• 10 जनवरी से 10 फरवरी तक हो सकती अभय योजना लागू ? अमीर हाऊस टैक्स चोरों को फायदा पहुचाने का नायाब फार्मूला !

    Reporter: fast headline india
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    10 जनवरी से 10 फरवरी तक हो सकती अभय योजना लागू ?

    उमपा के उप महापौर,भाजपा के नगरसेवक,पूर्व रांकपा नगरसेवकों पर  लग चुका लाखो की हाऊस टैक्स चोरी का आरोप !

    गरीब जनता के नाम पर अमीर हाऊस टैक्स चोरों को फायदा पहुचाने लाई गई है यह अभय योजना विपक्ष ने लगाया आरोप !

    उल्हासनगर में 4 वी बार दी जा रही है अभय योजना !

    15 दिन 100℅,तो 15 दिन 50℅ होगी हाऊस टैक्स पे लगी पेनाल्टी की मांफी-मनपा आयुक्त हांगे

    100 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखकर मनपा लाखो पहले ही कर चुकी टैक्स वसूली के लिए खर्च !

    सत्ताधारियों ने बहुत से महासभा कराया इसे लागू करने का प्रस्ताव !

     उल्हासनगर- उल्हासनगर महानगरपालिका पिछले सर्वसाधारण सभा में मालमत्ता कर वसुली करने के लिए फिर से अभय योजना लागू करने का प्रस्ताव बहुमत से मंजूर किया गया है। शिवसेना और भाजपा के नगरसेवकों ने इस योजना से अमीर टैक्स चोर लोगों को फायदा पहुचाने का आरोप करते हुए विरोध किया लेकिन बहुमत के जोर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। साई पक्ष के नगरसेवक दीप्ती दुधानी ने मालमत्ता कर वसूली में फिर से अभय योजना लागू करने का प्रस्ताव लाया था, इस अवसर पर शिवसेना और भाजपा के कुछ नगरसेवकों ने फिर से अभय योजना लागू न करने की भूमिका ली थी।
    बता दे कि इसके पहले ३ बार अभय योजना लागू की गई थी, उस समय शहर के बड़े बकायादारों ने पीठ दिखाया था, अब ब्याज बढ़ने के कारण ऐसे धनाढ्य लोगों को ब्याजमाफी चाहिए, इसलिए, अभय योजना लागू किया जा रहा है, ऐसा आरोप शिवसेना नगरसेवकों ने लगाया, भाजपा के कुछ नगरसेवकों ने भी शिवसेना के पक्ष में अपना मत व्यक्त किया।अंत में महापौर पंचम कलानी ने इस प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए कहा,जिसके बाद बहुमत के जोर पर अभय योजना फिर से लागू करने के विषय को मंजूरी मिल गई।       उल्हासनगर महानगरपालिका की हद में लगभग डेढ़ लाख  मालमत्ताधारक है। मालमत्ताकर यह उल्हासनगर महानगरपालिका के लिए महत्त्वपुर्ण आय का स्तोत्र है, लेकिन उसकी अपेक्षित वसूली न होने के कारण महानगरपालिका अर्थसंकट में है। कर वसूली हो,इसलिए महानगरपालिका के अब तक ३बार अभय योजना शुरू किया था।२०१४-१५ में प्रथम अभय योजना शुरू की गई थी, उस समय १०३ रुपए मालमत्ता कर वसूलीहुई थी, उसके बाद २०१५-१६ में फिर से अभय योजना लागू की गई इस दौरान १०० करोड़ रुपए की मालमत्ता कर वसूली हुई थी।इसके बाद फिर से २०१६-१७ में त्यानंतर अभय योजना लागू की गई तब ९६करोड़ रुपए मालमत्ता कर की वसूली हुई थी।चालू वर्ष में अप्रैल से नवंबर महीने तक४८करोड़ रुपए की कर वसुली हुई है। मनपा को अपेक्षित कर वसूली कम से कम १५० करोड़ रुपए की है।लेकिन प्रशासन अपना अपयश छुपाने के लिए १०० करोड़ का लक्ष्य रखती है, ऐसा जानकारों का कहना है।      अभय योजना के द्वारा शुरुवात के १५ दिन तक १०० प्रतिशत ब्याज माफी,उसके बाद १५ दिनों तक ७५ प्रतिशत और उसके १५ दिनों तक ५० प्रतिशत ब्याज माफी इस योजना में दी जाती है। इतना ज्यादा ब्याजमाफी मिलने के बाद भी इसे अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिलता। गरीब व सर्वसाधारण नागरिक साधारणतः समय पर कर भरते है,लेकिन शहर के १० हजार मालमत्ताधारक ऐसे है,जो बड़े पैमाने पर कर डुबाते है,इन बकायादारों के पास १ लाख से २५ लाख तक का मालमत्ता कर बकाया है।      तत्कालीन मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर ने कर वसूली के लिए अभय योजनाके साथ ही जनजागृती रैली निकालकर लोगों से कर भरने का आवाहन किया था, लेकिन इसके बाद भी इसे अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।इसके बाद उन्होंने बकायादारों को नोटिस भेजने और मालमत्ता जप्ती करने की कार्रवाई शुरू की। शहर की कायद्याने वागा नामक सामाजिक संघटना और मनसे पार्टी ने शहर में फिर से अभय योजना लागू न करने की मांग की थी। जब तक शहर के धनाढ्य बकायादार कर नहीं भरते,तब तक गरीब व मध्यमवर्गीय भी अपना कर न भरें, ऐसा आवाहन किया था।
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