• बॉडी बनाने के बहाने ड्रग तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश !

    Reporter: fast headline india
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    बॉडी बनाने के बहाने ड्रग तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश !

    पूछताछ के बाद कई और साजिशों का भी हुआ खुलासा  !

     ठाणे-ठाणे ड्रग तस्करी के आरोपियों को जरिया बनाकर पुलिस हथियारों के जखीरे तक पहुंच गई लेकिन इन तस्करों की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। ठाणे हफ्तावसूली निरोधी प्रकोष्ठ के निरीक्षक राजकुमार कोथमीरे के अनुसार, कोकीन बेचने के आरोप में पकड़े गए जाहिद अली कश्मीरी और संजय बिपिन श्रॉफ नागपाड़ा स्थित एक जिम में बॉडी बनाने जाते थे। जाहिद अली की उसी जिम में आनेवाले एक नाइजीरियन से दोस्ती हुई, जो कोकीन बेचता था। दोस्ती के बाद जाहिद अली को कोकीन की लत लग गई। इसके बाद जाहिद के संपर्क में आया गैरेज मालिक संजय बिपीन श्रॉफ। नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए दोनों कोकीन की बिक्री करने लगे थे। दोनों उच्च और संभ्रांत वर्ग के लोगों को कोकीन बेचते थे। 
    बताया गया है कि मुंबई के बांद्रा, खार, कोलाबा, मीरा रोड से लेकर ठाणे, मुंब्रा और भिवंडी तक दोनों का नेटवर्क फैला था। दोनों कोकीन बिक्री के लिए कुख्यात थे और उसी के चलते वे नईम फईम खान के संपर्क में आए थे। फिर दोनों का नईम के घर पर आना-जाना हो गया। पुलिस से बचने के लिए दोनों कोकीन का स्टॉक नईम के घर पर रखते थे। पुलिस के अनुसार, जाहिद मोबाइल फोन पर ग्राहकों से संपर्क में रहा था और श्रॉफ कोकीन को ग्राहकों तक पहुंचाता था। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि नईम और यास्मीन कोकीन का सेवन करते हैं या नहीं। ठाणे पुलिस का कहना है कि नईम की गिरफ्तारी के बाद एके-56 और अन्य हथियारों को जाहिद अली कश्मीरी के घर छिपाकर रखा गया था। हथियार तब से उसी के घर में थे। जाहिद ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि तीन महीने पहले ही हथियारों को वापस नईम के घर पर लाकर रखा गया था। ठाणे पुलिस की गिरफ्त में आई यास्मीन खान पहले हिंदू थी और उसका नाम दीपा सुर्वे था। ठाणे पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, नईम से उसकी लव मैरेज हुई थी और विवाह के बाद उसने अपना नाम बदल कर यास्मीन रख लिया था। बताया गया है कि नईम के जेल जाने के बाद उसके अवैध कारोबार को यास्मीन देख रही थी। ठाणे हफ्तावसूली निरोधी प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रदीप शर्मा के अनुसार, मुंबई निवासी इकबाल अतरवाला इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाता है। पाकिस्तान निवासी रज्जाक बलूची भी इवेंट मैनेजमेंट का काम करता था। रज्जाक बलूची अमेरिका के न्यू जर्सी में रहता है। रज्जाक और इकबाल अतरवाला की मुलाकात दुबई में हुई थी। व्यवसाय के सिलसिले में रज्जाक और इकबाल के बीच संबंध बन गए थे। रज्जाक ने वेनेजुएला से साढ़े तीन करोड़ रुपये हवाला के जरिए इकबाल के पहचान के सांताक्रूज में रहनेवाले कृष्णा शेट्टी को भेजे थे। रुपये को लेकर कुछ घपला हुआ था और उसी बात को लेकर रज्जाक और इकबाल के बीच झड़प हो गई थी।  रज्जाक इकबाल को सबक सिखाना चाहता था। रज्जाक का संपर्क पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियादाद से था। रज्जाक ने इकबाल से बदला लेने की बात मियादाद से कही थी और उसके बाद मियादाद के जरिए बात छोटा शकील तक पहुंची। इस पर छोटा शकील ने इकबाल अतरवाला की हत्या की सुपारी नईम को दी थी लेकिन साजिश का पता पुलिस को चल गया और नईम 20 अप्रैल 2016 को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 

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