• राज्य सरकार के आदेश को उमपा के सभी नगगरसेवको ने दिखाया ठेंगा ! स्वच्छ भारत अभियान की प्रतिज्ञा लेने से किया इनकार !

    Reporter: fast headline india
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    राज्य सरकार के आदेश को उमपा के सभी नगगरसेवको ने दिखाया ठेंगा !

     स्वच्छ भारत अभियान की प्रतिज्ञा लेने से नगरसेवको किया इनकार !  

      प्रशासन की लापरवाही की वजह से शहर हुआ गंदा ! 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर की महासभा में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता के विषय मे प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रशासन ने नगरसेवक से विनती किया था परंतु नगरसेवकों ने महासभा में शपथ लेने से सीधा मना कर दिया उनका आरोप है कि शहर के गटर,  शौचालय ,कचरो की साफ सफाई की समस्यो का अंबार होते हुए हम लोग यह प्रतिज्ञा कैसे ले सकते है ऐसा स्पष्ट कहा है.      बता दे कि  15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यानी महात्मा गांधी जयंती तक स्वच्छ भारत अभियान को गति देने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनके द्वारा पिछले 4 सालों से प्रयास किया जा रहा है ,इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए देश के एक भाग के रूप स्थानीय लोक प्रतिनिधी को स्वच्छता करवाने की जिम्मेदारी की प्रतिज्ञा लेने का आदेश राज्यशासन के द्वारा दिया गया है . शनिवार की मनपा की महासभा में मुख्य स्वच्छता निरीक्षक विनोद केणे इन्होंने स्वच्छता की बचन बद्धता पर प्रतिज्ञा मेरे साथ ली जिये ऐसे विनती किया तभी सभी पार्टियों के नगरसेवको ने यह प्रतिज्ञा लेने का विरोध किया उसमें भाजपा नगरसेवक भी शामील थे.    सब ने कहा कि हमारे प्रभाग के शौचालय की अवस्था बहुत ही खराब है , शौचालय में दरवाजे नही है जिसके चलते महिलाओ को दरवाजा की जगह पर ओढ़नी नही तो दूसरे कपड़े टांगना पड़ता है, यही नही शौचालयो में पानी की भी ब्यवस्था नही है, लोगो को अपने घरों से पानी लाना पड़ता है लोगो की अनेक शिकायतें मिलने के बाद भी प्रशासन उस पर ध्यान नही देता है .ऐसे में सिर्फ प्रतिज्ञा लेकर उसका क्या फायदा ,प्रशासन स्वतः ही बेजबाबदार है और हमें प्रतिज्ञा लेने को कहती है ? ऐसा सवाल शिवसेना नगरसेवक अरुण आशान इन्होंने  उपस्थित किया था .       महानगरपालिका के मुख्यालय में बने मुतारी शौचालये की स्थिती कितनी दयनीय है कितनी बदबूदार है ,यही नही सभ अधिकारी और कर्मचारियो के कार्यालय में खुलेआम प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसको देखकर यह लगता है कि प्रशासन खुद ही स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा था है ऐसा आरोप शिवसेना नगरसेवक राजेंद्र चौधरी इन्होंने किया है .हम लोगो ने शुरुआत से ही स्वच्छ भारत अभियान में प्रत्यक्ष शामील होने के बाद भी प्रशासन की सक्रियता कही दिखाई नही देता है ऐसा आरोप भाजपा नगरसेवक जमनु पुरुसवाणी इन्होंने किया है . विठ्ठलवाडी पुलिस स्टेशन के पास एन सी टी विद्यालय के पास ही हमेशा एक ड्रेनेज का चेंबर है जो आये दिन भर कर उसका गंदा पानी पूरे रोड़ पर बहता जिसके चलते बदबूदार माहौल बन जाता है , विद्यालय के विद्यार्थी और उनके परिवार के लोगो को मजबूरी में उसी गन्दे पानी से जाने को मजबूर है इसके लिए जिम्मेदार कौन है ऐसा सवाल पूछते हुए प्रशासन पर आरोप शिवसेना नगरसेविका वसुधा बोडारे के द्वारा किया गया था .  भाजपा के नगरसेवक विजू पाटील इन्होंने भी आरोप किया पिछले तीन सालों से नगरसेवको नगरसेवक निधी मिलता नही जिसके चलते मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय , गटर के काम नही हो रहे है . किशोर वनवारी, डॉ प्रकाश नाथानी इन सभी भाजपा के नगरसेवको ने भी प्रशासन को खरी खोटी सुनाई और साथ आरोप किया कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है हम सबको इस प्रतिज्ञा का विरोध करना पड़ रहा है.       शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन का ही नही है इसके लिए लोक प्रतिनिधी, सर्वसामान्य नागरिक इनकी भी जिम्मेदारी होती है . नगरसेवको के किये आरोप को में पूरी तरह से इनकार भी नही कर रहा हूं परंतु सभी मिलकर प्रयाश करेगे तो शहर स्वच्छ हो सकता है ऐसा महासभा में सभी आवाहन आयुक्त गणेश पाटील इन्होंने किया था . बहरहाल इस मुद्दे में शासन के द्वारा आये निर्देश को सभी ने ठेंगा दिखाने का काम किया है !
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