• कंगाल उमपा के मुंगेरीलाल राजा ? अपने सपनो के चक्कर में खाली की मनपा की तिजोरी !

    Reporter: fast headline india
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    कंगाल उमपा के मुंगेरीलाल राजा ? 

     केवल तीन महिनों में लगभग ७० करोड़ रुपए के विकासकामों को दी गई मंजूरी ! 

    पालिका की आर्थिक स्थिति विकट होते हुए प्रशासन लुटा रहा तिजोरी से माल ! 

     मनपा कर्मियों के आने वालों महीनों में हो सकती पगार की मुश्किलें ! 

    मनपा की हालत आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया फिल्म जैसी हुई ! 

     उल्हासनगर -उल्हासनगर महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है, ऐसे स्थिति में मनपा प्रशासन ने केवल तीन महिनों में नाले और रास्तों के नाम पर थूकपट्टी लगानेवाली लगभग ७० करोड़ रुपयों के विकास कामों को पास करने की चर्चा उल्हासनगर शहर में हो रही है। उल्हासनगर मनपा की खस्ता हालत के बाद भी जिस तरीके से तिजोरी का माल लुटाया जा रहा है उसको देकर यह कहावत याद आता है उमपा के मुंगेरीलाल लाल राजा सपने तो बहुत सारे है परंतु उसे पूरे करने के लिए तिजोरी में ही माल नही है, जल्द ही इस पर अमल नही किया गया मनपा कर्मियों के पगार के भी लाले होने की नोबत आ सकती है !
    उल्हासनगर मनपा को स्थानिक संस्था कर के अनुदान द्वारा कुल१६७ करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त उल्हासनगर मनपा का मालमत्ता कर यह आय का एक मुख्य स्रोत है। मालमत्ता कर की वसूली से मनपा को लगभग ८० करोड़ और खींचतान कर १०० करोड़ रुपए की आय होती है। इसके कारण मनपा की तिजोरी में एक वर्ष में किसी प्रकार २८० करोड़ रुपए तक जमा होता है।इस जमा में से १२५ करोड़ रुपए वेतन और पेन्शन, ३० करोड़ रुपए एमआईडीसी का पानी बिल, १५ करोड़ रुपए बिजली बिल, कचरा व्यवस्थापना के लिए १७ करोड़ रुपए आदि आवश्यक खर्च हैं। इसीप्रकार शहर में शुरू हुए केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं में पालिका को करोड़ों रुपए का हिस्सा भरना रहता है। पुराने ठेकेदारों के लगभग ८० करोड़ रुपयों की देनगी बाकी है।इस परिस्थिति को देखकर पिछले दो वर्षों में तत्कालीन मनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर और गणेश पाटील ने नगरसेवकों को किसी भी प्रकार की निधी नहीं दी । लेकिन १० अक्टूबर को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने मनपा का पदभार स्विकारने बाद पिछले तीन महीनों में ७० करोड़ रुपयों के विकासकामों का मंजूरी दी है, ऐसा माना जा रहा है।इन कामों में महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिती सभापती, सभागृह नेता, विरोधी पक्षनेता प्रत्येक को २ करोड़ के हिसाब से १० करोड़ की विकासकाम, मनपा के ७८ नगरसेवकों को प्रत्येक को१५ लाख रुपयों के हिसाब से लगभग १२ करोड़ रुपयों के नाली दुरुस्ती, गली में बांधकाम करने के लिए, १६ स्थायी समिती सदस्यों को प्रत्येक को ५० लाख रुपए के हिसाब से ८ करोड़ रुपयों का विकास निधी, प्रत्येक सभापती को २५ लाख रुपए के हिसाब से ९ सभापतियों को सवा दो करोड़ रुपयों की विकास निधी, लगभग १२ करोड़ रुपयों का सर्वसाधारण निधी के विकासकाम और शिवसेना, साई, भाजपा और टिओके पक्ष प्रत्येक को चार करोड़ रुपए की निधी मंजूर की गई है। इस प्रकार कुल ७० करोड़ रुपयों के विकासकामों को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने परमिशन दी है,ऐसी चर्चा जोरों में है।                 पालिका की तिजोरी खाली रहते मई महीने में सेवानिवृत्त होनेवाले आयुक्त अच्युत हांगे ने क्षमता से अधिक कामों को मंजूरी देने के कारण भविष्य में मनपा कर्मचारियों को वेतन मिलना कठिन हो जाएगा, ऐसी शंका मनपा के अधिकारी ने व्यक्त किया है।इसके अलावा ठेकेदारों के लाखों रुपए बकाया होने के कारण वे भी मनपा के पास से अपना बकाया राशि लेने के लिए खड़े हो जाएंगे,ऐसी चर्चा जोरों में चल रही है।
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