• अवैध हुक्का पार्लर में वंदे मातरम के धुन पर गजेड़ी उडा रहे धुंआ ! दि बिस्टरो ढाबा के कारनामो का हुआ पर्दाफास !

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    अवैध हुक्का पार्लर में वंदे मातरम के धुन पर गजेड़ी उडा रहे धुंआ !

     दि बिस्टरो ढाबा के कारनामो का हुआ पर्दाफास ! 

    पुलिस व कानून को ठेंगा दिखा कर खुलेआम पूरी चलाया जा रहा है नशे का कारोबार ! 

     ठाणे- ठाणे शहर की कुछ ही दूरी पर मुंबई नाशिक हाइवे पर भिवंडी ट्रैफिक के लिए चर्चित भिवंडी बाईपास पर एक फार्म हाउस, दि बिस्टरो ढाबा की देर रात ली हुई यह तस्वीरें है । जिसमें यह देखा जा सकता है किस तरीके से पुलिस और कानून की आंख में धूल झोंक कर खुलेआम अवैध हुक्का पार्लर में चंद गजेड़ी वंदे मातरम गाने की धुन पर धुंआ उठाते दिख रहे है इनको न तो किसी कानून का डर है न किसी की फिक्र बस कस पे कस लगा रहे है ! इसी तरह से दिसंबर 2017 मुंबई लोअर परेल स्थित कमला मिल कंपाउंड इत्तिफ़ाक़ से मोजोस बिस्टरो पब था जिसमें भी अवैध हुक्का पार्लर चल रहा था उसी हुक्के की चिंगारी के चलते बड़ा अग्नि का तांडव मचा दिया था और 14 लोगों की जान भी गवानी पड़ी थी । अब सवाल यह है क्या जब तक यहाँ भी वैसे ही हादसा नही होगा तबतक पुलिस व प्रशासन के लोग कार्यवाई नही करेंगे क्या ?
    बता दे कि जहां पर एक तरफ कानून की धज्जियां उड़ाते है यह हुक्का पार्लर पब वही चौकाने वाली बात यह सामने आयी कि देश की राष्ट्रीय गान वंदे मातरम पर आधारित धरती माँ को हुक्के के धुवें द्वारा सलाम किया जा रहा था। दूसरी उल्लेखनिय बात यह इसी हाईवे पर कुछ ही अंतर पर भारतीय जनता पार्टी के  भिवंडी सांसद कपिल पाटिल का आलीशान बंगला है जहाँ से कुछ रोज पहले ही माननीय मुख्यमंत्री गुज़रे भी थे। ठाणे आयुक्त के परिमंडल दो में आनेवाले भिवंडी के कई मुख्य जगह पर हुक्का पार्लर राजनीतिक पार्टियों के संरक्षण में चल रहे जिसमे साईबाबा मंदिर रोड ,कल्याण रोड और नज़राना कंपाउंड के शिवाजी चौक पर खाड़ी पार रोड पर युवा पीढ़ी की अधिक भीड़ देखी जा रही है । इस नशे में युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है ठाणे के घोडबंदर रोड पर युवक और युवतियां दोपहर से लेकर देर रात 3-4 बजे हुक्का पार्लर पब में देखें जा रहे है जिसे स्थानीय कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है । हुक्का संशोधन को न्यायसंगत बनाने के बावजुद मुंबई, ठाणे,उल्हासनगर, कल्याण,अम्बरनाथ, नवी मुंबई और अन्य शहरों में हुक्का बार बिना किसी डर या खौफ से धूमधाम से चल रहे है और सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ रेस्तरां में भी चल रहे है। महाराष्ट्र में हुक्का पार्लर पर प्रतिबंध लगा  गया बजट सत्र 28फरवरी2018 के अंतिम दिन विधानसभा के दोनों सदनों में यह विधेयक पारित हुआ। मुंबई में दिसंबर 2017 में कमला मिल्स की आग के बाद हुक्का पार्लर के खिलाफ की दहशत का माहौल बन गया इस घटना में हुक्का के लिए इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील कोयले की चिंगारी से आग लग गई थी और उसमें14 लोगो की दर्दनाक मौतें हुई थी। वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाली सरकार ने राज्य में हुक्का पार्लर पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें 28 मार्च 2018 को सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण विनियमन) अधिनियम, 2003 में संशोधन शुरू किया गया था। महाराष्ट्र के लिए विधेयक में कहा गया है, "किसी भी व्यक्ति को या तो किसी अन्य व्यक्ति की तरफ से, किसी भी स्थान पर किसी भी जगह में किसी भी हुक्का बार को खोल या चलाया नहीं जा सकता है।" प्रस्तावित कानून सहायक पुलिस निरीक्षक के पद के किसी भी पुलिस अधिकारी को अनुमति देता है या ऊपर "किसी विषय या आलेख को किसी विषय या हुक्का बार के साधन के रूप में उपयोग करते है तो जप्त किया जाय।" अधिनियम का उल्लंघन एक साल की न्यूनतम कारावास के साथ दंडनीय होगा और तीन साल तक बढ़ा सकता है। जुर्माना न्यूनतम 50,000 रुपये और अधिकतम एक लाख रुपये तक होगा। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के अनुसार घ बिल को परिभाषित किया जाना है। इसका मतलब है कि किसी भी स्थान पर जहां जनता को भर्ती कराया जाता है, और जहां किसी भी व्यक्ति के पास किसी भी व्यक्ति के स्वामित्व या उपभोग करने के लिए परिसर में खपत के लिए किसी प्रकार का भोजन या पेय प्रदान किया जाता है, और इसमें आराम करने का कमरा, बोर्डिंग हाउस , कॉफी हाउस या एक दुकान जहां ऐसी दुकान में या उसके पास खपत के लिए जनता को किसी प्रकार का भोजन या पेय आपूर्ति की जाती है लेकिन इसमें "सार्वजनिक मनोरंजन का स्थान" शामिल नहीं है। विधेयक हुक्का सलाखों को प्रतिष्ठानों के रूप में परिभाषित करता है जहां लोग एक समुदाय हुक्का या तंबाकू धूम्रपान करने के लिए इकट्ठे होते हैं जो अलग-अलग प्रदान किए जाते हैं। सीओटीपीए में संशोधन के बाद, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के अनुसार एक खाने के घर को परिभाषित करना होगा। इसका मतलब है कि एक जगह जहां सार्वजनिक रूप से भर्ती कराया जाता है, और जहां किसी भी व्यक्ति के परिसर में खपत के लिए किसी भी प्रकार के भोजन या पेय की आपूर्ति की जाती है या ऐसी जगह में रुचि या प्रबंधन होता है, और इसमें एक आराम का कमरा, बोर्डिंग हाउस, कॉफी हाउस या एक दुकान जहां ऐसी दुकान में या उसके पास खपत के लिए जनता को किसी प्रकार का भोजन या पेय आपूर्ति की जाती है लेकिन इसमें "सार्वजनिक मनोरंजन की जगह" शामिल नहीं है। वही गुजरात, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में हुक्का पार्लर पहले से ही प्रतिबंधित हैं। उसके बादजूद कानून को ठेंगा दिखाकर इस तरह से हुक्का पार्लर खुलेआम चलाये जा रहा है ऐसे सवाल यह उठता है कि आखिरकार स्थानीय पुलिस ऐसे लोगो पर कार्यवाई नही करने के पीछे का कारण क्या है क्या कोई राजनीतिक मंडली का संरक्षण की वजह से पुलिस कार्यवाई में टालमटोल कर रही है क्या यह एक बड़ा सवाल है ! इसका जवाब समय आने पर सामने आएगा !

    Subjects:

  • No Comment to " अवैध हुक्का पार्लर में वंदे मातरम के धुन पर गजेड़ी उडा रहे धुंआ ! दि बिस्टरो ढाबा के कारनामो का हुआ पर्दाफास ! "