• लव,सेक्स,फिर हुआ मर्डर,पुलिस ने सस्पेंस से उठाया पर्दा !

    Reporter: fast headline india
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    लव,सेक्स,फिर हुआ मर्डर,पुलिस ने सस्पेंस से उठाया पर्दा ! 

     प्रेमी डॉक्टर निकला आरोपी ! 

    सोशल मीडिया के जरिये राखी को जिंदा रखे हुए थे डॉक्टर !

     उत्तर प्रदेश-उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के चर्चित चिकित्सक व आर्यन हास्पिटल के मालिक डॉ. डीपी सिंह को यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को प्रेमिका राखी श्रीवास्तव की नेपाल में हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने में मददगार बने डॉ. सिंह के दो कर्मचारियों को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इन कर्मचारियों ने जुर्म कबूल भी किया है। उनके मुताबिक राखी को पोखरा में पहाड़ से खाई में ढकेल दिया गया था। 
    यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में लव...सेक्स...मर्डर.. और पूरे मामले में पड़े सस्पेंस से पर्दा उठाया। उन्होंने सिलसिलेवार बताया कि किस तरह राखी डॉक्टर के प्रेम जाल में फंसी, कैसे प्रेम परवान चढ़कर शादी तक पहुंचा और फिर उसका अंत मर्डर के रूप में हुआ।  यश के मुताबिक शाहपुर क्षेत्र के बिछिया की रहने वाली राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव जून में रहस्यमय हाल में लापता हो गई थी। राखी के भाई अमर प्रकाश ने शाहपुर थाने में 04 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने उसके दूसरे पति बिहार के वजीरगंज थाना क्षेत्र स्थित लोहगरा निवासी मनीष सिन्हा पर बहन को गायब करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण व धमकी में तरमीम कर विवेचना शुरू कर दी थी। उन्हें इस केस की जानकारी हुई तो उन्होंने एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह को लगाया था। उनकी टीम इस पर काम कर रही थी। जांच में डॉक्टर डीपी सिंह की भूमिका पर संदेह हुआ। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से जांच के बाद पता चला कि जिस समय वह गायब हुई है उस समय उसका लोकेशन नेपाल में था। एसटीएफ टीम ने नेपाल से जानकारी जुटाई तो वहां 08 जून को एक युवती की लाश मिलने की बात सामने आई। एसटीएफ ने उसकी पहचान राखी के रूप में करने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया।  ऐसे आए शक के घेरे में  आईजी ने बताया कि एक से चार जून तक राखी की मोबाइल लोकेशन नेपाल में था। वह अपने पति मनीष सिन्हा के साथ फ्लाइट से नेपाल गई थी। राखी नेपाल में ही रुक गई और मनीष लौट आया। उसी दौरान राखी से बातचीत के बाद डॉ. डीपी सिंह भी अपने दो कर्मचारी प्रमोद कुमार सिंह तथा देशदीपक के साथ नेपाल पहुंच गए थे। राखी को लेकर तीनों पोखरा गए वहां उसे शराब में नशीली दवा पिलाकर तीनों ने मिलकर पहाड़ से ढकेल कर उसकी हत्या कर दी। सारंग कोटा जिला कास्की पोखरा नेपाल से 08 जून को राखी की लाश बरामद हुई थी। इस तरह डॉक्टर के प्रेम जाल में फंसी राखी  आईजी ने बताया कि वर्ष 2006-07 में राखी के पिता हरेराम श्रीवास्तव की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें डॉ. डीपी सिंह के आर्यन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। तीमारदार के रूप में राखी पिता के साथ रही। इस बीच डॉक्टर से उसकी नजदीकी बढ़ी और मुलाकात का दौर बढ़ने के साथ ही उनके बीच संबंध हो गया था। इसके बाद राखी ने पत्नी का दर्जा देने का दबाव बनाना शुरू किया तो फरवरी 2011 में डॉ. डीपी सिंह ने गोण्डा के एक मंदिर में राखी से शादी कर ली। इस शादी के बारे में उस समय डॉ. डीपी सिंह की पहली पत्नी ऊषा सिंह को जानकारी नहीं थी। दोनों से एक बेटी भी पैदा हुई जिसकी अस्पताल में  इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डॉक्टर ने राखी को खरीद कर दिया मकान  राखी को डॉक्टर ने सरस्वतीपुरम, बिछिया, थाना शाहपुर में एक मकान खरीद कर दिया था। वहीं जब डॉ. डीपी सिंह की पहली पत्नी को इस शादी की जानकारी हुई तो वह हैरान रह गईं। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर ने राखी से किनारा कर लिया। इसके बाद राखी ने डॉक्टर के खिलाफ महिला थाने में रेप का मुकदमा भी दर्ज कराया था। इस केस में पुलिस की मेहरबानी हुई और एफआर लग गई। डॉक्टर डीपी सिंह से संबंध खत्म होने के बाद राखी ने वर्ष 2016 के फरवरी में बिहार के रहने वाले मनीष सिन्हा से दूसरी शादी कर ली। इधर डॉक्टर और उनकी पत्नी ऊषा सिंह में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद डॉक्टर ने राखी से एक बार फिर नजदीकी बढ़ा ली। वह डॉक्टर को ब्लैकमेल भी करने लगी थी। बना ली थी हत्या की योजना  डॉक्टर डीपी सिंह ने राखी को रास्ते से हटाकर पूरे विवाद को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने इसके लिए अपने ड्राइवर प्रमोद कुमार सिंह और कर्मचारी देशदीपक को तैयार किया। आईजी के मुताबिक कर्मचारियों को इस हत्या के बाद पांच हजार रुपये वेतन में बढोतरी करने की डॉक्टर ने लालच दी थी जिसके बाद वे तैयार हो गए थे। जब राखी अपने पति के साथ नेपाल पहुंची तब डॉक्टर को जानकारी हो गई उसने मिलने के लिए कहा तो राखी ने पति को यह कहते हुए भेज दिया कि वह अभी यहां रुकेगी उसे और काम है। पति चला गया उसके बाद डॉ. अपने कर्मचारियों के साथ पहुंच गए।  सोशल मीडिया के जरिये राखी को जिंदा रखे थे आरोपित आईजी अमिताभ यश ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उसे जिंदा रखने की कोशिश की थी। उन्होंने उसका मोबाइल अपने पास रख लिया था और अलग-अलग स्थानों से सोशल मीडिया पर अपडेट कर पुलिस के साथ अन्य को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। पकड़े जाने से पहले तक उन्होंने राखी का मोबाइल गुवाहाटी में फेंका था। इससे उसका वर्तमान लोकेशन गोवाहाटी बता रहा था। नेपाल पुलिस के साथ मिलकर सजा दिलाएगी एसटीएफ  आईजी अमिताभ यश ने कहा कि डॉ. डीपी सिंह और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस के पास प्रर्याप्त सबूत हैं। शाहपुर थाने में दर्ज मुकदमें के हिसाब से इनके खिलाफ यहां कार्रवाई की जाएगी। नेपाल पुलिस भी मदद ली जाएगी। नेपाल पुलिस पोस्टमार्टम कराकर उसकी जांच कर रही है। जरूरत के हिसाब से वे भी अपने यहां उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। दोनों देश की पुलिस की मदद से डॉक्टर डीपी सिंह और उसके साथियों को सजा दिलाई जाएगी।
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