.एम का सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है नाले में मामली खड्डा खोदकर पिलर बनाये जाने कि शिकायत पिछले दिनों रामेश्वर गवई ने घटिया निर्माण को शिकायत कि थी.मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन आयुक्त सुधाकर शिंदे ने पुल निर्माण कार्य को बंद करवा दिया था. इसके बायजुद ठेकेदार ने काम चालू किया था.जिसकी शिकायत नगरसेवक टोनी सिरवानि और पिंटो बठीजा ने पालीका आयुक्त राजेंद्र निबांळकर को दी.पालीका आयुक्त निबांळकर ने सोमवार कि शाम वडोल गांव पुल निर्माण कार्य स्थल का दौरा कर तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया. ए.एम.रामचंदानी कंपनी के भागिदार रोहीत रामचंदानी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिना आदेश के काम चालू करने से अगर कोई दुर्घटना होती है तो इसके जिम्मदार कंपनी होगी. तो क्यो तीन लोगों की मौत के बाद भी मनपा प्रशासन ने ठेकेदार के विरुद्ध मामल दर्ज क्यो नही किया अभी तक? दूसरा दिए गए समय पर काम नही पूरा करने पर उसको दंड क्यो नही लगाया गया उल्टा ठेके की रकम बढ़ा दिया गया इसके पीछे की वजह क्या है ! ऐसे सवाल जनता के द्वारा किया जा रहा है जिसका जवाब प्रशासन को आने वाले समय में देना होगा !
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