• रिश्वतखोर से दोस्ती निभाने चक्कर में मनीष हिवरे जा सकती खुद की कुर्सी ! मंत्रालय के आदेश को 3 महीने से दबा कर रखने के मामले हुआ पर्दाफाश !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा सामान्य प्रशासन के आला अधिकारी हिवरे अनोखा कारनामें का हुआ पर्दाफाश ! 

    मंत्रालय के आदेश को 3 महीने से दबाकर अपने पास रखा, नही होने दी आयुक्त को इसकी खबर ! 

    आयुक्त हांगे ने दिया दफ्तर दिरंगाई के तहत कार्यवाई करने आश्वासन ! 

    रिश्वतखोर से दोस्ती निभाने के चक्कर अब गवा सकते अपनी कुर्सी !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर महानगरपालिका के रिश्वतखोर अधिकारी गणेश शिंपी पर महाराष्ट्र शासन द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू है, इसके अंतर्गत शासन ने शिंपी पर मनपा द्वारा कार्रवाई करके इसकी जानकारी शिकायत कर्ता को दें,ऐसा स्पष्ट आदेश दिया गया है, लेकिन महानगरपालिका सामान्य प्रशासन के सहायक आयुक्त मनीष हिवरे के पास शिंपी के बारे में आया हुआ शासन का पत्र लगभग ३ महीने दबाकर रखा है। इस संदर्भ में उन्होंने न आयुक्त को जानकारी दी और ना ही शासन को इस कारण शिकायत कर्ता ने यह मांग किया है कि हिवरे के विरुद्ध दफ्तर दिरंगाई की कार्यवाई करने की मांग आयुक्त से की है।    
      उल्हासनगर महानगरपालिका के सहायक आयुक्त और अवैध बांधकाम निष्कासन प्रमुख गणेश शिंपी को एक अनधिकृत बांधकाम प्रकरण में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था, जिसके बाद इनके विरुद्ध एंटीकरप्शन विभाग की तरफ से कार्रवाई की गई थी। यह प्रकरण अभी भी न्यायालय में विचाराधीन होते हुए भी शिंपी को सहायक आयुक्त और अनधिकृत बांधकाम निष्कासन प्रमुख का पद दिया गया है।शासन के अध्यादेश के अनुसार रिश्वतखोरी के प्रकरण में कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारी को एकांकी पद दिया जाए,लेकिन इस अध्यादेश को मनपा नजरन्दाज कर रही है।     इस संदर्भ में समाजसेवक कमलेश खतुरानी और कुछ पत्रकारों ने शिंपी के विरोध में महाराष्ट्र शासन के नगरविकास विभाग में ७सितंबर२०१८ को शिकायत दर्ज कराके शिंपी को उनके मूल पद अर्थात स्टनोग्राफर के तौर पर रखा जाए, ऐसी मांग और निवेदन किया था।         महाराष्ट्र शासन नगरविकास विभाग के उल्हासनगर मनपा कक्ष अधिकारी विणा मोरे ने इस प्रकरण में २५सितंबर २०१८ को युएमसी २०१८ / ७५९४ /नवि-२१ इस आदेशवके अनुसार शिंपी पर कार्रवाई  करने का आदेश मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने दिया था और इस संदर्भ में जानकारी शिकायत कर्ता को दी जाए,ऐसा पत्र में दर्ज किया था। यह पत्र उल्हासनगर मनपा के नागरी सुविधा केंद्र द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपा गया था,इसकी इंट्री भी की गई थी।इस संदर्भ में मनपा का  सामान्य प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त मनीष हिवरे से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है, मैं इसके बारे में पता करता हूं। कल कुछ पत्रकारों ने मनपा आयुक्त अच्युत हांगे के पास मनीष हिवरे के बारे में शिकायत कर उनपर दफ्तर दिरंगाई तहत कार्यवाई करने की मांग की। शिंपी पर कार्रवाई न हो,इसलिए मनीष हिवरे ने इस मुद्दे पर समय गवां रहे हैं, ऐसा पत्रकारों ने आयुक्त के ध्यान में लाया। मनपा आयुक्त ने पत्रकारों के सामने कहा कि आगे की कार्रवाई करने के लिए मुख्यालय उपायुक्त संतोष देहरकर के पास पत्र भेजा गया है। उस बात में कितनी सच्चाई है यह तो जग जाहिर है !
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