• ईमान अधिकारी के छुट्टी पर जाते ही रिश्वतखोर अधिकारी ने शुरू किया अपना खेल !

    Reporter: fast headline india
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    ईमान अधिकारी के छुट्टी पर जाते ही रिश्वतखोर अधिकारी ने शुरू किया अपना खेल ! 

    शहद रोड़ के बंद पड़े अवैध आरसीसी निर्माणो को लाखों की रिश्वत लेकर दी बनाने छूट ? 

    मनपा आयुक्त का हर दिन इसी रोड़ से है आना जाना फिर भी बन रहे खुलेआम अवैध निर्माण ! 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा की हद से गुजरने वाला कल्याण मुरबाड़ रोड़ के चौडा करने का काम चल रहा है उसी रोड़ से शहद के पास रोड़ कटिंग के बहाने अवैध आर सी सी निर्माण इन दिनों खुलेआम शुरू है इस निर्माण को संरक्षण देने का काम मनपा का रिश्वतखोर अधिकारी अवैध बांधकाम विभाग प्रमुख शिंपी के द्वारा किया जा रहा है इस संरक्षण के नाम पर लाखों की रिश्वत लिया गया है ऐसा विश्वसनीय सूत्रों से बाते सामने आ रही है,क्यो जबतक इस प्रभाग के एक ईमानदार अधिकारी विजय मंगलानी थे तबतक यह सारे अबैध निर्माण पूरी तरह से बंद थे,कुछ अबैध निर्माण कर्ताओ द्वारा उनपर हमला भी किया गया था फिर भी वो अपनी ड्यूटी ईमानदारी से कर रहे थे परंतु फैमली कारणों के चलते इन दिनों वो छुट्टी पर है बस इसी फायदा उठाते हुए रिश्वतखोर ने इस मौके फायदा उठाते हुए सभी कामो को शुरू करवाकर उसे अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देकर इन अवैध निर्माणों को शुरू करवा दिया है यही कारण है एक ये सारे अबैध निर्माण जोर शोर से दिन दहाड़े बनाये जा रहे है ,मनपा आयुक्त का भी रोज उसी रोड़ से आना जाना उसके बादजूद यह निर्माण बदस्तुर जारी है !

     बता दे दी कि उल्हानगर महानगरपालिका के मागासवर्गीय भरती घोटाला जैसे अनेक मामले का खुलासा हुआ था. कुछ दिनों पहले राजेंद्र अढांगले इस सफाई कर्मचारी ने अपने भाई के नाम 15 सालों से नोकरी करने का मामले का पर्दाफाश हुआ . इस मामले में अढांगले इनके विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया और उसे जेल जाना पड़ा है. इस मामले में तत्कालीन मनपा के कुछ अधिकारियों की मिली भगत होने का भी मामला प्रकाश में आया है उन वरीष्ठ अधिकारी और कर्मचारियो जांच होना अभी बाकी है.ऐसे में मनपा के विवादित अधिकारी गणेश शिंपी को सहाय्यक आयुक्त और अनधिकृत बांधकाम निष्कासन प्रमुख की जबाबदारी देने से मनपा प्रशासन की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगने लगा .

    शिंपी का मूल पद यह स्टेनोग्राफर आहे . ये 8 / 5 / 2013 में मनपा के तत्कालीन आयुक्त बालाजी खतगावकर के पीए (स्वीय सचिव) पद पर काम करते समय ठाणे एंटीकरप्शन विभाग ठाणे ने इन पर कार्यवाई करते हुए 25 हजार की रिश्वत लेते रंगेहात गिरफ्तार किया था इनके साथ बिट मुकादम  इनको भी जाल बिछाकर 50 हजार की रिश्वत लेते पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस दरम्यान शिंपी को कुछ समय के लिए निलंबित किया गया था उसके कुछ समय बाद तत्कालिन मनपा आयुक्त मनोहर हिरे इनके कार्यकाल में गणेश शिंपी इनकी सहाय्यक आयुक्त पद पर बहाली किया गया इस दरम्यान इनके कार्यकाल के दरम्यान बड़े पैमाने इनके प्रभाग में हुए है ,अभी शिंपी के पास सहाय्यक आयुक्त और अवैध बांधकाम निष्कासन प्रमुख पद भी दिया गया है. इनको पद संभालने के बाद पूरे शहर में अवैध निर्माण बनाने में बड़े पैमाने पर तेजी आई है. यहा देखने वाली बात यह है कि महाराष्ट्र शासन निर्णय क्र निप्रआ -1111/प्र क्र 86 / 11 -अ  प्रमाण के अनुसार जिस भी शासकीय अधिकारी / कर्मचारी विरुद्ध बेहिसाब संपत्ती प्रॉपर्टी, नैतिक अधःपतन, रिश्वतखोरी ,हत्या,या हत्या का प्रयास , बलात्कार ऐसे गंभीर मामले किसी पर भी फौजदारी मामले दर्ज हुए है और उन्हों इसकी वजह से निलंबित किया गया है और खटला / अपील / विभागीय चौकशी प्रलंबित होने के दरम्यान उसको पुनस्थापित करने निर्णय हुआ है तो ऐसे में ऐसे मामले के अधिकारी / कर्मचारी को ऐसा पद दिया जाय जहाँ पर अधिकारी का पब्लिक से जनसंपर्क या रिश्वत लेने की संभावना न बने ऐसे पदपर नियुक्ती दी जाय ऐसा महाराष्ट्र के जीआर में स्पष्ट लिखा है. ऐसे में मनपा के द्वारा ऐसे अधिकारी को मलाईदार पोस्ट देकर क्या साबित करना चाहती या इसके पीछे की मंशा भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा देने का तो नही है क्यो       गणेश शिंपी जिनकी मनपा में स्टेनोग्राफर इस पदपर नियुक्ती किया गया था यह पद एकांकी था इस पद पर काम करने वाले ब्यक्ति को दूसरा कोई पद कानून के हिसाब से नही दिया जा सकता है, ऐसे में अपने पद का इस्तेमाल कर रिश्वत लेते हुए रंगेहात पकड़ा गया है उसे शासन के जीआर के नियमो को ताख पर रखकर ऐसा मलाईदार पद देने की पीछे के कारण क्या है ! इनके प्रभाग अधिकारी पद पर बैठने के बाद से अवैध निर्माण का बड़े पैमाने से इतना स्पष्ट है कि रिश्वत का खेल कैसे हुआ है क्यो किसी काम पर कार्यवाई हुई भी तो फिर दूसरे दिन बनकर खड़े हो गए है . यह रिश्वतखोर अपनी वसूली करके सभी अधिकारियों को मैनेज करके अवैध निर्माण कर रहा है यह जग जाहिर हो चुका है,इस विषय पर जब मनपा आयुक्त अच्युत हांगे से बात किया गया तो उन्होंने भी माना कि शहद रोड़ पर रोड़ कटिंग की आड़ में अबैध आर सी सी निर्माण किया जा रहा है परंतु कार्यवाई की बात पर वह भी टाल मटोल करते दिखाई दिए इसका मतलब है कि रिश्वत का खेल मनपा की पूरी जड़ो तक पहुचकर खोखला बना चुकी है जबतक ऐसे भष्ट्र अधिकारी पर कार्यवाई नही होगी तब तक इस शहर में ऐसे ही अबैध निर्माण बनते रहेंगे और रिश्वतखोरी का धंधा फलता फूलता रहेगा !
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