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  • महिला बचत गट के साथ सत्ता व विपक्ष ने किया धोखा - मनसे

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    महिला बचत गट के साथ सत्ता व विपक्ष ने किया धोखा ! 

    महिला बचत गट की आक्रामक महिलाये करेगी शाशन प्रशासन का विरोध ! 

     मनसे नेता सचिन कदम ने किया "कोल्बो कंपनी " पर लगाये गभीर आरोप ! 

     साढ़े 3 करोड़ में दिया जाने वाला है ठेका ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के जिला अध्यक्ष सचिन कदम ने उमनपा आयुक्त अच्चयुत हांगे को एक पत्र देकर आरोप लगाया कि G.I.S.मालमत्ता कर विभाग का काम करने के लिए जो निविदा मंगाई गई है,इसमें बड़े पैमाने पर लेनदेन किया गया है,निविदा नुसार कम से कम तीन निविदा मंगाया जाना अनिवार्य है।
    सचिन कदम ने आरोप लगाया कि शहर वाशियो से बतौर टैक्स व अन्य कर के रूप में वसूल किया जाने वाला पैसा G.I.S.के लिए 13 करोड़ और छपाई के लिए 3 करोड़ रुपये व्यर्थ जाने वाला है।यही  छपाई का काम महिला बचत गट 35 से 40 लाख रुपये में करने के लिए सक्षम है। मनसे नेता सचिन कदम ने "कोल्बो कंपनी" नागपुर पर आरोप लगाया कि नागपुर,पनवेल,अम्बरनाथ व कल्याण जैसे शहरों में इस कंपनी ने समाधान कारक काम नही किया है और इस कंपनी ने वहां का काम आधे-अधूरे में छोड़ दिया है।
  • 26 करोड़ के हीरे लेकर फरार हुआ दलाल को आखिरकार पुलिस ने किया गिरफ्तार ! कुंभ में किया स्नान @

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    26 करोड़ के हीरे लेकर फरार हुआ दलाल को आखिरकार पुलिस ने किया गिरफ्तार ! 

    वारदात के बाद कुंभ स्नान करने गया था प्रयागराज !

     21 करोड़ के हीरे पुलिस ने किया बरामद ! 

    मुंबई-मुंबई की बीकेसी पुलिस ने 26 करोड़ रुपये के हीरे लेकर फरार आरोपी को डेढ़ महीने की मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से 21 करोड़ के हीरे बरामद हुए हैं. मामले में कुल सात आरोपी हैं. मुख्य आरोपी यतीश फिचाडिया ने हीरे लेकर फरार होने के बाद कुंभ स्नान भी किया था.   
    इलाके के डीसीपी अनिल कुंभारे के मुताबिक 11 दिसम्बर को बीकेसी पुलिस थाने में 26 करोड़ 91 लाख रुपये के हीरे चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी. शिकायत के मुताबिक हीरा दलाल यतीश फिचाडिया 26 हीरा कारोबारियों के हीरे लेकर फरार हो गया था. पुलिस की कई टीमें बनाकर यतीश की तलाश शुरू हुई. पता चला कि आरोपी देश के अलग-अलग हिस्सों में वेश बदलकर रह रहा है. हालांकि वह आखिरकार मुंबई के पास ही पकड़ा गया डीसीपी के मुताबिक आरोपी ने हीरा चोरी की साजिश तीन महीने पहले से ही बनाना शुरू कर दी थी. योजना के तहत पहले पुलिस की आंख में धूल झोंकना था. फिर अगर पकड़ लिया जाए तो उसने बचने के लिए कानूनी सलाह भी ले रखी थी.पुलिस के मुताबिक  मामले में हीरा दलाल यतीश और हीरा छुपाने में मदद करने वाले राज अंसारी के साथ कुल सात आरोपी हैं. पता चला है कि आरोपी प्रयागराज में कुंभ नहाने के साथ अजमेर, मथुरा, दिल्ली , चंडीगढ़, शिमला और भुवनेश्वर भी गया था
  • जमीन विवाद को लेकर एक ब्यक्ति को मारी गोली मौके पर हुई मौत !

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    जमीन विवाद को लेकर एक ब्यक्ति को मारी गोली मौके पर हुई मौत !

     गोरखपुर-गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव निवासी 50 वर्षीय संत निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना की वजह बाग के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। परिजनों ने पट्टीदारी के युवक के विरुद्ध तहरीर दी है।
    घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सुबह संत निषाद गांव में ही एक व्यक्ति से मिलने गए था। अभी बातचीत कर ही रहे थे कि असलहा लेकर पहुंचे पट्टीदारी के दिनेश निषाद ने ताबड़तोड़ तीन गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। परिजनों ने के मुताबिक दिनेश के परिवार से बाग के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। उसी रंजिश में हत्या की गई है। दिनेश पर पहले से हत्या सहित कई मुकदमें दर्ज हैं।
  • एस एस टी विद्यालय के बच्चे पिकनिक मनाकर वापस आते समय बदलापुर में गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट दो की मौत पांच घायल !

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    एस एस टी विद्यालय के बच्चे पिकनिक मनाकर वापस आते समय बदलापुर में गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट दो की मौत पांच घायल ! 

    उल्हासनगर- उल्हासनगर के एस एस टी विद्यालय के कुछ विद्यार्थी दोस्त के जन्मदिन के पिकनीक मना के बारवी डैम वापस आते समय यह हादसा हुआ !  उस दरम्यान उनकी गाड़ी का बदलापूर के बारवी डैम रोड़ पर भीषण एक्सीडेंट हो गया इस एक्सीडेंट में दो बच्चों की मौत हो गई पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल है जिनका इलाज अलग अलग अस्पताल में किया जा रहा है .यह घटना सुबह  11 बजे के दरम्यान हुई है इस घटना के सामने आते ही उल्हासनगर शहर में खलबली मच गई है .       
    गौरतलब हो कि बदलापूर के सोनावले गांव के पास बुधवार को बारवी डैम पर जाकर जन्मदिन मनाने जा रहे थे इस पिकनीक के लिए ग्यारह विद्यार्थी एम.एच.05.DH 9925 इस आर्टिका गाडी से जाते समय इस गाड़ी का रास्ते में भीषण दुर्घटना का शिकार हो जाती है ऐसा बताया जा रहा है कि गाड़ी अनियंत्रित होने की वजह से यह एक्सीडेंट हुआ है इस घटना में उल्हासनगर कैम्प.न. चार की एस,एस टी महाविद्यालय की एफ.वाय.बी. एम.एस.इस क्लास में पढ़ते है.  इस भीषण दुर्घटना में कुर्ला कैम्प उल्हासनगर चार की नुपन संजय तायडे (18), और चिंचपाडा कल्याण की रहने वाली कुमारी ऋतिका कदम (18) इन दोनों की मौत हो गई है .इसमें पांच लोग गभीर जख्मी है जिनमें प्रतीक साबले , निखिल वेलकर, कमलेश राजपूत, गणेश सिंह,संकेत वाडेकर के नाम है इनका इलाज अभी शासकीय अस्पतालो शुरू है गाड़ी के ड्राइवर का बदलापूर के प्राइवेट अस्पताल किया जा रहा है तीन लोगों का उल्हासनगर के शासकीय सेंट्रल अस्पताल में ईलाज किया जा रहा है !        
  • पूज्य पंचायत ट्रस्ट जमीन झोलझाल के मामलों एस डी ओ का नया खुलासा बताई महाराष्ट्र सरकार की है जमीन !

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    पूज्य पंचायत ट्रस्ट जमीन झोलझाल के मामलों एस डी ओ का नया खुलासा बताई महाराष्ट्र सरकार की है जमीन !

     इस जमीन की नही बनी है कोई सीडी पत्रकारों के समक्ष प्रशासकीय अधिकारी  कही ये बात !

     सरकारी जमीन की फिर कैसे हुई रजिस्ट्री !

    आखिरकार कौन है इस जमीन का असली मालिक कौन महाराष्ट्र सरकार, बखतराम तलरेजा,या पूज्य ट्रस्ट ? 

    कौन है वह कुकरेजा जो अपने फर्जी पेपरों को नही पकड़े जाने का करता है दावा !

     उल्हासनगर - उल्हासनगर नम्बर तीन में प्लॉट नम्बर 351,शीट नम्बर 11 ओटी सेक्शन पर पूज्य धर्मवाडी पंचायत ट्रस्ट की जमीन के हड़पने के मामले में एक नया मोड़ आया है उल्हासनगर के यस डी ओ गिरासे ने मंगलवार की शाम 4 बजे पत्रकारों से बात करते समय अहम खुलासा करते हुए बताया अभी यह जमीन प्रापर्टी कार्ड पर महाराष्ट्र सरकार की लिखा और इसकी कोई सनद या सीडी नही है इस लिए इसे अतिक्रमण करने वालो से मुक्त करके शासन अपनी जमीन अपने कब्जे में लेने की पहल कर रहा है !
    गौरतलब हो कि इस खुलासे के बाद पूज्य धर्मवाडी पंचायत जो 70 सालों से इस जमीन पर अपना कब्जा बता रहे दूसरी तरफ नगरसेवक टोनी सिरवानी ने जमीन मालक स्वर्गीय बखतराम तलरेजा के वारिसों से खरीदने के साथ अपना दावेदारी कर रहे है अब सवाल यह है कि एक प्रशासन के अधिकारी के दिये बयान के बाद मामला और पेचीदा हो गया अगर जमीन प्रापर्टी कार्ड पर महाराष्ट्र सरकार की लिखी हुई और इसकी कोई सनद नही बना है ऐसे में जो टोनी सिरवानी के पास जमीन के वारिसदारो के द्वारा की गई रजिस्ट्री कैसे हुई दूसरी तरफ पूज्य पंचायत 70 सालों से अपना कब्जा बता रही ऐसे में जमीन का असली मालिक है कौन यह सवाल खड़ा हो गया है ! या कोई तीसरा ही कोई मदारी है जो इस खेल को अंजाम दे रहा है सूत्रों की माने तो उल्हासनगर में एक कुकरेजा नाम ब्यक्ति है जो ऐसी जमीन के फर्जी पेपर बनाने का काम करता और दावा भी करता है कि मेरे द्वारा बनाये गये पेपर को कोई भी पकड़ नही सकता है उसके पास आज भी पुराने पेपर और बनावटी कई सरकारी अफसरों के स्टम्प है जिसका इस्तेमाल करके इस तरह के मामले को पेचीदा बनाया जा रहा है क्योकी अगर जमीन के प्रापर्टी कार्ड पर महाराष्ट्र सरकार लिखा है 1986 में अतिक्रमणदार पूज्य पंचायत दिखाया गया है तो फिर इस जमीन की अचानक सीडी सामने आने से कई सवाल खड़े करता है और पेपरों की फर्जीवाडे की पोल भी खोल रही है आज किये एसडीओ के खुलासे से यह बात पक्की हो गई है कि जमीन को अपने पक्ष में लाने के लिए फर्जी पेपरों का जमकर इस्तेमाल हो रहा है इस लिए अब इस मामले की जांच की मांग को सीबीआई से कराने की मांग स्थानीय जनता द्वारा की जाने लगी है यही नही फर्जीवाडे को अंजाम देने वाले कुकरेजा की भी जांच की मांग की आवाजें उठने लगी है क्यो की जमीन का असली हकदार है कौन यह सच जनता के सामने आ सके !
  • नगरसेवक व एस डी ओ ने मिलकर रचा ट्रस्ट की जमीन हड़प करने का षणयंत्र -बाबू मगतानी

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    करोड़ो की ट्रस्ट की जमीन के फर्जी पेपर बनाकर हड़प करने के मामले का हुआ पर्दाफाश ! 

    नगरसेवक व एस डी ओ ने मिलकर रचा ट्रस्ट की जमीन हड़प करने का षणयंत्र -बाबू मगतानी 

    अपने पद का दुरुपयोग करके ट्रस्ट के लोगो डराने कर रहा है कोशिश ! 

    बिना कोई नोटिस के ही अपने अधिकारियो को भेज कर बोर्ड पर लगाया काला पेंट ! 

    फर्जी सनद के पेपर कैसे पहुचा एस डी ओ कार्यालय के अंदर कौन जो कर रहा है इनकी मदत ! 

    फिर से ट्रस्ट की जगह की नई सी डी बनाने की चल रही है चाल ! 

     कभी भी प्रशासन की मदत से किया जा सकता जमीन पर जबरन कब्जा -बाबू मगतानी

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में एक ट्रस्ट की जमीन को हड़पने में गंगाजल पार्टी के नगरसेवक टोनी सिरवानी और उल्हासनगर एस डी ओ जगत सिंह गिरासे की मिलीभगत करके उसके कुछ जाली पेपर बनाकर हड़प करने का सनसनीखेज आरोप ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा किया गया है ! उल्हासनगर पूर्व नगरसेवक व पूज्य धरमवाडी पंचायत के अध्यक्ष बाबू मगतानी इन दोनों पर इस जमीन को हड़पने का सीधा आरोप किया है ! 

    गौरतलब हो कि उल्हासनगर नम्बर तीन में प्लॉट नम्बर 351 ओटी सेक्शन पर पूज्य पंचायत ट्रस्ट है इसकी जमीन काफी बड़ी है जिसकी कीमत आज के बाजार भाव के अनुसार 20 से 25 करोड़ है इस लिए इस जमीन पर कई सालों से शहर की भू माफिया मंडली गिद्ध रूपी नजर गड़ी हुई थी परंतु कोई कुछ कर नही पा रहा था अब इस जमीन को हड़प करने में जो नाम सामने आया वह वही के वर्तमान गंगाजल पार्टी के नगरसेवक टोनी सिरवानी और उनके सहयोगी के तौर उल्हासनगर के एस डी ओ जगत सिंह गिरासे के द्वारा सांठगांठ करके उस जमीन के फर्जी पेपर बनाकर हड़प करने का मामला सामने आया है,ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबू मगतानी ने 19 जून 2018 एक माहिती अधिकार अधिनियम 2005 के जरिए यस डी ओ कार्यालय से प्लॉट नम्बर 351,शीट नम्बर 11 कैम्प नम्बर 3 की जमीन लता बखतराम तलरेजा इनकी दिनांक 27 जून 2011 को दी गई अर्जी व कार्यालय दिनांक 29 जून 2011 को दिए गए जमीन की जांच के पत्र क्रमांक,sdo/plot/कि-3/ws-58 इस कि जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में एस डी ओ कार्यालय ने माहिती दी कि ऐसा कोई भी पत्र कार्यालय के आवक रजिस्टर व कार्यविवरण नोदवही में नोद नही है इस लिए आपके द्वारा मांगी गई माहिती दी नही जा सकती है,परन्तु इसके बाद ही एक पुराने डेट की सी डी इसी जगह उसी एस डी ओ के कार्यालय से निकल कर सामने आती है इस जगह दो सी डी सामने आई दोनो एक असली है दूसरी सी डी फर्जी है अब सवाल यह है यह फर्जी सी डी को बनाने का काम हुआ और उसको कार्यायल में रखा गया इस लिए एस डी ओ गिरासे की भूमिका भी संदिग्ध में आ रही है क्यो कुछ समय पहले गिरासे ने इस जमीन पर अपना बोर्ड लगाया था परन्तु कोर्ट की फटकार के बाद उन्हें अपना बोर्ड हटाना पड़ा था इसी के बाद बोखलाए एस डी ओ ने इस जमीन को हथियाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है और स्थानीय नगरसेवक टोनी सिरवानी के साथ मिलकर पूज्य धर्मवाडी पंचायत ट्रस्ट के लोगो को आये दिन नोटिस व अपने अधिकारियों को भेज कर लोगो को डराने के नए नए फंडे यूज कर रहे है करोड़ो की जमीन को जबरन कब्जा करने की कोशिश लगातार किया जा रहा है पूज्य धर्मवाडी पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबू मंगतानी आरोप किया है कि एस डी ओ जगत सिंह गिरासे व नगरसेवक टोनी सिरवानी कभी भी जमीन जबरन कब्जा करने की फिराक में है इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदत का जुआड गिरासे के द्वारा किया जा रहा है,जब मामल अभी हियरिंग चल रहा है उसको बादजूद अपने पद का दुरूपयोग बिना किसी नोटिस के पांच दिन पहले नायाब तहसीलदार व तलाटी समेत चार लोगों को भेज कर ट्रस्ट के द्वारा लगाए गए बोर्ड को निकालने के लिए भेजा था लोगो के विरोध के बाद वो लोग बोर्ड नही निकाले उस पर काला पेंट लगाकर वापस चले गए ! मगतानी ने आरोप किया है कि करोड़ो की जमीन को हड़प करने के लिए ये किसी भी हद तक जा सकते है इस लिए ऐसे भृष्ट अधिकारी की जल्द यहाँ से बदली हो और इनकी पूरी जांच हो क्यो की उल्हासनगर से नकली सीडी बनाकर करोड़ो रूपये कमा चुके ऐसे करेप्ट अधिकारी को सलाखों के पीछे रखा जाना चाहिए उन्होंने इस बारे मुख्यमंत्री से लेकर जिल्हा अधिकारी को पत्र लिखकर कार्यवाई करने की मांग किया है !
    इस बारे में एस डी ओ जगत सिंह गिरासे से संपर्क करने की कोशिश किया परन्तु उन्होंने फोन नही उठाये इस लिये उनकी प्रतिक्रिया नही मिल सका !नगरसेवक टोनी सिरवानी को फोन किया गया तो वो किसी कार्यक्रम बिजी होने की बात कह कर बाद फोन करता हु कहके फोन काट दिए इस लिए उनकी भी प्रतिक्रिया मिल नही पाई !
  • रिस्क बेस प्लान घोटाले की जांच मनपा नगररचनाकार को करने का मनपा आयुक्त ने दिया आदेश !

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     रिस्क बेस प्लान घोटाले की जांच मनपा नगररचनाकार  को करने का मनपा आयुक्त ने दिया आदेश !  

    रिस्क बेस प्लान में बिना सनद के पेपरों पर दिए गए प्लान ! 

     रिस्क बेस प्लान वालो की नींद हुई हराम कार्यवाई से बचने के लगाए जा रहा जुआड !  

    आर्किटेक्ट वाघ को मिले 20 से अधिक प्लानों की होगी जांच ! 

     गलत प्लान पर मनपा चलाएगी बुलडोजर -मनपा आयुक्त हांगे 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के चर्चित रिक्स बेस प्लान घोटाले में मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे ने बीते सोमवार को जांच करने का आदेश दिया है इस बार इसकी जांच के लिए मनपा के नगररचनाकर को सभी प्लानों को जांच करने की कमान सौपने का आदेश दिया और सभी बोगस व वाईलेसन पर बुलडोजर चलना तय है है यही नही आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ व सुयोग एसोसियेट के द्वारा पास किये गए सभी प्लानों की जांच करने की बात भी कही है वही जांच के इस आदेश के बाद घोटाले बाजो की नींद हराम हो गई है और इससे बचने के जुआड में सभी घोटाले बाज एक जूट हो गए है ऐसी जानकारी सूत्रों से सामने आ रही है !
    बता दे कि इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए फस्ट हेडलाइन इंडिया इस खबर के पूरे मामले को प्रकाशित किया था इसमें एक रैकेट का चौकाने वाला सच सामने आया है इस रैकेट में चार अहम किरदार है इसमें दो मनपा के रिश्वतखोर है जो सलाखों के पीछे जा कर आ चुके है तीसरा एसोसिएट चौथा वो आर्किटेक्ट जिसके जरिये सबसे ज्यादा इस प्लान को पास करवाया गया है यही नही सभी प्लान पास हुए जगह के पेपर आधे अधूरे है कई जमीनों के तो सी डी भी नही है उन जगहों पर भी प्लान पास किया गया है यही नही टी एल आर तो लगभग सभी प्लानों के नही है मनपा के नगररचनाकार विभाग के रजिस्टर में इंट्री की माने तो 32 रिक्स बेस प्लान पास हुए उसमें 20 प्लान एक ही आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ जरिये पास किया गया है ! इन सारे प्लान को पुराने डीपी प्लान के आधार पर पास किया है जबकि शासन के अध्यादेश के मुताबिक जितने भी प्लान पास किये जायेंगे वह नए डीपी प्लान के नियमो के अनुसार से करना अनिवार्य है सारे रिक्स बेस प्लान जो बन चुके है या बन रहे वह सारे रोड़ पर बन रहे है नए डीपी के अनुसार देखा जाए मतलब पूरा प्लान ही बोगस कहा जा सकता है अगर उमपा के नगररचनाकार सोनवणे की माने तो अब सवाल यह है इसकी जांच होकर कार्यवाई करेगा कौन ? सारे सवालों को विराम लगाते हुए सोमवार की शाम हुई पत्रकार की मीटिंग के दौरान मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे ने रिक्स बेस के सभी प्लानों के जांच करने का आदेश दिया है अब उन प्लानों की जांच करने की जिम्मेदारी मनपा के नगरचनाकर सोनवणे को देने की बात मनपा आयुक्त ने कही है और कहा है जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नही जाएगा और सभी बोगस प्लानों पर मनपा का बुलडोजर चला कर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है,मनपा आयुक्त के इस आदेश के बाद इस घोटाले को अंजाम देने वालो की नींद हराम हो गई है और अपने किये गए कर्मो को छुपाने के जुआड में जुटने की जानकारी मनपा सूत्रों से सामने आ रही है 
  • उमपा के आयुक्त ने किया "राष्ट्र ध्वज" का अपमान !

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    उमपा के आयुक्त ने किया "राष्ट्र ध्वज" का अपमान ! 

    गोलमैदान में सबसे ऊंचे तिरंगे को जूते पहनकर फहराया ! 

    विधायिका और महापौर की मौजूदगी में हुई यह गलती !

     राष्ट्र ध्वज के अपमान का मामला दर्ज करने की उठ रही मांग ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर मनपा ने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्र ध्वज का अपमान कर दिया।शहर की जनता अब मनपा आयुक्त,महापौर और विधायिका के खिलाफ राष्ट्र ध्वज के अपमान का मामला दर्ज करने की मांग कर रही है। ज्ञात हो कि 26 जनवरी को शहर के गोलमैदान में मनपा की ओर से गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया था।इस समारोह को मनपा की महापौर,मनपा आयुक्त और विधायिका उपस्थित थी।राष्ट्र ध्वज को पूरे सवैधानिक सम्मान के साथ सलामी दी गई लेकिन मनपा आयुक्त ने जूते पहनकर राष्ट्र ध्वज फहराया इस दौरान टी ओ के भाजपा मनपा महापौर पंचम कालानी,राकांपा विधायिका एवम महापौर की सास ज्योति कालानी उपस्थित थी। काबिले गौर हो कि राष्ट्र ध्वज को जूते पहनकर फहराना राष्ट्र ध्वज का अपमान माना जाता है।इसलिए शहर की जनता ने मांग की है कि मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ,महापौर और विधायिका के खिलाफ राष्ट्र ध्वज के अपमान का मामला दर्ज हो।
    यहां बता दे कि मनपा की ओर से डेढ़ सौ फुट ऊंचा राष्ट्र। ध्वज फहराने का एलान किया था लेकिन किसी को यह मालूम नही पड़ा कि राष्ट्र ध्वज कितना ऊंचा फहराया गया है। आयुक्त ने अपने संबोधन के दौरान 125 फुट ऊंचा,महापौर ने सौ फुट से ऊपर और विधयिका ज्योति कालानी ने 110 फुट से राष्ट्र ध्वज फहराने का दावा किया।हालांकि मनपा का कहना है कि उसकी ओर से डेढ़ सौ फुट ऊंचा तिरंगा उल्हासनगर की इतिहास में पहली बार फहराया गया है।ऐसे में सवाल यह उठता है कि या तो मनपा की ओर से झूठ बोला जा रहा है,या फिर मनपा आयुक्त 125 फुट ऊंचा तिरंगा फहराने का झूठ  बोल रहे है।रही बात मनपा शासन और विधायिका की तो वे अपनी राजनीति में मस्त है।उन्हें कितना ऊंचा तिरंगा फहराया गया इस बात से दोनों को किसी तरह का लेना देना नही है।इस बाबत जनता ने पुलिस से मांग की है कि वह राष्ट्र ध्वज फहराने का ऊंचाई निकालकर तीनो के खिलाफ कार्यवाही करे।इस बाबत शिवसेना शहर प्रमुख राजेन्द्र चौधरी कहा कि अगर मनपा के उच्च प्रशासनिक ओहदे पर आसीन आयुक्त ने जूता पहनकर तिरंगे को हाथ लगाना राष्ट्र ध्वज का अपमान है ।जिसकी जितनी निंदा की जाय कम है।लेकिन शहर की प्रथम नागरिक महापौर और विधायिका के समक्ष घटे इस कृत्य से जनता में तीव्र नाराजगी है
  • उल्हासनगर में लहराया 150 फ़ीट ऊंचा तिरंगा !

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    उल्हासनगर में लहराया 150 फ़ीट ऊंचा तिरंगा ! 

    महापौर कालानी के प्रयाश से लोगो को मिला पहला तिरंगा जो हमेशा लहरायेगा ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में 26 जनवरी 2019 प्रजासत्ताक दिवस के अवसर पर उल्हासनगर के गोल मैदान में मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे, महापौर पंचम कालानी, रांकपा विधायिका ज्योती कालानी जी द्वारा उल्हासनगर के गणमान्यों व मनपा नगरसेवकों, उमपा अधिकारी कर्मचारीयों, समाजसेवियों, पत्रकारों और आम जनमानस की उपस्थिति में इस ध्वजारोहण को किया गया ! 
    बता दे कि यह उल्हासनगर के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा तिरंगा फहराने सौभाग्य मिला इस तिरंगे को शहर के कई जगहों से सीधे देखा जा सकता यह इतनी ऊंचाई पर है मनपा की महापौर पंचम कालानी की पहल व ओमी कालानी की कोशिश व रांकपा विधायिका ज्योति कालानी की मेहनत से यह सपना साकार हुआ और इतना ऊंचा तिरंगा आज से फहरने लगा है जो हमेशा फहराता रहेगा है उल्हासनगर के लोगो ने इसके के लिए दिल से कालानी परिवार दिल से धन्यवाद किया है ! ध्वज संहिता के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुये उल्हासनगर मनपा के सुरक्षा विभाग द्वारा ससम्मान ध्वजारोहण समारोह सम्पन्न किया गया, उल्हासनगर की शांन माने जाने वाले ऊंचे तिरंगे को सलामी देने दिनभर शहर वासियों की भीड़ उमड़ी रही है।
  • 'मणिकर्णिका' ने पहले दिन कमाए 15 करोड़ !

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    'मणिकर्णिका' ने पहले दिन कमाए 15 करोड़ ! 

    मणिकर्णिका की राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी !


     मुंबई-मुंबई कंगना रनौत की फिल्म 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' रिलीज़ हो चुकी है. कंगना के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को दर्शकों का मिक्स रिएक्शन मिला है. अपनी रिलीज़ से पहले ही कई कारणों से चर्चा में रही मणिकर्णिका की राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी. इसके बाद सेलेब्स प्रीमियर हुआ और फिर फिल्म को रिलीज़ किया गया. फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग में राष्ट्रपति कोविंद और बीजेपी के सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे.

    फिल्म के गाने सेंसर बोर्ड चीफ प्रसून जोशी ने लिखे हैं. इसके अलावा करणी सेना और कंगना के बीच भी फिल्म को लेकर विवाद छाया रहा. जाहिर है, फिल्म अपनी रिलीज़ से पहले अच्छी खासी पब्लिसिटी पा चुकी थी. ऐसे में कंगना की इस फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन पर सभी की नज़रें हैं. मणिकर्णिका को भारत भर में 3000 स्क्रीन्स पर रिलीज़ किया गया था. इसके अलावा ये फिल्म विदेशों में 700 स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई थी. माना जा रहा था कि फिल्म अपनी रिलीज़ के पहले दिन 13-15 करोड़ की कमाई कर सकती है लेकिन फिल्म ने पहले दिन 9 करोड़ का बिजनेस किया है. ऐसी उम्मीद है कि गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते फिल्म की कमाई में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो सकती है. कंगना की एक्टिंग को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर मिक्स रिएक्शन मिले. कंगना के कई फैंस ने उनकी एक्टिंग को देखते हुए उनके लिए तीसरे नेशनल अवार्ड की मांग भी कर दी है. वे इससे पहले फिल्म क्वीन और तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लिए नेशनल अवार्ड जीत चुकी है.बॉलीवुड की बात की जाए तो साल के पहले महीने में ही उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक और सिंबा जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई कर रही हैं. जहां सिंबा 230 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है, वहीं उरी ने भी अब तक 130 करोड़ से ज्यादा कमा लिए हैं. इससे पहले महिला केंद्रित फिल्म वीरे दी वेडिंग ने अपनी रिलीज़ के पहले दिन 10.4 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की थी. कंगना की फिल्म ये रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गई है. फिल्म की माउथ पब्लिसिटी होने पर कंगना की फिल्म को जबरदस्त फायदा हो सकता है.
  • 500 और 1000 हजार के बंद हुए 20 लाख रुपये साथ पुलिस ने एक ब्यक्ति को किया गिरफ्तार !

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    500 और 1000 हजार के बंद हुए 20 लाख रुपये साथ पुलिस ने एक ब्यक्ति को किया गिरफ्तार !

    गिरफ्तार आरोपी है ट्रांसपोर्ट का कारोबार ! 

    पुलिस को एक मुखबिर के जरिये मिली थी जानकारी !

    बंद नोटो को नेपाल ले जाकर चलाने की तैयारी ?   


    उल्हासनगर -उल्हासनगर भारत में बंद हुए एक हजार और पांच सौ के पुराने 20 लाख 10 हजार रुपये किंमत की नोट के साथ एक को गिरफ्तार किया है, एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इस कार्यवाई को अंजाम दिया है !
    पुलिस मिली जानकारी के अनुसार उनको एक खबरी से जानकारी मिला कि  उल्हासनगर - 4 के श्रीराम चौक के पास सूर्या लॉज के पास एक व्यक्ती ऐसे नोट लेकर आने वाला है . उसी जानकारी के अनुसार पुलिस उपनिरीक्षक शेलके , पुलिस नाईक के आय सूर्यवंशी, दिनेश पाटील, मोरे, एस एस गायकवाड इन्होंने बीती रात को 8 बजे होटल परिसर एक जाल बिछाया , कुछ देर बाद उस जगह पर एक सफेद कलर की गाड़ी जिसका नम्बर एम एच 05 डी एच 1179 इस स्विफ्ट कार में से एक ब्यक्ति लाल रंग की बैग हाथ में लेकर उतरा उसके बाद खबरी के इशारे के बाद पुलिस ने उसको धर दबोचा और पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू किया तो उसने अपना नाम  लक्ष्मण सुरेश मनुजा ( 30 ) ऐसा बताया . वह उल्हासनगर - 3 के सी ब्लॉक परिसर में रहता है .पुलिस उसके बैंग की तलाशी लिया तो उसमें 500 सौ 4 हजार नोट 1 हजार के 10 नोट पुराने नोट मिले कुल मिलाकर 20 लाख 10 हजार थे . इसके अलावा, सॅमसंग कंपनी का मोबाईल स्विफ्ट कार ऐसे कुल मुद्देमाल 26 लाख 18 हजार 100 रुपये का माल जप्त किया है . पुलिस उपनिरीक्षक टी,एच, शेलके की शिकायत पर गु,रजि, नं,28/2019,भादवि, कलम188 सीआरपीसी41(1)(ड) महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम124 द स्फेफिक बैंक नोट (सेक्सन ऑफ लाइबिलिटी)एक्ट2017 के कलम 5व7 के तहत मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया और शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया कोर्ट ने आरोपी की जमानत पर रिहा कर दिया है आगे की इस मामले की जांच विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन वरिष्ठ
    निरीक्षक कदम के द्वारा किया जा रहा है !       
  • जिओ टॉवर लगाए जाने का स्थानिक नागरिको का विरोध !

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    जिओ टॉवर लगाए जाने का स्थानिक नागरिको का विरोध ! 

    मनपा आयुक्त ने दिए सभी जिओ टॉवर के काम रुकाने का आदेश ! 

    30 टॉवर लगाने की नगरचनाकर ने दी थी अनुमति !  
     फाइल फोटो

    उल्हासनगर-उल्हासनगर शहर में खड़े किए जा रहे जिओ मोबाईल कंपनी के टॉवर को स्थानिय नागरिको और भाजपा नगरसेविका रेखा ठाकूर ने कड़ा विरोध दर्शाते हुए आपत्ति जताई है।जिसके चलते इस संदर्भ में मनपा प्रशासन को लिखित शिकायत देकर एक शिस्टमंडळ ने मुलाकात करके दिया है। इस मामले की गभीरता को देखते हुए मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे ने सभी जिओ टॉवर के काम रोकने का आदेश दिया है ! 
    गौरतलब हो कि कैम्प क्र.एक स्थित बेवस चौक परिसर में जिओ कंपनी के मोबाईल टॉवर लगाए जा रहे है।हैरत की बात तो यह है कि जिस जगह पर टावर लगाए जा रहे है वह भूखंड मनपा की मिलकियत है।बावजूद इसके कुछ कथित लोगो ने कपनी से करार कर टावर निर्माण में खुलेआम लगे हुए है।वैसे तो अमुमम टावरों को ऊँचे इमारतों पर लगाया जाता है।लेकिन यहाँ पर सीधे जमीन पर टॉवर खड़े किए जा रहे है।चौकाने वाली बात तो यह है कि जिस जगह पर टॉवर का निर्माण किया जा रहा है उसके इर्दगिर्द घनी आबादी वाली बस्ती है। आने वाले भविष्य में टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से नागरिको के स्वस्थ को धोखा निर्माण हो सकता है।ऐसा आरोप स्थानिक रहिवासियो ने किया है। स्थानिक नगरसेविका रेखा ठाकूर का कहना है कि इस संदर्भ में मैंने अनेको शिकायत मनपा प्रशासन से की थी। जिसके चलते शिकायतो को गंभीरतापूर्वक लेते हुए टावर निर्माण कार्य को रोक दिया था।लेकिन अब फिर से टावर निर्माण का काम शुरू हो गया है। कल नगरसेविका रेखा ठाकूर और स्थानिक नागरिको का शिष्टमंडल मनपा नगररचनाकार मिलिंद सोनावणे से मुलाकात कर इस बाबत लिखित शिकायत सौप कर अवगत कराया।इस पर मिलिंद सोनावणे ने बताया की सभी तरफ मोबाईल टॉवर लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है।टावर न होने से मोबाईल ग्राहको के कॉल ड्रॉप होने की समस्या में भारी इजाफा हो रहा है।जब उक्त मामले सर्वोच्च न्यायालय में पहुँचा तब न्यायालय के आदेश के बाद मोबाईल टॉवर लगाने की अनुमति दी गई है। और मनपा ने भी इसी आदेश का पालन कर मोबाइल टॉवर खड़े करने हेतु अनुमति कंपनी को दी है।टॉवर को लेकर मनपा महापौर पंचमकलानी ने भी आपत्ति जताते हुए विरोध दरसाया है कि जियो कंपनी के टॉवर इमारत की जगह घनी बस्ती में लगाये जाने से नागरिको के सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।फिलहाल शहर भर में 20 टॉवर लगाने को लेकर मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने भी सर्वोच न्यायालय का हवाला देते हुए कहा कि टॉवर लगाने के लिए न्यायालय ने कुछ शर्तें कंपनियों को दी है।अगर कही भी शर्त का उल्लंघन होता दिखा तो उसे तुरंत रोक दिया जाएगा। फिलहाल पहले ही टॉवर के खिलाफ उठे विरोध के बाद मनपा आयुक्त ने टॉवर निर्माण पर स्थगिति दी है।और सोनावणे को सभी ठिकानों का मुआयना कर टॉवर लगाने में शर्तो का सही तरीके से पालन होने के बाद ही अनुमति देने के निर्देश दिए है।
  • मनपा आयुक्त ने बिना परमिशन पेड़ काटने वालो पर दिया मामला दर्ज करने आदेश !

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    मनपा आयुक्त ने बिना परमिशन पेड़ काटने वालो पर दिया मामला दर्ज करने आदेश ! 

    आयुक्त ने खुद जाकर काटे गए पेड़ का मुवायना ! 

    प्रभाग अधिकारी को लगाई फटकार ! 

    शोशल ग्रुप पर वीडियो वायर होने के मनपा प्रशासन की यह कार्यवाई ! 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर में शोसल ग्रुप पर कुछ जगह झाड़ काटने के लेकर वीडियो वायरल हो रहा था यह पूरा मामला प्रभाग दो की हद की थी जैसे ही यह मामला मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे के सामने आया तो उन्होंने फैसला आन द स्पॉट करते हुए प्रभाग दो के प्रभाग अधिकारी कुमावत के साथ दलबल लेकर पेड़ काटे गए आस्था अस्पताल के पीछे के स्थल पर पहुचे और कुमावत को आदेश दिया कि पूरे मामले का पंचनामा करके पेड़ काटने वाले के खिलाफ मामला दर्ज करके के कार्यवाई करने को कहा है !
    बता दे कि आज दोपहर शोसल ग्रुप पर एक वीडियो वायर हुआ जिसमें दिख रहा था कि पांच बड़े अशोक के पेड़ बिना किसी परमिशन के काट दिया था और उसकी पत्ते जलाया जा रहा था जब इस मामले को लेकर पत्रकारों ने मनपा आयुक्त हांगे से बात किया गया तो उन्होंने मामले की गंभीरता से लेते हुए तुरन्त उस जगह का मुवायना करने का फैसला लिया और प्रभाग दो के वार्ड आफिस भगवान कुमावत को फोन कर घटना स्थल पर आने को कहा जब तक आयुक्त पहुचे तबतक कुमावत अपने दलबल के साथ मौके पर पहुचे और पूरे मामले को देखने के बाद कुमावत को बोला कि पूरे मामले का पंचनामा करके पेड़ काटने वाले लोगो के विरुद्ध मामला दर्ज करके कार्यवाई करे, उल्हासनगर में खाली पड़े जमीन को हड़पने के लिए आये दिन बड़े पेड़ बिना परमिशन के ही काट दिए जाते है परंतु इस मामले में जिस तरह से आयुक्त ने एक्शन लिया उसके बाद लोग पेड़ काटने से पहले दस बार सोचेंगे वही इस विषय पफ मनपा आयुक्त स्थानीय प्रभाग अधिकारी कुमावत को भी खरी खरी सुनाई ओर कहा कि प्रभाग में क्या हो रहा इसकी जानकारी आपको नही है दुबारा ऐसी शिकायत आई तो आप पर भी कार्यवाई की जाएगी !
  • उल्हासनगर में शिवसेना के बैनर को लेकर हुआ विवाद !

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    उल्हासनगर में शिवसेना के बैनर को लेकर हुआ विवाद !

    सागर उटवाल के बैनर से स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की फोटो रहा नदारत !

    स्थानीय नेता ने लगाई जमकर फटकार !

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में तीन दिन पूर्व एक शिवसेना नेता सागर उटवाल के जन्मदिन पर शहर भर में लगाये गए बैनर में सिर्फ पालकमंत्री और सांसद का फोटो होने सेे एक वरिष्ठ शिवसेना नेता ने इससे चिढ़कर फोन कर उटवल की जोरदार क्लास लेने की शहर में चर्चा है. पालकमंत्री के करीबी होने के कारण लोकसभा में इसका असर होने की शंका से इनकार नही किया जा सकता। बता दे कि सागर उटवाल मात्र 28 वर्ष से राज नीति में  है पहले वो महाराष्ट्र नवनिर्मान सेना और  फिर टीओके
    का सफर कर उपशहर प्रमुख अरुण आशान के सहयोग से शिवेसना में प्रवेश किया था.कुछ ही दिनों में सागर पालकमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद पुत्र श्रीकांत शिंदे के सबसे करीबी बन गए. और उल्हासनगर विधानसभा संघटक और लोकसभा मतदार संघ सोशल मिडिया प्रमुख के पद भर सौपा गया.तीन दिन पहले सागर उटवाल का जन्मदिन बड़े जोरशोर से मनाया गया. इस अवसर पर पूरे शहर में बड़े बड़े बैनर लगाया गए थे. इन बैनरों पर आबा, नाना, भाऊ, दादा नाम से सागर उटवाल को उल्हासनगर शिवसेना के बड़े नेताओं में सुमार किया गया. सागर ने बैनरों पर  पालकमंत्री और सांसद  शिंदे का ही फ़ोटो लगाया था.ऐसा ही एक बैनर अँब्रोसिया हॉटेल के सामने लगाया गया था.इस बैनर में स्थानिक नगरसेवक व शहरप्रमुख राजेंद्र चौधरी का भी फ़ोटो नही लगाने से शहर में जोरदार चर्चा शुरू हो गयी.चौधरी द्वारा उटवाल को फोन करके खरी खोटी सुनने व बैनर उतरने की चर्चा शहर में चल रही है। इस बारे में सागर उटवाल से संपर्क करने पर कहा की पूरे शहर में बैनर लगाए गये थे.कई बैनर छोटे होने के कारण उस बैनर पर बाळासाहेब, दिघेसाहेब, पालकमंत्री, सासद की ही फ़ोटो था बड़े बैनरों पर सभी पदाधिकारियों की फ़ोटो था.बैनर को लेकर मेरा किसी से कोई भी पदाधिकारी से विवाद नही हुआ है।
  • 6 मिस कॉल और अकाउंट से गायब हो गए 1.86 करोड़ रुपये !

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    6 मिस कॉल और अकाउंट से गायब हो गए 1.86 करोड़ रुपये ! 

     2 नंबर युके, 2 हिंदुस्तानी और 2 बिना नाम के आये थे मिस कॉल ! 

    14 अकाउंट में हुआ था ट्रांसफर ! शिकायत के बाद 20 लाख बैंक ने किया रिकवरी ! 

    मुंबई- मुंबई में बढ़ रहे साइबर क्राइम ने कारोबारियों की नींद हराम कर दी है. माहिम के एक कारोबरी के अकाउंट से रातों रात एक करोड़ 86 लाख रुपये गायब हो गए. पता चला है कि साइबर अपराधियों ने उस व्यापारी के फ़ोन नंबर को सिम स्वैप कर उसके अकाउंट से रुपये उड़ा लिए.
    27 दिसंबर की रात मुंबई के इस कारोबारी को 6 मिस कॉल आए. 27 दिसंबर की रात मुंबई के इस कारोबारी को 6 मिस कॉल आए. 2 नंबर युके, 2 हिंदुस्तानी और 2 बिना नाम के थे. सुबह जब कारोबारी उठा तो वो हैरान रह गया. उसने देखा कि उसका सिम कार्ड डीएक्टिवेट है. जिसके बाद उसने सर्विस प्रोवाइडर को कॉल किया तो पता चला कि उन्होंने ही डीएक्टिवेट करने की रिक्वेस्ट की थी. जिसके बाद उन्हें स्कैम का शक हुआ. उनके बैंक अकाउंट में 1.86 करोड़ रुपये थे. जब उन्होंने बैंक में पता किया तो 1.86 करोड़ रुपये निकाल लिए गए थे. बैंक ने बताया कि ये रुपये देश के ही 14 अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं और 14 अकाउंट से 28 जगह से ट्रांजेक्शन हुआ है.बैंक सिर्फ 20 लाख रुपये ही रिकवर कर पाई. अधिकारियों ने घोटाले की जांच की जिसे सिम स्वैपिंग कहा जाता है. सिम की क्लोनिंग करके आराम से धोखाधड़ी की जा सकती है. अपराधी फर्जीवाड़ा कर शिकार का दूसरा सिम कार्ड बनाकर O.T.P का इस्तेमाल करते हैं.BKC साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है. पुलिस अफसर ने बताया- सिम की क्लोनिंग कर धोखाधड़ी दी गई है. कारोबारी को किसी पर शक नहीं है. अपराधियों ने देर रात कॉल किया जब उनका फोन साइलेंट मोड पर था. मिस कॉल से अकॉउंट में रखे रुपये गायब होने की इस वारदात ने लोगों की नींद उड़ा दी है.
  • ISIS में शामिल होने की फिराक में लगे 9 संदिग्धों को महाराष्ट्र ATS ने किया गिरफ्तार !

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    ISIS में शामिल होने की फिराक में लगे 9 संदिग्धों को महाराष्ट्र ATS ने किया गिरफ्तार !

     आरोपियों के पास से कई मोबाइल समेत कुछ केमिकल भी हुआ बरामद ! 

    मुंबई-मुंबई महाराष्ट्र एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने आईएसआईएस कनेक्शन के सिलसिले में सोमवार को राज्य में कई जगह छापेमारी की। इस दौरान एटीएस ने 9 संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कई मोबाइल समेत कुछ केमिकल भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए संदिग्ध कथित तौर पर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने वाले थे। इस बीच खबर है कि इस मामले में महाराष्ट्र के बाहर भी कुछ गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 
    महाराष्ट्र एटीएस का कहना है, 'विश्वस्त सूत्रों से मिले इनपुट के आधार पर प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े एक समूह के लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान ठाणे के मुंब्रा औरऔरंगाबाद जिले में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई। मंगलवार रात को संदिग्धों से पूछताछ की गई।' छापे के बारे में जानकारी देते हुए एटीएस ने बताया, 'तलाशी अभियान के बाद 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छापे की कार्रवाई के दौरान कुछ केमिकल, पाउडर, मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव, सिमकार्ड, ऐसिड बोतल और धारदार चाकू बरामद किए गए हैं। यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून 1967) के तहत गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।'एटीएस के एक अधिकारी ने एनबीटी को बताया कि पकड़े गए सभी संदिग्ध सीरिया जाने वाले थे। वहां उन्हें फिदायीन ट्रेनिंग दी जानी थी। पकड़े गए पांच संदिग्ध औरंगाबाद और चार ठाणे जिले के मुंब्रा के रहने वाले हैं। एटीएस इनसे सख्ती से पूछताछ कर रही है। एटीएस ने ठाणे में जिन संदिग्धों को पकड़ा है, वे सभी पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया की औरंगाबाद शाखा के सलमान के संपर्क में थे।मुंब्रा में हिरासत में लिए गए एक नाबालिग सहित मोहम्मद मजहर शेख, मोहसिन खान और फहद शाह के नाम सामने आ रहे हैं। मोहम्मद मजहर शेख मकैनिकल इंजिनियर और मोहसिन खान सिविल इंजिनियर है। फहद शाह आर्किटेक्ट बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सभी को पहले हिरासत में लिया गया और फिर एटीएस टीम उनके घर पहुंची।मजहर के भाई अजहर ने बताया, 'मजहर औरंगाबाद में अपने एक दोस्त सलमान के निकाह में शामिल होने की बात कहकर घर से गया था। बाद में उसका मोबाइल बंद हो गया। मंगलवार को तड़के तीन बजे खुद को एटीएस का अधिकारी बताने वाले कुछ लोग उसके घर आए थे। उन्होंने घर की तलाशी लेकर कोना-कोना छान मारा था।' पुलिस वाले अजहर के घर से सभी सदस्यों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, उर्दू की कुछ पुस्तकें और एक लैपटॉप अपने साथ ले गए हैं।औरंगाबाद के सलमान के बारे में बताया जा रहा है कि वह आईएसआईएस के स्लीपर सेल का सदस्य हो सकता है। ऐसा पता चला है कि सलमान कुछ दिन पहले फहद शेख के घर पर आया था और उसके परिवार को अपने निकाह में बुलाया था।
  • रिस्क बेस प्लान घोटाले की मनपा आयुक्त ने दिए जांच के आदेश !

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    रिस्क बेस प्लान घोटाले की मनपा आयुक्त ने दिए जांच के आदेश ! 

    रिश्वतखोर अधिकारी की नींद हुई हराम कार्यवाई से बचने के लगा रहा जुआड !

     आर्किटेक्ट वाघ को मिले 20 से अधिक प्लानों की होगी जांच ! 

    दोषी मिलने वालो पर कड़ी कार्यवाई करेगे -मनपा आयुक्त हांगे 


     उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के चर्चित रिक्स बेस प्लान घोटाले में मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे ने सोमवार को जांच करने का आदेश दिया है और दोषी लोगो पर कड़ी कार्यवाही की बात कही है यही नही आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ व सुयोग एसोसियेट के द्वारा पास किये गए सभी प्लानों की जांच करने की बात भी कही है वही जांच के इस आदेश के बाद घोटाले बाजो की नींद हराम हो गई है और इससे बचने के जुआड में सभी घोटाले बाज जूट गए है ऐसा मनपा के सूत्रों से जानकारी सामने आ रही है !
    बता दे कि इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए फस्ट हेडलाइन इंडिया इस खबर के पूरे मामले को प्रकाशित किया था इसमें एक रैकेट का चौकाने वाला सच सामने आया है इस रैकेट में चार अहम किरदार है इसमें दो मनपा के रिश्वतखोर है जो सलाखों के पीछे जा कर आ चुके है तीसरा एसोसिएट चौथा वो आर्किटेक्ट जिसके जरिये सबसे ज्यादा इस प्लान को पास करवाया गया है मनपा के नगररचनाकार विभाग के रजिस्टर में इंट्री की माने तो 32 रिक्स बेस प्लान पास हुए उसमें 20 प्लान एक ही आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ जरिये पास किया गया है ! इन सारे प्लान को पुराने डीपी प्लान के आधार पर पास किया है जबकि शासन के अध्यादेश के मुताबिक जितने भी प्लान पास किये जायेंगे वह नए डीपी प्लान के नियमो के अनुसार से करना अनिवार्य है सारे रिक्स बेस प्लान जो बन चुके है या बन रहे वह सारे रोड़ पर बन रहे है नए डीपी के अनुसार देखा जाए मतलब पूरा प्लान ही बोगस कहा जा सकता है अगर उमपा के नगररचनाकार सोनवणे की माने तो अब सवाल यह है इसकी जांच होकर कार्यवाई करेगा कौन ? सारे सवालों को विराम लगाते हुए सोमवार की शाम हुई पत्रकार की मीटिंग के दौरान मनपा आयुक्त अच्चुत हांगे ने रिक्स बेस के सभी प्लानों के जांच करने का आदेश दिया है और कहा है जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नही जाएगा और कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है,मनपा आयुक्त के इस आदेश के बाद इस घोटाले को अंजाम देने वालो की नींद हराम हो गई है और अपने किये गए कर्मो को छुपाने के जुआड में जुटने की जानकारी मनपा सूत्रों से सामने आ रही है 
  • मनपा के दो रिश्वतखोर अधिकारी व सुयोग एसोसियेट की मिली भगत से हुआ रिक्स बेस प्लान का घोटाला ?

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    मनपा के दो रिश्वतखोर अधिकारी व सुयोग एसोसियेट की मिली भगत से हुआ रिक्स बेस प्लान का घोटाला ? 

    टीपीडी सभापति मीना सोडे कहा हम कराएंगे पूरे मामले की जांच ! 

    आधे अधूरे दस्तावेज व शाशन के जीआर की अनदेखी करके किये गए रिस्क बेस प्लान को पास! 

    कई प्लान पर मीले सुयोग एसोसियेट स्टाम्प,आर्किटेक्ट के नही है डिटेल ! 

     प्रभाग चार से सबसे ज्यादा किया गया रिस्क बेस प्लान को पास ! 

    2018 में आर्किटेक्ट बने वाघ के नाम पर पास 20 से अधिक रिस्क बेस प्लान !


    उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के चर्चित रिक्स बेस प्लान घोटाले में एक रैकेट का चौकाने वाला सच सामने आया है इस रैकेट में चार अहम किरदार है इसमें दो मनपा के रिश्वतखोर है जो सलाखों के पीछे जा कर आ चुके है तीसरा एसोसिएट चौथा वो आर्किटेक्ट जिसके जरिये सबसे ज्यादा इस प्लान को पास करवाया गया है मनपा के नगररचनाकार विभाग के रजिस्टर में इंट्री की माने तो 32 रिक्स बेस प्लान पास हुए उसमें 20 प्लान एक ही आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ जरिये पास किया गया है ! इन सारे प्लान को पुराने डीपी प्लान के आधार पर पास किया है जबकि शासन के अध्यादेश के मुताबिक जितने भी प्लान पास किये जायेंगे वह नए डीपी प्लान के नियमो के अनुसार से करना अनिवार्य है सारे रिक्स बेस प्लान जो बन चुके है या बन रहे वह सारे रोड़ पर बन रहे है नए डीपी के अनुसार देखा जाए मतलब पूरा प्लान ही बोगस कहा जा सकता है अगर उमपा के नगररचनाकार सोनवणे की माने तो अब सवाल यह है इसकी जांच होकर कार्यवाई  कब होगी यह देखना है ?
     गौरतलब हो कि महाराष्ट्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए यह रिक्स बेस प्लान को लाया था परंतु उल्हासनगर महानगर पालिका के रिश्वतखोर के आरोप में जेल की हवा खा चुके वर्तमान में वार्ड ऑफिसर शिंपी व जूनियर इंजीनियर खामितकर ने इससे पैसा कमाने का एक जुआड निकाला और उन्होंने नियोजित तरीके से एक टीम के जरिये इस घोटाले को अंजाम दिया गया है ऐसा सामने देखने में आ रहा है इसमें सुयोग एसोसियेट और आर्किटेक्ट स्वप्निल वाघ को शामिल करके पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया है ऐसा समझा जा सकता है क्योंकि उस समय वर्तमान में गणेश शिंपी वार्ड क्रमांक चार के वार्ड आफिसर थे और खामितकर जूनियर इंजीनियर तभी उस प्रभाग के जरिये सबसे ज्यादा रिक्स बेस प्लान पास किया गया है कुछ प्लान को तो एक ही दिन में पास किया गया है ऐसी भी इंट्री रजिस्टर में दिख रहा है महाराष्ट्र शाशन के जीआर के अनुसार रिस्क बेस अप्रूवल यानी धोखादायक के अनुमोदन के तहत 151,से 200 स्क्वायर मीटर की जगह पर आर सी सी निर्माण को पास करने का अधिकार सरकार ने आर्किटेक्ट यानी वास्तु विषारदों को दिया है। जिसमें जी प्लस वन यानी पार्किंग और एक मंजिल, अथवा जी प्लस वन यानी ग्रांऊंड प्लस वन (तल मंजिल व एक मंजिल) बनाना है परन्तु इसका जमकर दुरूपयोग हो रहा है। अपने निजी फायदे के लिए 1-1 मंजिल अतिरिक्त पास कर रहे हैं। यह तो सबको पता ही है कि लंबे अरसे जो मनपा ने उल्हासनगर के कई आर्किटेक्ट के लायसेंस रिन्यू नहीं किए हैं। मतलब लासेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया है। केवल कुछ आर्किटेक्ट के लायसेंस रिन्यू किए गए हैं। ऐसे में कल्याण, अंबरनाथ और उल्हासनगर के कुछ आर्किटेक्ट की सेवाएं ली जाती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 32 प्लान पास करने की सूचना विश्वस्त सूत्रों द्वारा मिली है, जिसमें से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 20 प्लान एक ही आर्किटेक्ट ने पास किए हैं। जिसका नाम है स्वप्निल वाघ तो दूसरे आर्किटेक्ट हैं दीपक सिंह खालसा, जिन्होंने 3 प्लान पास किए हैं। और निलेश भोजवानी ने एक प्लान। इस पूरे प्रकरण पर ध्यान दे तो बहुत बड़ा खुलासा सामने आ रहा है कि भ्रष्टाचार की किस तरह हदें पार कर दी गई हैं। सूत्रों द्वारा जो पुख्ता जानकारी मिली है, वह दिलचस्प भी है और दुखद भी महाराष्ट्र सरकार की एक अधिकृत वेबसाइट है - ब्लिडिंग प्लान मैनेजमेंट सिस्टम यानी (बीपीएमएस) जहां आर्किटेक्ट को पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करना पड़ता है और निवेदन भी आॅनलाइन करना पड़ता है। जिसकी अनुमति भी अधिकारिक रूप से दी जाती है। उसके बाद मालिक या पंजीकर्ता को वार्ड आॅफिस का जूनियर इंजीनिअर पैसे भरने का चलान देता है। इस वेबसाइट पर उल्हासनगर मनपा ने खुद को आज तक रजिस्टर्ड नहीं किया है। सारा काम मैन्यूअली और आॅफलाइन हुआ है। जबकि नियमानुसार रूल नंबर 13 (सी) के हिसाब से पूरा सिस्टम बीपीएमएस पर एकीकृत यानी इंटीग्रेट होना चाहिये। सबसे बड़ा आश्चर्य तो इस बात का है कि अंबरनाथ जैसी छोटी नगरपालिका ने इस वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत किया है लेकिन उल्हासनगर मनपा ने अभी तक नहीं किया है इसके पीछे का कारण एक मात्र है ! वह है सबसे बड़ा घोटाला तो यह हुआ है कि 200 स्क्वाइर मीटर की अनुमति दी गई है। जबकि किसी का क्षेत्र 200 स्क्वाइर मीटर से ज्यादा है तो उसकी माप को कम दिखाकर उसका प्लान पास किया गया है। इतना ही नहीं, एक सनद पर, एक प्राॅपर्टी कार्ड पर दो हिस्से कर दो प्लान पास किए गए हैं। सनसनीखेज बात तो यह है कि जो 32 प्लान पास किए गए हैं, उनके स्ट्रक्चर इंजीनिअर की पोल बिल्कुल साफ तरीके से खुल रही है। इन 32 में से 20 प्लान में राजेंद्र सावंत स्ट्रक्चर इंजीनिअर हैं। इसके अलावा कविता लक्ष्मण कटारिया - 3 प्लान, डी.जे,कोटवानी - 2 और मुकेश प्रथियानी - 1 प्लान के स्ट्रक्चर इंजीनिअर है। डीसी रूल के नियम के मुताबिक से रजिस्टड स्ट्रक्चर इंजीनिअर होना निहायत जरूरी है। परंतु राजेंद्र सावंत का लायसेंस रिन्यू नहीं हुआ है। कितना अजीब लगता है लेकिन सत्य यह है कि सावंत ने 20 प्लान पास किए हैं जबकि उनका लायसेंस रिन्यू ही नहीं हुआ है। साथ ही कोटवानी का लायसेंस भी रिन्यू नहीं हुआ है। और सबसे चौकाने वाली बात यह है कि मुकेश प्रथियानी नाम का कोई स्ट्रक्चर इंजीनिअर है ही नहीं ! तो मुकेश प्रथियानी आखिर है कौन ? रही बात कविता कटारिया की, तो उनके पास ऐसोसिएट मेंबरशिप का लायसेंस है। वह केवल चार्टर्ड इंजीनिअर की प्रेक्टिस का है, न कि स्ट्रक्चर इंजीनिअर के रूप में चल सकता है लेकिन उन्होंने स्ट्रक्चर इंजीनिअर के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता लाने के लिए और इनके जवाब हासिल करने के लिए उल्हासनगर के एक प्रसिद्ध इंजीनिअर ने गत 16 अक्टूबर 2018 को नए मनपा आयुक्त अच्युत हांगे को एक ई मेल भेजा, जिसमें उन्होंने सारे प्रकरण के बार में उल्लेख किया था। आयुक्त महोदय ने उस ई मेल को पढ़ा और एकनाॅलेज कर अपने मातहत अधिकारी को भेज दिया। परंतु इसके ठीक एक दिन बाद इस ई मेल की जो मूल प्रति (ओरीजिनल काॅपी) है, वह सोशल नेटवर्किंग पर वाॅयरल हो गई। इससे साफ पता चलता है कि उल्हासनगर मनपा में कितना बड़ा भ्रष्टाचार है और कोई गोपनीयता नहीं ! इसका सीधा अर्थ यह है कि मपना प्रशासन पूरे तरीके से एक भ्रष्ट तंत्र बन चुका है, जहां कभी भी, कुछ भी हो सकता है ! उसी कड़ी में अब कई और नए कारनामों भी सामने आया जिसमें पुराने डीपी के हिसाब से प्लान पास किया गया ऐसा मामला सामने आया है इस बारे में जब मनपा के नगरचनाकार मिलिंद सोनवणे से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि कोई प्लान को पास करना है तो वह नए डीपी प्लान के अनुसार ही पास करना है यदि पुराने डीपी के अनुसार प्लान पास किया गया तो वह गैरकानूनी है और वह प्लान मान्य नही किया जा सकता है,लेकिन शहर में कई रिक्स बेस प्लान पुराने डीपी पर पास करके बनाया जा रहा है इस बारे में मनपा मुख्यालय उपायुक्त संतोष देयर से बात किया तो उन्होंने कहा अभी तक ऐसी कोई शिकायत आई नही जब हमें शिकायत मिलेगी हम कार्यवाई जरूर करेगे ऐसे में यह बात समझने में आसानी हो गया कि मनपा प्रशासन का इस भ्र्ष्टाचार को मूक समर्थन दिख रहा है ! अब सवाल यह है कि इस घोटाले को अंजाम देने वाले रैकेट पर क्या कार्यवाही होती उसी पूरे शहर वाशियो की नजरें टिकी हुई है !
    वही रिस्क बेस आधारित प्लान की गडबडी होने के अंदेशे को देखते हुए सभी प्लान के कागद पत्रों की जांच की मांग मनपा आयुक्त करने की बात कही साथ ही दोषी मिलने कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाई मांग करने की बात टीपीडी सभापती मीना सोंडे इन्होंने कही है.उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना तब आई जब मनपा में नगरचनाकर अधिकारी नही था इस लिए शहर वाशियो को घर बनाने में आसानी इस लिए यह योजना लाई गई थी परंतु इसकी आड़ में मुझे भी लगता कुछलोग ने मिलकर गड़बड़ किया ऐसा लगता है इस लिए कार्यवाई होना जरूरी है !
  • नवजीवन बैंक के संचालक मंडल को लगा बड़ा झटका !

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    नवजीवन बैंक के संचालक मंडल को लगा बड़ा झटका ! 

     बैंक के घोटाले से पर्दा उठाने की मिली थी सजा ! 

     बैंक से निकाले गए दोनो सदस्यों को सहकार आयुक्त व निबंधक और सहकारी संस्था ने दिया बहाल करने का आदेश !

     हजार करोड़ की बैंक की टर्न ओवर करने वाली नवजीवन बैंक विवादों की वजह से रहती है सुर्खियों ! 

     उल्हासनगर -उल्हासनगर में शहर की सबसे बड़ी सहकारी बैंक के नाम से ख्याति प्राप्त नवजीवन बैंक के कार्यकारिणी सदस्यों का विवाद चरम पर पहुंच गया है। बैंक के कथित गैरकारभार के विरुद्ध आवाज उठानेवाले दो सदस्यों के विरुद्ध अनुशासन भंग करने की कार्रवाई की गई है। परंतु उस कार्यवाई के खिलाफ दोनो सदस्यों ने अपील किया उसी अपील पर सुनवाई के बाद सहकार आयुक्त व निबंधक और सहकारी संस्था कार्यालय ने यह कार्रवाई नियम के विरुद्ध ठहराते हुए सदस्यो को बहाली करने का आदेश दिया है।    
    बता दे कि १ हजार करोड़ की टर्नओवर वाली नवजीवन बैंक पिछले कुछ वर्षों से विवादों में घिरी हुई है।बैंक के कार्यकारणी सदस्य जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा ने बैंक में कथित रूप से कुछ पदाधिकारियों के मार्फत की जानेवाली गैरकानूनी भाड़ा वसूली , मुख्याधिकारी की गैरकानूनी चुनाव, कर्ज देने में होनेवाले गैरव्यवहार के संदर्भ में विविध प्राधिकरणों को इसकी शिकायत की थी। यह शिकायत झूठे और फर्जी कागजातों के आधार पर लगाने का आरोप करते हुए ७जून २०१७ को धारा ३५ के तहत जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा को कारण बताओ नोटिस देकर १८ जून २०१७ को विशेष सर्वसाधारण सभा में दोनो सदस्यों को निकालने का प्रस्ताव रखकर उसे मंजूरी दी। लेकिन इस प्रस्ताव को गैरकानूनी बताते हुए जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा ने इसकी शिकायत सहकार आयुक्त व निबंधक , सहकारी संस्था के पास की थी।      इस प्रकरण में जांच करने के बाद सहकारी संस्था अपर निबंधक डॉ. किशोर तोष्णीवाल ने लिखित आदेश के द्वारा जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा के निष्कासन के निर्णय को अवैध ठहराया है, जिसके कारण इन दोनों का इस बैंक में सदस्यत्व अबाधित है।       
    इस संदर्भ में नवजीवन बैंक के संचालक शितलदास हरचंदानी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कल्याणी और मिश्रा के संदर्भ में अपर निबंधक ने जो निर्णय दिया है, उसके विरुद्ध हमने राज्य सरकार से अपील की है। इन दोनों सदस्यों के खिलाफ हमारे पास पर्याप्त सबूत है, और हम उसपर पहल कर हैं।
  • केबी रोड़ के अड़ंगे को दूर करने लिए महापौर पंचम कालानी पहुची हाई कोर्ट ! जल्द ही जींस वालो की समस्या पर जाएंगे सुको !

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    केबी रोड़ के अड़ंगे को दूर करने लिए महापौर पंचम कालानी पहुची हाई कोर्ट ! 

    जल्द ही जींस वालो की समस्या पर जाएंगे सुको ! 

     एमएमआरडी की निधी वापस जाने से रोकने के लिए की गई यह पहल ! 

     महापौर पंचम कालानी ने कुछ दिन पहले किया इंटर्वेन्शन अपील ! 

     शहर के विकाश से जितने भी जुडे मुद्दे कोर्ट में है लंबित सभी मामले होगी ऐसी पहल -टीओके अध्यक्ष ओमी कालानी

     उल्हासनगर- उल्हासनगर महानगरपालिका के हद से गुजरने वाले कल्याण - बदलापुर महामार्ग के विस्तारीकरण का काम पिछले ३ वर्षों से रुका हुआ है। कुछ दुकानदारों ने इस विस्तारीकरण के विरोध में न्यायालय में याचिका दायर करने के कारण यह प्रकरण लंबित है। काम में हो रही देरी के कारण एमएमआरडी की निधी वापस जाने की संभावना है।  इस महामार्ग के कामशीघ्र ही शुरू हो इसलिए उल्हासनगर की महापौर पंचम कलानी ने उच्च न्यायालय में इंटरवेन्शन अपील किया है।    
    कल्याण - कर्जत यह प्रस्तावित राज्यमहामार्ग १०० फीट चौड़ा और ४८ किमी लंबी है।इस रोड के विस्तारीकरण के काम में अंबरनाथ नगरपालिका के लगभग १हजार बांधकाम निष्कासित किए गए है। उल्हासनगर महानगरपालिका की हद में लगभग ८०० बांधकाम निष्कासित किए गए हैं।यह काम शुरू होने के बाद २७ मालमत्ताधारकों ने विस्तारीकरण के विरोध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पिछले ३वर्षों से यह प्रकरण न्यायालय में लंबित है।      इस मार्ग का काम एमएमआरडीए के मार्फत शुरू है, इस काम के लिए १९ करोड़ २८ लाख रुपए टेंडर निकाला गया है लेकिन यह प्रकरण न्यायालय में लंबित होने के कारण इस काम की शुरुवात नहीं हो सकती। काम समय पर शुरू न होने के कारण निधी वापस जा सकती है इस संदर्भ में एमएमआरडीए ने उल्हासनगर महानगरपालिका को पत्र भी दिया है। जिन २७ लोगों ने न्यायालय में दौड़ लगाया है,उनसे मनपा प्रशासन ने अनेक बार चर्चा करके उन्हें सहकार्य करने का आश्वासन दिया और मालमत्ताधारकों से न्यायालय में दर्ज याचिका वापस लेने को कहा था लेकिन वे याचिका वापस लेने के लिए तैयार नही हुए।      इसलिए उल्हासनगर की महापौर पंचम कलानी ने कुछ दिन पहले इंटर्वेन्शन अपील किया है। इस अपील में कल्याण - कर्जत महामार्ग के काम को तुरंत मंजूरी मिले,ऐसा कहा है। इस महामार्ग के रुके हुए काम के कारण उल्हासनगर शहर में प्रचंड ट्रैफिक जाम की समस्या निर्माण हो रही है। जिन मालमत्ताधारकों ने न्यायालय में याचिका दायर की है, उन स्थानों को छोड़कर अन्य स्थानों पर तो कम की मंजूरी मिले,ऐसी विनती की है।
  • मंत्रालय के बाहर महिला ने की आत्महत्या की कोशिश !

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    मंत्रालय के बाहर महिला ने की आत्महत्या की कोशिश ! 

    साहूकार से परेशान थी महिला,पुलिस ने महिला को लिया हिरासत में ! 

    मुंबई- मुंबई स्थिति मंत्रालय के गेट पर एक महिला द्वारा आत्महत्या करने के प्रयास की चौंकानेवाली खबर सामने आई है। चेंबुर की इस महिला ने खुद को आग लगाने का प्रयास किया। बेटी की शादी के लिए निजी साहूकार से लिये गये कर्ज वापस करने के बावजूद साहूकार द्वारा तकादा किये जाने से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश करने की बात महिला ने बताई है। महिला का आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच नहीं कर रही है।
    महिला ने मंत्रालय के गेट पर खुद पर किरोसीन डालकर आग लगाने का प्रयास किया। लेकिन मंत्रालय की सुरक्षा में तैनात जवानों में डी।के। माने और पुलिसकर्मी के।डी। राउत ने समय पर महिला के हाथ से किरोसीन का डब्बा ले लिया जिससे यह घटना होते-होते रह गयी। इससे पहले अगस्त महीने में मंत्रालय परिसर में आत्महत्या करने के प्रयास का मामला सामने आया था। मंत्रालय के गेट के सामने एक महिला ने खुद पर किरोसीन डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। लेकिन इस मामले में भी पुलिस की सतर्कता से महिला की जान बच गयी थी। महिला ने जैसे ही खुद पर किरोसीन डाला पुलिसकर्मी उसकी तरफ दौड़े और उसे ऐसा करने से रोक लिया। इस तरह पुलिस की सावधानी से एक बड़ी घटना होते-होते रह गयी थी। अब एक बार फिर से उसी तरह की घटना को दोहराया गया है। इस घटना से मंत्रालय परिसर में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि आत्महत्या करने का प्रयास करने वाली महिला का नाम राधाबाई सालुंखे है। वह मूल रूप से बीड़ जिले की रहने वाली है। राधाबाई ने मंत्रालय के सामने खुद के ऊपर किरोसीन डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जानकारी सामने आई है कि प्रॉपर्टी के संबंध में फैसला महिला के खिलाफ आने के बाद महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया है। मंत्रालय की सुरक्षा विभाग ने तत्काल महिला को कब्जे में लेकर मरीन ड्राइव पुलिस के हवाले कर दिया है।
  • ४८ कर्मचारियों का खत्म हुआ वनवास कायमस्वरूप में हुई नियुक्ति !

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    अनुकंपा तत्व पर काम करनेवाले ४८ कर्मचारियों का खत्म हुआ वनवास कायमस्वरूप में हुई नियुक्ति ! 

    उल्हासनगर- उल्हासनगर महानगर पालिका में अनुकंपा तत्त्व पर काम करनेवाले कर्मचारियों के ४८ वारिसों को कायम स्वरूप में मनपा के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए आयुक्त अच्युत हांगे ने मान्यता दी है। उल्हासनगर महानगरपालिका के विविध विभागों में अनेक पद खाली पड़े थे। इन खाली पड़े पदों पर  एक ही अधिकारी अपने विभाग का काम संभालते हुए अन्य दो पदों के प्रभारी का पदभार संभाल कर काम कर रहे हैं।
    इस संदर्भ में बार-बाबार महासभा में भी विशेष रूप से नगरसेवकों ने चर्चा कर खाली पड़े पदों को भरने की मांग की था।इसीप्रकार मनपा अनुकंपा तत्त्व पर काम करनेवाले कर्मचारियों के वारिसों को शासन की योजना के अनुसार कायमस्वरूप पद पर नियुक्ति करने के संदर्भ में बार-बार सूचना करने के बाद भी मनपा प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया था। मुख्यतः अर्जधारक वारिसों ने शासन द्वारा निर्धारित योजना के अनुसार सभी कागदपत्रों की पूर्तता की है। लेकिन मनपा प्रशासन  इस प्रकरण में त्वरित निर्णय न लेकर उसमें से कुछ अर्जधारकों के वारिसों को उम्र ज्यादा होने का हवाला देकर उन्हें अपात्र घोषित कर रही थी।इसके कारण अपात्र ठहराए गए अर्जधारकों ने अपने बच्चों को उन पदों पर लेने की विनती मनपा प्रशासन से की थी। तब भी ऐसे अनुकंपा तत्त्व के प्रकरण में सभी वारिसों के बच्चों को कायम स्वरूप से पद पर लेने के लिए महासभा में उल्हासनगर महानगरपालिका के नगरसेवक राजेंद्र चौधरी ने प्रस्ताव पेश किया था।इस प्रस्ताव पर महासभा में फिर से एक बार चर्चा हुई थी।उस समय दिवाली के पहले इसकी घोषणा करने का आश्वासन उल्हासनगर मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने दिया था। आखिरकार सोमवार को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने अनुकंपा तत्त्व पर कर्मचारियों की कायमस्वरूप नौकरी में लेने के लिए मान्यता प्रदान की।इस संदर्भ में मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने बताया कि २००५ से अनुकंपा तत्व पर कर्मचारियों के प्रकरण  लंबित थे, बहुत से कर्मचारियों ने कागदपत्र जमा करने में देर किया , आखिरकार प्रशासन ने सूची जाहिर करके इसकी सुनवाई की और शासन के निर्णय के अनुसार वर्ग क के लिए २१ और वर्ग ड के लिए २७ कर्मचारियों की भर्ती की गई है।इसके बाद भी रिक्त पदों के हिसाब से भर्ती की जाएगी। आयुक्त के इस निर्णय का सभी स्तरों पर स्वागत हो रहा है।
  • उमपा का रिक्स बेस प्लान के नाम पर हुए घोटाले का पर्दाफाश ! रिश्वतखोर का नया कारनामा !

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    उमपा का रिक्स बेस प्लान के नाम पर हुए घोटाले का पर्दाफाश ! 

     पुराने डीपी प्लान पर पास किया गया रिस्क बेस प्लान शासन के अध्यादेश उड़ाई जा रही खिल्ली ! 

     20 प्लान पास कराने वाले आर्किटेक्ट लायसन्स नही हुआ रिनिव ! 

    नियमो की धज्जियां उड़ाकर अपनी जेबें गरम कर रिश्वतखोर अधिकारी ने किया यह कारनामा ! 

     करोड़ों रूपए के राजस्व का लगाया जा रहा चुना !   

     उल्हासनगर- उल्हासनगर शहर के बारे में एक कहावत प्रसिद्ध है कि यहां पर देश का नही उल्हासनगर कायदा चलता है। यह कहावत अब सच भी हो रहा है। क्योंकि भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे मनपा प्रशासन के रोज नित नए कारनामे सामने आते रहते हैं। परंतु इस बार कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि एक बड़ा घोटाला सामने आया है जिससे साफ पता चलता है कि किस तरह मनपा के चंद अधिकारी नियमो को ताक पर रखकर प्लान पास कर रहे हैं और सरकार को भी करोड़ों रूपए के राजस्व का चूना लगाया रहे है। इसमें कुछ राजनेताओं, बिल्डरों, ठेकेदारों और मनपा के रिश्वतखोर अधिकारि की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है । 
    गौरतलब हो कि रिस्क बेस अप्रूवल यानी धोखादायक के अनुमोदन के तहत 151,से 200 स्क्वायर मीटर की जगह पर आर सी सी निर्माण को पास करने का अधिकार सरकार ने आर्किटेक्ट यानी वास्तु विषारदों को दिया है। जिसमें जी प्लस वन यानी पार्किंग और एक मंजिल, अथवा जी प्लस वन यानी ग्रांऊंड प्लस वन (तल मंजिल व एक मंजिल) बनाना है परन्तु इसका जमकर दुरूपयोग हो रहा है। अपने निजी फायदे के लिए 1-1 मंजिल अतिरिक्त पास कर रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना बड़ा ‘‘झोल’’ किया जा रहा है और किस तरह भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। यह तो सबको पता ही है कि लंबे अरसे जो मनपा ने उल्हासनगर के कई आर्किटेक्ट के लायसेंस रिन्यू नहीं किए हैं। मतलब लासेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया है। केवल कुछ आर्किटेक्ट के लायसेंस रिन्यू किए गए हैं। ऐसे में कल्याण, अंबरनाथ और उल्हासनगर के कुछ आर्किटेक्ट की सेवाएं ली जाती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 40 प्लान पास करने की सूचना विश्वस्त सूत्रों द्वारा मिली है, जिसमें से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 24 प्लान एक ही आर्किटेक्ट ने पास किए हैं। जिसका नाम है शरद जोगलेकर तो दूसरे आर्किटेक्ट हैं दीपक सिंह खालसा, जिन्होंने 3 प्लान पास किए हैं। स्वपनिल वाघ ने 2 और निलेश भोजवानी ने एक प्लान। इस पूरे प्रकरण पर ध्यान दे तो बहुत बड़ा खुलासा सामने आ रहा है कि भ्रष्टाचार की किस तरह हदें पार कर दी गई हैं। सूत्रों द्वारा जो पुख्ता जानकारी मिली है, वह दिलचस्प भी है और दुखद भी महाराष्ट्र सरकार की एक अधिकृत वेबसाइट है - ब्लिडिंग प्लान मैनेजमेंट सिस्टम यानी (बीपीएमएस) जहां आर्किटेक्ट को पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करना पड़ता है और निवेदन भी आॅनलाइन करना पड़ता है। जिसकी अनुमति भी अधिकारिक रूप से दी जाती है। उसके बाद मालिक या पंजीकर्ता को वार्ड आॅफिस का जूनियर इंजीनिअर पैसे भरने का चलान देता है। इस वेबसाइट पर उल्हासनगर मनपा ने खुद को आज तक रजिस्टर्ड नहीं किया है। सारा काम मैन्यूअली और आॅफलाइन हुआ है। जबकि नियमानुसार रूल नंबर 13 (सी) के हिसाब से पूरा सिस्टम बीपीएमएस पर एकीकृत यानी इंटीग्रेट होना चाहिये। सबसे बड़ा आश्चर्य तो इस बात का है कि अंबरनाथ जैसी छोटी नगरपालिका ने इस वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत किया है लेकिन उल्हासनगर मनपा ने अभी तक नहीं किया है इसके पीछे का कारण एक मात्र है ! वह है सबसे बड़ा घोटाला तो यह हुआ है कि 200 स्क्वाइर मीटर की अनुमति दी गई है। जबकि किसी का क्षेत्र 200 स्क्वाइर मीटर से ज्यादा है तो उसकी माप को कम दिखाकर उसका प्लान पास किया गया है। इतना ही नहीं, एक सनद पर, एक प्राॅपर्टी कार्ड पर दो हिस्से कर दो प्लान पास किए गए हैं। सनसनीखेज बात तो यह है कि जो 40 प्लान पास किए गए हैं, उनके स्ट्रक्चर इंजीनिअर की पोल बिल्कुल साफ तरीके से खुल रही है। इन 40 में से 20 प्लान में राजेंद्र सावंत स्ट्रक्चर इंजीनिअर हैं। इसके अलावा कविता लक्ष्मण कटारिया - 3 प्लान, डी.जे,कोटवानी - 2 और मुकेश प्रथियानी - 1 प्लान के स्ट्रक्चर इंजीनिअर है। डीसी रूल के नियम के मुताबिक से रजिस्टड स्ट्रक्चर इंजीनिअर होना निहायत जरूरी है। परंतु राजेंद्र सावंत का लायसेंस रिन्यू नहीं हुआ है। कितना अजीब लगता है लेकिन सत्य यह है कि सावंत ने 20 प्लान पास किए हैं जबकि उनका लायसेंस रिन्यू ही नहीं हुआ है। साथ ही कोटवानी का लायसेंस भी रिन्यू नहीं हुआ है। और सबसे चौकाने वाली बात यह है कि मुकेश प्रथियानी नाम का कोई स्ट्रक्चर इंजीनिअर है ही नहीं ! तो मुकेश प्रथियानी आखिर है कौन ? रही बात कविता कटारिया की, तो उनके पास ऐसोसिएट मेंबरशिप का लायसेंस है। वह केवल चार्टर्ड इंजीनिअर की प्रेक्टिस का है, न कि स्ट्रक्चर इंजीनिअर के रूप में चल सकता है लेकिन उन्होंने स्ट्रक्चर इंजीनिअर के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता लाने के लिए और इनके जवाब हासिल करने के लिए उल्हासनगर के एक प्रसिद्ध इंजीनिअर ने गत 16 अक्टूबर 2018 को नए मनपा आयुक्त अच्युत हांगे को एक ई मेल भेजा, जिसमें उन्होंने सारे प्रकरण के बार में उल्लेख किया था। आयुक्त महोदय ने उस ई मेल को पढ़ा और एकनाॅलेज कर अपने मातहत अधिकारी को भेज दिया। परंतु इसके ठीक एक दिन बाद इस ई मेल की जो मूल प्रति (ओरीजिनल काॅपी) है, वह सोशल नेटवर्किंग पर वाॅयरल हो गई। इससे साफ पता चलता है कि उल्हासनगर मनपा में कितना बड़ा भ्रष्टाचार है और कोई गोपनीयता नहीं ! यानी कोई भी व्यक्ति कहीं से भी आकर कोई भी महत्वपूर्ण कागज बिना अनुमति लिए मनपा कार्यालय से ले जा सकता है और वाॅयरल कर सकता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि मपना प्रशासन पूरे तरीके से एक भ्रष्ट तंत्र बन चुका है, जहां कभी भी, कुछ भी हो सकता है ! उसी कड़ी में अब कई और नए कारनामों भी सामने आया जिसमें पुराने डीपी के हिसाब से प्लान पास किया गया ऐसा मामला सामने आया है इस बारे में जब मनपा के नगरचनाकार मिलिंद सोनवणे से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि कोई प्लान को पास करना है तो वह नए डीपी प्लान के अनुसार ही पास करना है यदि पुराने डीपी के अनुसार प्लान पास किया गया तो वह गैरकानूनी है और वह प्लान मान्य नही किया जा सकता है,लेकिन शहर में कई रिक्स बेस प्लान पुराने डीपी पर पास करके बनाया जा रहा है इस बारे में मनपा मुख्यालय उपायुक्त संतोष देयर से बात किया तो उन्होंने कहा अभी तक ऐसी कोई शिकायत आई नही जब हमें शिकायत मिलेगी हम कार्यवाई जरूर करेगे ऐसे में यह बात समझने में आसानी हो गया कि मनपा प्रशासन का इस भ्र्ष्टाचार को मूक समर्थन दिख रहा है !
  • भाजपा नेता के दुकान से हथियारों का जखीरा हुआ बरामद ! ठाणे क्राइम ब्रांच ने कार्यवाई !

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    भाजपा नेता के दुकान से हथियारों का जखीरा हुआ बरामद ! 

    ठाणे क्राइम ब्रांच ने की बड़ी कार्यवाई, नेता हुआ गिरफ्तार ! 

    10 तलवार, 38 चाकू,25 गंडासे,9 खुकरी,3 कुल्हाड़ी,1 दराती समेत 170 हथियार जप्त हुआ ! 


     कल्याण -कल्याण के डोम्बिवली में फैशन उत्पादों की एक दुकान पर छापा मारकर पुलिस ने तलवार, चाकू और खुकरी समेत करीब 170 हथियार जब्त किए। पुलिस ने इस संबंध में बीजेपी की डोम्बिवली ईकाई के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर सोमवार की रात को डोम्बिवली में तिलक नगर इलाके में स्थित एक दुकान पर छापा मारा गया और दुकान के मालिक धनंजय कुलकर्णी (49) को मंगलवार को सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। बीजेपी ने कुलकर्णी के पार्टी के डोम्बिवली ईकाई का उपाध्यक्ष होेने की पुष्टि की है।
    ठाणे अपराध शाखा की कल्याण ईकाई के वरिष्ठ इंस्पेक्टर संजू जॉन ने कहा, ‘एक खुफिया सूचना के आधार पर फैशन और कॉस्मेटिक उत्पादों का काम करने वाली दुकान तपस्या हाउस ऑफ फैशन में छापा मारा गया।’ उन्होंने कहा, ‘छापे के दौरान एयर गन, 10 तलवार, 38 प्रेस बटन चाकू, 25 गंडासे, नौ खुकरी, तीन कुल्हाड़ी, एक दरांती समेत 170 हथियार बरामद किए गए।’ इन हथियारों को दुकान में बिक्री के लिए रखा गया था। अधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए हथियारों की कीमत 1.86 लाख रुपये है। यह दुकान पिछले सात महीने से चल रही है। जॉन ने कहा, ‘कुलकर्णी ने दक्षिण मुंबई में क्रॉफोर्ड मार्केट के साथ-साथ पंजाब और राजस्थान से हथियार खरीदे थे।' पुलिस ने बताया कि कुलकर्णी को एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बीजेपी के डोम्बिवली ईकाई के अध्यक्ष संजय बिडवाडकर ने कहा कि कुलकर्णी अभी पार्टी ईकाई का उपाध्यक्ष और समिति का सदस्य भी है। उन्होंने कहा, ‘अभी हमें यह साफ तौर पर पता नहीं है कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया। उनकी दुकान से बरामद किया गया सामान प्राचीन है। इससे ज्यादा और कुछ नहीं है।’ मामले की जांच चल रही है।
  • रांकपा विधायिका ज्योति कालानी के द्वारा किए कार्यक्रम में उमड़ा जन सैलाब !

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    रांकपा विधायिका ज्योति कालानी के द्वारा किए कार्यक्रम में उमड़ा जन सैलाब !

     भाजपा के अध्यक्ष कुमार आयलानी के बीमारी के चलते उल्हासनगर की भाजपा पहुची कोमा में ? 

    भाजपा की फुट की वजह से शहर भाजपा की पकड़ हुई ढीली ! 

     रांकपा नेताओं ने बगले पर जाकर किया ओमी कालानी से मुलाकात ! 

    जूनियर कालानी पर टिकी सबकी निगाहें !

     उल्हासनगर -उल्हासनगर में रांकपा विधायिका ज्योति कालानी ने अपने द्वारा आयोजित किये गए कार्यक्रम से उल्हासनगर की राजनीतिक सरगर्मी को गर्म कर दिया है वही उल्हासनगर की भाजपा कुमार आयलानी की बीमारी के बाद कोमा में जा चुकी क्यो की भाजपा का एक गुट टीम ओमी कालानी के साथ काम करता जब कि दूसरा गुट कुमार आयलानी के साथ काम करता था परंतु उनकी बीमारी के चलते वह गुट कोमा में जाता दिख रहा है उसी का फायदा उठाते हुए रांकपा विधायिका ने निराधार परिवर्तन यात्रा के इस कार्यक्रम बिना अपने पुत्र ओमी कालानी व महापौर बहु पंचम कालानी के बिना मौजूदगी में किए इस कार्यक्रम में अपना परचम फहराया उससे तो यही लगता है कि आने राज्य के चुनाव उल्हासनगर की विधानसभा में कालानी परिवार वन मैन कब्जा रहने के साफ संकेत मिल चुका है क्योंकि आयलानी के वारिस धिरज आयलानी को राजनीति में रुचि नही होने का भी सीधा फायदा मिल सकता है सूत्रों की माने तो टीओके अध्यक्ष ओमी कालानी भले कार्यक्रम से दूरी रखी थी परंतु पर्दे के पीछे से उनकी मेहनत ही थी जो इतनी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में लोग उपस्थिति थी वही कार्यक्रम के बाद रांकपा के सारे नेता कालानी महल गई थी वहां पर ओमी कालानी को मनाने की भरपूर कोशिश रांकपा के नेताओं ने किया ऐसा सूत्रों से जानकारी सामने आई है आगे ओमी कालानी की क्या भूमिका रहेगी वह तो आने वाले समय में देखने को मिलेगा !
    उल्हासनगर की राकपा विधायक ज्योति पप्पू कालानी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस की निराधार परिवर्तन यात्रा के तहत रविवार की शाम को स्थानीय उत्सव लॉन्स में एक जनसभा का आयोजन किया था. इस सभा को संबोधित करते हुए भुजबल के ऊक्त बात कही. राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राकां के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, विधानपरिषद के विरोधीदल नेता धनंजय मुंडे, राकां महिला प्रदेश अध्यक्ष चित्रा वाघ, पूर्व मंत्री फौजिया खान, उल्हासनगर की विधायक ज्योति कालानी, विधायक शशिकांत शिंदे, जगन्नाथ शिंदे, पूर्व मंत्री गणेश नाइक, पूर्व सांसद संजीव नाइक, सिडको के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद हिंदुराव, राकां के प्रदेश महासचिव गुलाबराव करंजुले - पाटिल, मनपा में राकां के गुटनेता भरत गंगोत्री, सदाशिव पाटिल आदि भी इस मौके पर मंच पर उपस्थित थें. राकपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने जनसभा को संबोधित किया व उन्होंने कहा कि नोट बंदी, जीएसटी लागू करने के बाद भाजपा ने अपना जनाधार खो दिया है, तीन हिंदी भाषी राज्यों ने जब भाजपा को सत्ता से हटा दिया तो मजबूरी में केंद्र की भाजपा  सरकार टैक्स कम करने की बात करने लगी है, जयंत पाटिल ने दावा किया आम नागरिकों के साथ साथ व्यापारी वर्ग भी भाजपा से नाराज है और अब भाजपा का जाना पक्का है. विधानपरिषद के नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे ने भी अपने भाषण में केंद्र व राज्य सरकार की कार्यशैली की जमकर आलोचना की, मुंडे ने कहा कि सिर्फ झुठे आश्वासन देकर इन लोगों ने सत्ता हासिल की थी अब जनता समझ गयी है, की एक आदमी डेढ़ की सवा सौ करोड़ जनता को फंसाने के काम कर रहा है. मुंडे ने कहा कि 10 जनवरी को रायगढ़ से निर्धार परिवर्तन यात्रा शुरू हुई है उल्हासनगर में 9 वी सभा है जिस तरह से इस यात्रा को कामयाबी मिल रही है इससे अब तय हो गया है कि जुमले वाली सरकार के अच्छे दिन अब जल्द खत्म होने वाले है. पूर्वमंत्री गणेश नाइक व विधायक ज्योति कालानी ने भी संबोधित किया. विधायक ज्योति कालानी ने शहर की समस्याओं को गिनाया उन्होंने कहा कि नोट बंदी व जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है, उसके बाद जींस का कारोबार बंद हो गया है प्लास्टिक बंदी से भी शहर के कारोबारी अड़चन में है. अंडरवर्ल्ड डॉन सुरेश पूजारी का जिक्र करते हुए कालानी ने कहा कि लाखों की डिमांड करने वाले सुरेश पुजारी के आतंक से व्यापारी तबका अच्छा खासा परेशान है ऐसे डॉन को सलाखों के पीछे होना चाहिए कालानी ने कहा कि हमने पुजारी को उसी की भाषा मे जबाव दिया है. 
  • कंगाल उमपा के मुंगेरीलाल राजा ? अपने सपनो के चक्कर में खाली की मनपा की तिजोरी !

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    कंगाल उमपा के मुंगेरीलाल राजा ? 

     केवल तीन महिनों में लगभग ७० करोड़ रुपए के विकासकामों को दी गई मंजूरी ! 

    पालिका की आर्थिक स्थिति विकट होते हुए प्रशासन लुटा रहा तिजोरी से माल ! 

     मनपा कर्मियों के आने वालों महीनों में हो सकती पगार की मुश्किलें ! 

    मनपा की हालत आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया फिल्म जैसी हुई ! 

     उल्हासनगर -उल्हासनगर महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है, ऐसे स्थिति में मनपा प्रशासन ने केवल तीन महिनों में नाले और रास्तों के नाम पर थूकपट्टी लगानेवाली लगभग ७० करोड़ रुपयों के विकास कामों को पास करने की चर्चा उल्हासनगर शहर में हो रही है। उल्हासनगर मनपा की खस्ता हालत के बाद भी जिस तरीके से तिजोरी का माल लुटाया जा रहा है उसको देकर यह कहावत याद आता है उमपा के मुंगेरीलाल लाल राजा सपने तो बहुत सारे है परंतु उसे पूरे करने के लिए तिजोरी में ही माल नही है, जल्द ही इस पर अमल नही किया गया मनपा कर्मियों के पगार के भी लाले होने की नोबत आ सकती है !
    उल्हासनगर मनपा को स्थानिक संस्था कर के अनुदान द्वारा कुल१६७ करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त उल्हासनगर मनपा का मालमत्ता कर यह आय का एक मुख्य स्रोत है। मालमत्ता कर की वसूली से मनपा को लगभग ८० करोड़ और खींचतान कर १०० करोड़ रुपए की आय होती है। इसके कारण मनपा की तिजोरी में एक वर्ष में किसी प्रकार २८० करोड़ रुपए तक जमा होता है।इस जमा में से १२५ करोड़ रुपए वेतन और पेन्शन, ३० करोड़ रुपए एमआईडीसी का पानी बिल, १५ करोड़ रुपए बिजली बिल, कचरा व्यवस्थापना के लिए १७ करोड़ रुपए आदि आवश्यक खर्च हैं। इसीप्रकार शहर में शुरू हुए केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं में पालिका को करोड़ों रुपए का हिस्सा भरना रहता है। पुराने ठेकेदारों के लगभग ८० करोड़ रुपयों की देनगी बाकी है।इस परिस्थिति को देखकर पिछले दो वर्षों में तत्कालीन मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर और गणेश पाटील ने नगरसेवकों को किसी भी प्रकार की निधी नहीं दी । लेकिन १० अक्टूबर को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने मनपा का पदभार स्विकारने बाद पिछले तीन महीनों में ७० करोड़ रुपयों के विकासकामों का मंजूरी दी है, ऐसा माना जा रहा है।इन कामों में महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिती सभापती, सभागृह नेता, विरोधी पक्षनेता प्रत्येक को २ करोड़ के हिसाब से १० करोड़ की विकासकाम, मनपा के ७८ नगरसेवकों को प्रत्येक को१५ लाख रुपयों के हिसाब से लगभग १२ करोड़ रुपयों के नाली दुरुस्ती, गली में बांधकाम करने के लिए, १६ स्थायी समिती सदस्यों को प्रत्येक को ५० लाख रुपए के हिसाब से ८ करोड़ रुपयों का विकास निधी, प्रत्येक सभापती को २५ लाख रुपए के हिसाब से ९ सभापतियों को सवा दो करोड़ रुपयों की विकास निधी, लगभग १२ करोड़ रुपयों का सर्वसाधारण निधी के विकासकाम और शिवसेना, साई, भाजपा और टिओके पक्ष प्रत्येक को चार करोड़ रुपए की निधी मंजूर की गई है। इस प्रकार कुल ७० करोड़ रुपयों के विकासकामों को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने परमिशन दी है,ऐसी चर्चा जोरों में है।                 पालिका की तिजोरी खाली रहते मई महीने में सेवानिवृत्त होनेवाले आयुक्त अच्युत हांगे ने क्षमता से अधिक कामों को मंजूरी देने के कारण भविष्य में मनपा कर्मचारियों को वेतन मिलना कठिन हो जाएगा, ऐसी शंका मनपा के अधिकारी ने व्यक्त किया है।इसके अलावा ठेकेदारों के लाखों रुपए बकाया होने के कारण वे भी मनपा के पास से अपना बकाया राशि लेने के लिए खड़े हो जाएंगे,ऐसी चर्चा जोरों में चल रही है।
  • शराब पीने के पैसे न देने पर दोस्त ने दोस्त को मारा चाकू !

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    शराब पीने के पैसे न देने पर दोस्त ने दोस्त को मारा चाकू ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर में दारू पीने के लिए पैसा न मिलने पर एक युवक ने अपने मित्र पर चाकू से वार कर दिया, इस हमले में आरोपी का मित्र गंभीर रूप से घायल हो गया और निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।    
    राजेश अर्जुनदास भाटीजा ( ३८) उल्हासनगर -१में रहता है, उसकी उल्हासनगर -३ में रहने वाले सनी मोरे ( २३)के साथ मित्रता थी। काल रात ११ बजे के लगभग एक कंट्री बार में दोनों ने दारू पीने के बाद भोजन किया।घर जाते समय दोनों चोपडा कोर्ट परिसर में रुके थे। इस अवसर पर  सनी मोरे ने और दारू पीने के लिए राजेश ने पैसे मांगा। राजेश के पैसे देने से इंकार करने के बाद सनी ने गुस्से में अपने चाकू से राजेश के गले पर, छाती पर और पेट पर वार किया। इसके बाद उसने फरशी के टुकड़े से राजेश के सिर पर वार किया। इस हमले में राजेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, जिसे निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है।      आरोपी सनी मोरे के खिलाफ मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगी है।
  • तेजाब के ढेर पर उल्हासनगर की गोल्ड बाजार ?

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    तेजाब के ढेर पर उल्हासनगर की गोल्ड बाजार ? 

     सोनारों के द्वारा तेजाब बिना परमिशन के ही किया जा इस्तेमाल !

     स्थानिय रहिवासियों के जान के साथ किया जा रहा खिलवाड़ !

     मनसे ने शासन व पुलिस प्रशासन को लिखित पत्र देकर की कार्यवाई की मांग ! 

    बंद हो सकते सोनार के कारखाने ! 
     फाईल फोटो

    उल्हासनगर -उल्हासनगर शहर में स्थित सोनार गल्ली में लगभग ३०० सोनारों की दुकान है,जहां पर सारे नियमो को ताख पर रखते हुए अवैध तरीके से प्योर ऍसिड का उपयोग होता है, जिसके कारण स्थानिय रहिवासियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा और कभी भी इसकी वजह से वहाँ पर रहने वाली की जिंदगी की शामत की संभावना का आरोप मनसे संघटक दिनेश आहुजा ने किया है। इस मामले में उन्होंने स्थानिय पुलिस स्टेशन व प्रदूषण नियंत्रण मंडल और महानगरपालिका में लिखित शिकायत देकर कार्यवाई की मांग किया है।      उल्हासनगर - 1 स्थित सोनारगल्ली यह एक भीड़वाला परिसरात है,यहां सोना खरिदने के लिए ग्राहकों की भीड़ रहती है।इस परिसर में लगभग ३०० सोनारों की दुकाने है,और प्रत्येक सोनार अपने दुकान में सोना

    को चमकाने के लिए ऍसिड का प्रयोग करता है । साधारण 35 लिटर ऍसिड का ड्रम अपने पास रखता है। यह ऍसिड का पानी नाली में छोड़ा जाता है, कभी कभी यह पानी रास्ते पर भी आ जाता है। अगर कभी यहां आग लगी तो संकरी गलियों के कारण अग्निशमन दल की गाडी भी यहां नहीं जा सकती है।इसके कारण इस धोखादायक पद्धति से होनेवाली ऍसिड का प्रयोग बंद करने की मांग मनसे ने किया है।      इस संदर्भ में ज्वेलर्स असोसिएशन के अध्यक्ष अशोक वलेचा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह एक धोखादायक कार्य है,इस कार्य को नियोजित तरीके से करना चाहिए। कुछ सोनार भाड़े से घर लेते हैं और उसमें सोना गलाने का काम करते हैं। इसके लिए व्यावसायिक गाले बनाना चाहिए और एसिड युक्त पानी बाहर निकालने की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
  • पत्रकार और उसकी पत्नी के ऊपर गुंडो ने किया हमला !

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    पत्रकार और उसकी पत्नी के ऊपर गुंडो ने किया हमला ! 

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्रकार संघ ने दिया लिखित निवेदन देकर कार्यवाई की मांग ! 

     मुंबई- मुंबई पूर्व उपनगरे के अंतर्गत गोवंडी छेत्र निमोनिया बाग छेत्र में रहने वाले एक नारायण शास्त्री नामक पत्रकार के ऊपर नए साल के दिन गुंडे मवालियो लोगो ने तोफे में क्या दिया यही की ने उनके घर मे घुस कर उनको औऱ उनके पत्नी के ऊपर जान लेवा हमला किया वही परिमंडल क्रमांक ६ के डीसीपी शाहाजी उमाप व देवनार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक इन लोगो ने पत्रकार संघ के अध्यक्ष दीपक अड़ाव , दीपक काम्बले, समाजसेवक युवराज रामराजे व उनके अन्य पत्रकारों को हौसला दिए कि हम गुंडा राज खत्म कर पत्रकार नारायण को न्याय दिलाएंगे !
     प्राप्त जानकारी के मुताबिक गोवंडी छेत्र में रहने वाले पत्रकार नारायण शास्त्री पिछले कई सालों से देवनार के निमोनिया बाग में रहते है और पिछले कई बार उनके ऊपर जान लेवा हमला हो चुका है । वहाँ के स्थानीय लोगो की माने तो पत्रकार नारायण लोगो की सेवा में हमेशा लगे रहते है । चाहे वो किसी भी प्रकार की सेवा हो वो हमारे लायक करते है। इसी से ये गुंडे उनसे चिढ़ते है। आप को बता दे कि आने वाले नए साल के दिन पत्रकार नारायण अपने परिवार के साथ अपने निजी घर मे बौठे थे वही दूसरी तरफ कुछ गुंडे आए उनको और उनके परिवार पर बिना किसी कारण के हमला बोल दिए तुरंत पत्रकार नारायण ने पुलिस हेल्प लाइन १००नंबर पे फोन करने का प्रयास किए तो गुंडे लोगो ने उनका मोबाइल पैसा सहित छिन लिया जब उसके बाद पीड़ित पत्रकार नारायण अपने अपने पत्नी को देवनार पुलिस थाने तो वहाँ उनको न्याय नही मिला फिर नारायण ने उवरुक्त विषय को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर डीसीपी, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक इन सभी लोगो से न्याय की गुहार लगाए है। वहीं इन सभी विषयों को लेकर नवनिर्माण पत्रकार संघ के अध्यक्ष दीपक कांबले समजवेक युवराज रामराजे व अन्य पत्रकारों ने देवनार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रदीप कदम से मुलाकात कर क़दम को पत्र देकर न्याय देने के किए निवेदन किया है।
  • उमपा का रिश्वतखोर अधिकारी बना अवैध निर्माण करने वाला ठेकेदार ?

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    उमपा का रिश्वतखोर अधिकारी बना अवैध निर्माण करने वाला ठेकेदार ? 

     तीन अवैध आर सी सी निर्माण को दे रहा अंजाम ! 

    इससे पहले भी कई अवैध निर्माणो कर चुका है भागीदारी !

    मनपा प्रशासन की साख पर लगा रहा बट्टा ! 

    मनपा आयुक्त प्रशासन की छबि को सुधारने के करेगे ऐसे अधिकारी पर कार्यवाई ?

     उल्हासनगर-उल्हासनगर महानगर पालिका के एक रिश्वतखोर अधिकारी का जब रिश्वत के पैसे से मन नही भरा वह खुद ही अवैध निर्माण करने का ठेकेदार बन बैठा है विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उल्हासनगर शहर में तीन अवैध बांधकाम इसके द्वारा अंजाम दिया जा रहा है इन कामो पर डमी लोगो को आगे खड़ा करके पर्दे के पीछे से पूरा पैसा लगा रहा है यही वजह है इन तीनो अवैध आर सी सी अवैध निर्माण मनपा ने अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही किया है ! इन बाधकामो पर मनपा के प्रभाग अधिकारी ने सादी नोटिस तक नही दिया इसका मतलब सामने में आसानी होगी इसका मतलब सीधे वह कहावत पर फिट बैठ रही है ! "सईया भये कोतवाल अब डर काहे का"
    गौरतलब हो मनपा प्रशासन ने जब से इस रिश्वतखोर अधिकारी को शहर की बडी जिम्मेदारी तब से ही शहर में बड़े पैमाने पर अवैध आर सी सी निर्माण बनने जोर शोर से शुरू हुआ है हर अवैध बांधकाम से लाखों की वसूली करता है परंतु पैसे कमाने की चाह वही पर नही रुकी और उसने ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में खुद अवैध बांधकाम का ठेकेदार बनने का फैसला लिया और उल्हासनगर में तीन अवैध आर सी सी निर्माण बनाना शुरू किया है, इसमें से पहला काम है प्रभाग समिति चार की हद में गुरुकृपा अपार्टमेंट के बगल में उल्हासनगर पांच नम्बर में चालू है दूसरा काम है प्रभाग समिति तीन की हद में बैरक न, 1464 मधुकुज सोसायटी के पीछे सेक्शन 30 व्ही टि सी ग्राउड रोड उल्हासनगर 4, में तीसरा काम भी प्रभाग समिति तीन में ही बैरेक न 1480 रुम नं 3 व्ही टि सी ग्राउड सामने उल्हासनगर 4 में बनाने का कार्य जोरशोर किया जा रहा है इन कामो पर अपना नाम सामने न आये इस लिए रिश्वतखोर अधिकारी ने डमी लोगो को खड़ा रखा है, जब कि नाम सामने न आने पर शहर के कई ठेकेदारों ने भी यह बात मानी है कि यह सारे काम में वह भ्रष्ट अधिकारी का हाथ है ऐसा उनलोगों ने भी माना है, बहरहाल इसकी लिखित शिकायत भी मनपा के दोनों प्रभागों में एक समाजसेवक ने किया है परंतु अभी तक इन कामो पर कार्यवाई तो दूर एक नोटिस भी नही भेजा गया है क्योंकि इसके पीछे जब कार्यवाई करने की जवाबदारी वही अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित है तो आप समझ सकते हो कार्यवाई कैसे हो सकती है अब सवाल यहाँ यह है मनपा आयुक्त अच्युत हांगे जी ऐसे रिश्वतखोर अधिकारी को कैसे सबक सिखाते है और इन अवैध निर्माणों को पूरी तरह से जमींदोज करके मनपा की छबि को जो दाग लगा उसे धोए ताकि भविष्य कोई दूसरा अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करने से पहले दस बार सोचे बहरहाल क्या कार्यवाही होती है यह तो आने वाले समय में सामने आएगा ! पैसे कमाने की चाह में जिस रिश्वतखोर अधिकारी ने मनपा की साख पर बट्टा लगा उसका क्या अंजाम होता है वह भी देखने लायक होगा !
  • मनपा के जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाणे ने फिर से संभाली कमान !

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    मनपा के जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाणे ने फिर से संभाली कमान !

    मनपा आयुक्त के आदेश पर हुई बहाली !


    उल्हासनगर- उल्हासनगर महानगरपालिका के जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाणे का निलंबन रद्द करके उनकी जांच करने का निर्णय अक्टूबर महिने के महासभा में लिया गया था ।इस प्रस्ताव के आधार पर जनसंपर्क अधिकारी के पद पर छह महीने के निलंबनकाल के बाद फिर से इस पद पर हाजिर हो गए।     
    गौरतलब हो कि  जनसंपर्क अधिकारी युवराज भदाणे जुलाई के महीने में छुट्टी पर गए थे। उन्होंने अपने शासकीय कार्यालय की चाभी स्वयं अपने साथ ले गए थे।इसी दरम्यान रिपाई नगरसेवक भगवान भालेराव और शिवसेना नगरसेवक राजेंद्र चौधरी ने इस बात का आक्षेप लेकर भदाणे के कार्यालय की तलाशी लेने की मांग की थी। मुख्यालय उपायुक्त संतोष देहरकर, सुरक्षा अधिकारी बालू नेटके आदि मनपा अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति में ३० मई से २जून के दरम्यान इन कैमरा कार्यालय के सभी सामान जप्त किए गए थे।इस मौके पर वहां कर विभाग, लेखा विभाग का फाईल, धनादेश, नगरविकास, महाराष्ट्र राज्य विभाग की बिना हस्ताक्षर केे रबरी मुहर आदि सामान मिले थे। इस प्रकरण में आयुक्त गणेश पाटील और उपायुक्त संतोष देहरकर ने जांच शुरू की थी ।इस दरम्यान भदाणे पर निलंबन की त्वरित कार्रवाई की जाए, इस मांग के लिए ज्येष्ठ समाजसेवक दिलीप मालवणकर के नेतृत्व में नगरसेवक प्रमोद टाले और अन्य साथियों ने स्मशानभूमी के पास आमरण उपोषण शुरू किया था। विधायक ज्योती कलानी ने भी मानसून अधिवेशन में भदाणे का मुद्दा उपस्थित किया था, सोशल मीडिया पर यह विषय बहुत वायरल हुआ था। आखिरकार आयुक्त गणेश पाटील ने ९जुलाई को भदाणे के निलंबन का लिखित आदेश दिया था। यह निलंबन कायम रखने के लिए शुक्रवार के महासभा में यह मुद्दा उठाया गया था।इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए नगरसेवक सुनील सुर्वे ने सरकारी कर्मचारियों के निलंबन के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय के दो और मॅट का एक ऐसे तीन निर्णय महासभा में उपायुक्त संतोष देहेरकर के सुपूर्द किया।इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग के विभागप्रमुख मनीष हिवरे ने भदाणे का विषय और उस पर लागू हुए कायदो के संदर्भ में महासभा में जानकारी दी। इसके बाद पालिका उपयुक्त मुख्यालय संतोष देहेरकर ने भदाणे का निलंबन रद्द करके उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित करके उनकी जांच करने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।  इसी आधार पर पालिका आयुक्त अच्युत हांगे ने भदाणे को उनके मूल पद पर सेवा में वापस लेने का लिखित  आदेश दिया। इसके अनुसार बुधवार दोपहर भदाणे ने जनसंपर्क विभाग का पदभार ग्रहण किया।