• उमपा प्रशासन का नायाब कारनामें का हुआ पर्दाफाश ! रिश्वतखोर को प्रभारी चार्ज,सदोष मनुष्य हत्या का मामला दर्ज होने वाले को दिया प्रमोशन !

    Reporter: fast headline india
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    उमपा प्रशासन का नायाब कारनामें का हुआ पर्दाफाश ! 

    रिश्वतखोर,बोगस प्रमाण पत्र,मागसवर्गीय भर्ती घोटाले व मामला दर्ज होने के बाद भी अधिकारी की दी पदोन्नती और प्रभारी चार्ज !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन का नायाब कारनामो का पर्दाफाश हुआ जहाँ एट्रोसिटी का मामला दर्ज होने के कारण जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाणे की पदोन्नती को महासभा ने रद्द कर दिया। वही रिश्वतखोरी के मामले गिरफ्तार ही चुके स्टोनोग्राफर गणेश शिंपी को प्रभारिचार्ज दिया गया है तो मागसवर्गीय घोटाले बोगस प्रमाण पत्र देने के मामले में आरोपित महिला कर्मचारी का प्रमोशन दिया गया वही वरिष्ठ लिपिक अजित गोवारी पर सदोष मनुष्य हत्या का मामला दर्ज होने के बाद भी उनको भी अधिक्षक पद पर पदोन्नति कैसे किया गया है यह एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है।इसकी वजह से मनपा प्रशासन के कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो गया है ! 
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    बता दे कि उल्हासनगर महानगरपालिका के ६ वरिष्ठ लिपिकों की अगस्त महीने में पदोन्नती की गई, इस पदोन्नती की सूची में सहायक आयुक्त अजित गोवारी का भी समावेश है । वरिष्ठ लिपिक के पद से अधीक्षक पद पर उनकी पदोन्नती की गई है लेकिन अजित गोवारी पर सदोष मनुष्य हत्या का मामला दर्ज होने के बाद भी उनकी पदोन्नती कैसे की गई, ऐसा प्रश्न उपस्थित हुआ है।
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     इस संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग के लिपिक अच्युत सासे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनका चुनाव समिती के आदेश द्वारा सादर किए गए पदोन्नती के प्रस्ताव पर तत्कालीन आयुक्त गणेश पाटील ने निर्णय लेकर पदोन्नती दी थी। गोवारी पर क्यों हुआ मामला दर्ज ४ दिसंबर २०१४ को कल्याण-बदलापुर रोड को १०० फुट तक चौड़ा करने का काम मनपा ने अपने हाथ में लिया था। उस समय १७ सेक्शन परीसर के दुकानों पर मनपा ने बुलडोजर चलाने की शुरूवात की थी । गुल मदनानी के टिल्सन शॉपिंग कॉम्पलेक्स सामने दुकानों पर बुलडोजर ने कारवाई शुरू की,इस कार्रवाई के शुरू रहते ही न्यायालय का स्टे ऑर्डर आने पर इस दुकान का तीसरा मंजिल हवा में तैर रहा था। न्यायालय ने दिए गए आदेश में कहा था कि जबतक निर्णय नही होता है, तबतक इस धोखादायक बांधकाम को न तोड़ा जाए,लेकिन मनपा ने इसे नजरअंदाज किया।१९ जुलाई २०१५ को जोरदार बरसात में दोपहर ढाई बजे के लगभग गुल की दुकान गिर गई और इस मलबे के नीचे दबने से वायरमैन का काम करनेवाले अशोक पाल(४३)की मृत्यु हो गई। इस प्रकरण में मध्यवर्ती पुलीस स्टेशन में अकास्मात मृत्यू का मामला दर्ज किया गया था और पुलिस की जांच शुरू थी ।पूरे एक वर्ष बाद मध्यवर्ती पुलिस ने ही अजित गोवारी के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में अभी तक पुलिस ने चार्जशीट भी पेश नही किया। ऐसा होते हुए एक कलंकित अधिकारी को पदोन्नती कैसे दी गई, ऐसी चर्चा महानगरपालिका में हो रही है ।
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    उल्हानगर महानगरपालिका के मागासवर्गीय भरती घोटाला जैसे अनेक मामले का खुलासा हुआ था. कुछ दिनों पहले राजेंद्र अढांगले इस सफाई कर्मचारी ने अपने भाई के नाम 15 सालों से नोकरी करने का मामले का पर्दाफाश हुआ . इस मामले में अढांगले इनके विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया और उसे जेल जाना पड़ा है. इस मामले में तत्कालीन मनपा के कुछ अधिकारियों की मिली भगत होने का भी मामला प्रकाश में आया है उन वरीष्ठ अधिकारी और कर्मचारियो जांच होना अभी बाकी है.ऐसे में मनपा के विवादित अधिकारी गणेश शिंपी को सहाय्यक आयुक्त और अनधिकृत बांधकाम निष्कासन प्रमुख की जबाबदारी देने से मनपा प्रशासन की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगने लगा है.मनपा प्रशासन ऐसे लोगो पर अपनी साख बचाती है या इनके साथ खड़ी रहकर अपने ऊपर लग रहे आरोपो को साबित करवारी यह तो आने वाले समय में ही सामने आएगा !
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