• उल्हासनगर शहर में हो रहे पेड़ों के कत्ल लिए मनपा आयुक्त के विरुद्ध दर्ज हो मामला-पर्यावरण प्रेमियों ने की मांग !

    Reporter: fast headline india
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    उल्हासनगर शहर में हो रहे पेड़ों के कत्ल लिए मनपा आयुक्त के विरुद्ध दर्ज हो मामला-पर्यावरण प्रेमियों ने की मांग ! 

     बिना किसी परमिशन के ही तीन बड़े पेड़ो का एक ही दिन में किया कत्ल !

     मनपा प्रशासन है सुस्त,पेड़ काटने वाले चुस्त ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगरपालिका के हद में पिछले कुछ दिनों सारे नियमो व कानून को ताख पर रखकर जिस तरह दिनदहाड़े हरे भरे पेड़ो का कत्ल किया जा रहा है उसको देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नही की शहर में मनपा प्रशासन की पकड़ कितनी कमजोर है! इस लिए शहर की हरियाली बनी रहे शहर के बुद्धजीवी वर्ग व पर्यावरण प्रेमिय ने उल्हासनगर मनपा के आयुक्त गणेश पाटिल के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग किया है !और जल्द इस विषय पर कार्यवाही नही किया गया तो इसको लेकर पर्यावरण प्रेमी सड़क पर उतरने की बात भी कही है !
    बता दे कि उल्हासनगर शहर के बैरेक नम्बर 831 में एक बड़े फलदार आम के पेड़ को बिना किसी अनुमति के काट दिया क्यो किये पेड़ अवैध निर्माण के लिए रुकावट बन रहा था दूसरा मामला है बैरेक नम्बर 356 खेमानी चौक और तीसरा बैरेक नम्बर 337 में बड़े पेड़ इसी तरह से बिना किसी परमिशन के बेवजह काट दिया गया है मनपा के नियमो के मुताबिक यदि किसी को किसी पेड़ की वजह से किसी की जीवित हानी का अंदेशा है तो उसके लिए स्थानीय ब्यक्ति पेड़ काटने के लिए प्रभाग अधिकारी व शहर की वृक्ष प्राधिकरण समिति है जिसके सभापति मनपा आयुक्त होते है यह कमेटी पेड़ को काटना है कि नही वह तय करते है और अनुमति के बाद ही पेड़ को काटा जा सकता अगर बिना अनुमति के पेड़ काटा जाता है उसके ऊपर वृक्ष संवर्धन अधिनियम 20 अ 20 ब 21 के अनुसार फौजदारी मामला दर्ज पेड़ काटने वाले के विरुद्ध कार्यवाई किया जाता है यह अधिकार मनपा के प्रभाग अधिकारी व स्थानीय पुलिस विभाग व मनपा आयुक्त को है परंतु अभी तक के किसी भी मामले में न तो मनपा प्रशासन और न ही पुलिस विभाग के द्वारा पेड़ काटने वालो के खिलाफ कोई कार्यवाई किया गया है इस बारे में जब मनपा आयुक्त से मिलने का बात किया गया तो उन्होंने मिलने का समय नही होने की बात कही इससे यह साफ है इस पर्यावरण के विषय पर मनपा का लचर रवैया सामने आया है इस हरियाली को बचाने के लिए शहर के बुद्धिजीवी व पर्यावरण प्रेमियों ने मनपा आयुक्त के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग करने की बात कही है ! जहाँ महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा की सिर्फ 13 करोड़ वृक्ष लगाने ही उनकी जिम्मेदारी नही है, लगाये गये वृक्ष को जीवित रखने और उसका पालन पोषण करने की भी जिम्मेदारी वन विभाग के साथ मिलकर वो पूरी करेंगे, बता दे की वन महोत्सव 2018 की शुरुआत कल्याण तालुका अंतर्गत आने वाले उल्हासनगर विधानसभा के वरप गाव से मुख्यमंत्री के हाथों शुभारंभ किया गया,      ध्यान देने की बात है उल्हासनगर विधानसभा के वरप गाव में मुख्यमंत्री ने जहा वृक्षारोपण का शुभारंभ किया वही जाते समय रास्ते मे शहाड़ स्थित सेंचुरी रेयान कम्पनी के रोड पर उल्हासनगर मनपा प्रशासन ने नियमो का उलंघन का सैकड़ो पेड़ो को काट कर गिरा दिया है, इन सारे मामलों को देखने से यह बात स्पष्ट है कि शहर को हराभरा बनाना है उल्हासनगर शहर वाशियों को आगे आकर कुछ चमत्कार करना होगा वर्ना वो दिन दूर नही होगा शहर में एक भी पेड़ नही बचेंगे और उसके चलते शहर हरियाली विहीन हों जाएगा ?
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