• महाराष्ट्र की पहली ऐतिहासिक सरकारी नोकरी घोटाले का हुआ उमपा में पर्दाफाश ! दूसरे भाई,तत्कालीन आयुक्त समेत इस घोटाले में लिप्त सभी कर्मचारियों की हुई गिरफ्तारी की मांग !

    Reporter: fast headline india
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    महाराष्ट्र की पहली ऐतिहासिक सरकारी नोकरी घोटाले का हुआ उमपा में पर्दाफाश !

    एक ही परिवार के दो सगे भाई,नाम एक दो अलग -अलग सरकारी नोकरी पर कर रहे काम !

    तत्कालीन उमपा आयुक्त,उपायुक्त मुख्यालय, आरोग्य उपायुक्त, आरोग्य मुख्यस्वछता निरीक्षक की गिरफ्तारी उठी मांग !

    उल्हासनगर- महाराष्ट्र में पहली ऐतिहासिक सरकारी नोकरी घोटाले का पर्दाफाश उल्हासनगर महानगर पालिका में हुआ इस मामले में एक सफाई कर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुँचाया है ! मनपा के जरिये मीले माहितीअधिकार के द्वारा दस्तावेज में से यह स्पष्ट हो रहा इस घोटाले में तत्कालीन मनपा आयुक्त,उपायुक्त मुख्यालय, आरोग्य उपायुक्त, आरोग्य मुख्यस्वछता निरीक्षक की मिलीभगत से यह सारे घोटाले को अंजाम दिया गया है, बहरहाल मामला न्यायालय में है पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है,इस मामले को उजागर करने वाले रांकपा नगरसेवक भरत गंगोत्री ने इस मामले में दोषी दूसरे भाई की गिरफ्तारी व उस समय के मनपा के सभी अधिकारियों जिनकी मिलीभगत से यह घोटाला हुआ उन सभी की गिरफ्तारी की मांग किया है , 
    गौरतलब हो कि पूरे महाराष्ट्र में यह इकलौता मामला है जिसमें एक ही नाम पर दो सरकारी नोकरी पर अलग अलग जगह पर दो सगे भाई नोकरी कर रहे थे,यह एक मामला प्रकाश में आया है उल्हासनगर के मनपा में सफाई कामगार विभाग में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी द्वारा महाराष्ट्र शासन के गजट में नाम बदलकर वर्षो से काम कर मनपा प्रशासन व सरकार के साथ धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। कल्याण तालुका अंतर्गत महारल गाव निवासी अच्चुत बुधाजी सासे की शिकायत पर उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस ने उल्हासनगर मनपा सफाई कर्मचारी राजेन्द्र भानुदास अडांगले के खिलाफ 420 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस उप निरीक्षक जीडी वाघ कर रहे है। पुलिस की जानकारी अनुसार म्हारल गाव निवासी अच्चुत् बुधाजी सासे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराया है की मुलगाव पो,पिम्परखेड़ तालुका धनीरा बीड जिला निवासी रमेश भानुदास अडांगले 2 नवम्बर 1996 से उल्हासनगर मनपा में सफाई कर्मचारी पद पर कार्यरत है। 2 जनवरी 2001 को रमेश ने महाराष्ट्र शासन के राजपत्र गजट में अपना नाम बदलकर राजेन्द्र भानुदास अडांगले रख लिया है। और बदले नाम राजेन्द्र के नाम से उल्हासनगर मनपा में सफाई कामगार विभाग में सफाई  कर्मचारी पद पर काम कर रहा है। और मनपा प्रशासन व महाराष्ट्र शासन को झांसा देकर धोखाधड़ी किया है। सेंट्रल पुलिस मनपा सफाई कर्मचारी राजेन्द्र भानुदास अडांगले के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे सलाखों के पीछे पहुचा दिया है परंतु इस मामले की प्रमुख कड़ी रमेश भानुदास अडांगले है जिसको पुलिस ने अब तक गिरफ्तार नही वही इस मामले में तत्कालीन मनपा आयुक्त रामनाथ सोनवाने उपायुक्त मुख्यालय उत्तम लोनारे आरोग्य उपायुक्त आरोडे मुख्यस्वछता निरीक्षक के,एम म्हात्रे पर इस मामले में मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया ऐसा मनपा से मिली महितीअधिकार के दस्तावेज से सामने आ रहा है वही इस मामले को उजागर करने वाले रांकपा नगरसेवक भरत गंगोत्री ने इस मामले में लिप्त बाकी लोगो की भी गिरफ्तार की मांग किया है !
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