• भाजपा के गुंडों द्वारा मनपा के ईमानदार अधिकारी की गई पिटाई !

    Reporter: fast headline india
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    भाजपा के गुंडों द्वारा मनपा के ईमानदार अधिकारी की गई पिटाई !

     अवैध बांधकाम पर कार्रवाई करने गए मामले में हुआ हमला ! 

    मनपा कर्मियों किया निषेध ! 15 लोगो के विरुद्ध पुलिस ने दर्ज किया मामला !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर में अनधिकृत दुकानों पर कार्रवाई करने गए मनपा के सहायक आयुक्त विजय मंगलानी की भाजपा नेता कपिल अडसूल और उनके साथी ने पिटाई की।इस प्रकरण पुलिस ने अडसूल सहित १० से १५ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है । मनपा के सभी कामगार संघटनों ने इस घटना का निषेध किया है।    
      उल्हासनगर - ३ स्थित शांतीनगर परिसर में गावडे स्कूल के सामने अनधिकृत दुकान के गाले बन रहे थे। इस संदर्भ में प्रभाग १ के सहायक आयुक्त विजय मंगलानी के पास शिकायत प्राप्त होने के बाद वे स्वयं अनधिकृत बांधकाम विरोधी पथक ४ कर्मचारियों के साथ बांधकाम तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर रहे थे, तभी भाजपचा जिला सचिव  कपिल अडसूल , आदिनाथ अडसूल, महेश अडसूल और १० से १५ अज्ञात लोग कार्रवाई का विरोध करते हुए मनपा के कर्मचारियों से मारपीट की ,उसके बाद उन्होंने विजय मंगलानी से धक्कामुुक्की करके उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनकी लात मुक्कों से पिटाई की।इसके बाद उन लोगों ने मंगलानी के कपड़ें भी फाड़ डाले।  इस प्रकरण में विजय मंगलानी ने मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कपिल अडसूल , आदिनाथ अडसूल , महेश अडसूल और उनके १० से १५ साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विजय मंगलानी के सहायक आयुक्त का पदभार संभालने के बाद से अनधिकृत बांधकामों के विरोध में उन्होंने जोरदार मुहिम शुरू की है। विवादग्रस्त ७०५ इस रिजर्व भूखंड पर हुए अनधिकृत बांधकाम को तोड़ने के लिए उन्होंने नोटीस भी भेजा था। इन सबका ही परिणाम यह मारपीट की घटना बताई जा रही हैं।      विजय मंगलानी पर हुए हमले और मारपीट के विरोध में कामगारों की संघटना ने कुछ समय के लिए बंद का भी आवाहन किया था।इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मंगलानी ने कहा कि मुझे इस प्रकरण में पुलिस का अच्छा सहयोग मिला है, लेकिन मनपा की तरफ से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिलता है,ऐसा गंभीर आरोप उन्होंने मनपा पर लगाया है।     मंगलानी अनधिकृत बांधकामों के विरोध में हमेशा काम करटे हैं, इसलिए राजकीय नेताओं द्वारा प्रशासन पर दबाव डाला जाता रहा है। प्रशासन भी दबाव में ही निर्णय लेने की मनस्थिती में रहती है। दूसरी तरफ गणेश शिंपी जैसे भ्रष्ट अधिकारी को अनधिकृत बांधकाम विरोधी पथक का प्रमुख बनाया गया है। इस प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा शिंपी पर कार्रवाई करने का आदेश देने के बाद मनपा आयुक्त अच्युत हांगे  ने शिंपी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। प्रशासन के इस दुहरी मापदंड के कारण ईमानदार अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसी प्रतिक्रिया एक ज्येष्ठ कर्मचारी ने दी है ।
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