• प्राचीन शिव मंदिर की हो रही दुर्दशा को रोकने मुख्यमंत्री से लगाई शिव भक्त पाटिल ने गुहार !

    Reporter: fast headline india
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    प्राचीन शिव मंदिर की हो रही दुर्दशा को रोकने मुख्यमंत्री से  लगाई शिव भक्त पाटिल ने गुहार !   

    शिवमंदिर फेस्टिव्हल के नाम पर होता करोड़ो खर्च लेकिन मंदिर बचाने नही है सुध !

    उल्हासनगर - उल्हासनगर और अंबरनाथ इन दोनों शहर के सीमा पर प्रसिद्ध प्राचीन शिवमंदिर है. यहा पर हर साल महाशिवरात्री व श्रावण महिने में बहुत ही बड़ी संख्या में शिवभक्त लोग घण्टो लाइन खड़े होकर दर्शन करते है. यह मंदिर देश के प्राचीन हिंदू मंदिर में से एक है कुछ लोग तो इसे पांडव कालीन होने की बात भी करते है. परंतु इस मंदिर को शासन व पुरातत्व विभाग ने ध्यान नही देने के वजह से मंदिर की कलाकृतियों खराब होकर टूटकर गिर रहे है यहा तक अभी ऐसी हालत है कि मंदिर गिरने की नोबत भी आ सकता है. शिवमंदिर का सरकार के द्वारा व संबंधीत विभाग के द्वारा पुनर निर्माण करके इसकी सुंदरता बरकार रखा जाय ऐसी मांग उल्हासनगर के शिवभक्त विजय चाहू पाटील इन्होंने किया है .


      गौरतलब हो की शिवमंदिर के शिलालेखम्भे से बने इस मंदिर का नीर श.क. ९८२ इ.स. २०६० में शिलहार राजा महामंडलेश्वर माम्वानी राजदेव इन्होंने इसको अनोखी कारीगरों से बनाने का उल्लेख किया गया है.यह शिवमंदिर महाराष्ट्र व कोकण विभाग मे साधारणतः १३०० साल पहले बनने वाले कलापूर्ण हिंदु मंदिरो में से एक सबसे पुराना है . मंदिर पर देवी-देवताओ के अप्रतिम शिल्पकारी व कलाकृतियों से पूरे मंदिर की खम्भे व दीवारों पर अंदर भी इसी तरह से बनाया गया है यही कारण है भक्तों के अलावा देश विदेश के शैलानी भी यहा आते है. बता दे कि पिछले चौदह सालों से     उल्हासनगर के प्रसिद्ध शिवभक्त विजय चाहु पाटील व उनके भाई रवी चाहू पाटील दोनो लोग हर साल श्रावण के पावन महिने में हिंदू संस्कृती संवर्धन महोत्सव यहा पर करते है. श्रावण महिने में एक महीना भर यह भजन, कीर्तन व महाप्रसाद का निरंतर भंडारा के आयोजन पाटील भाइयों के द्वारा किया जाता है . शिवभक्त की वेदना है कि मंदिर की कलाकृतियों से सजी मूर्तियों अब देखरेख के अभाव में गिरने लगी मंदिर में बारिस का पानी टपकता जिससे अंदर की सजावट भी खराब हो रहा है यही नही मंदिर पर खास व काई ने मंदिर की सुंदरता को खराब करके कमजोर कर रहे है यही नही मंदिर गिरे नही इस लिए मंदिर के अंदर लोहे के मोटे एंगल से सपोर्ट दिया गया है.बारिस के समय मंदिर की सजावट में बनी कलाकृतिया अपने आप टूट कर गिर रही है गनीमत इतना है अभीतक इसकी चपेट में कोई भक्त नही आये इस समय रहते मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाय ताकि मंदिर की सुंदरता व क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके.  मंदिर के नाम पर वांले शिव महोत्सव के रूप में हर साल लाखो व करोडो रुपये खर्च करके हर साल मंदिर के परिसर में शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे इनको द्वारा   शिवमंदिर फेस्टिव्हल किया जाता है. ऐसे में जिस मंदिर के निमित्त इतना बड़ा कार्यक्रम होता है उस मंदिर की दुर्दशा पर ध्यान क्यो नही दिया जा रहा यह एक बड़ा सवाल है .    शिवभक्त विजय पाटील इन्होंने मंदिर की बिगड़ती हालत पर चिंता व्यक्त किया है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व पुरातत्व विभाग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार करने की अपील किया है इस विरासत को बचाने आगे भी जो बन पड़ेगा वह करने की बात कही है , यह एक शिवभक्त की वेदना ही है जो उनके द्वारा आज जनता के समक्ष रखा है अब सवाल यह है कि प्रशासन की नींद आखिर कब टूटेगी और मंदिर को बचाने की कार्य प्रगति पर होगा यह तो आने वाले समय मे दिखेगा बता दे कि 2019 में चुनाव ऐसे में स्थानीय विधायक व सांसद जो दोनो शिवसेना से है उनको इस पर गौर करना जरूरी है नही तो उनको इसका खामियाजा चुनाव में उठाना भी पड़ सकता इससे इनकार नही किया जा सकता है .



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