• नवजीवन बैंक के संचालक मंडल को लगा बड़ा झटका !

    Reporter: fast headline india
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    नवजीवन बैंक के संचालक मंडल को लगा बड़ा झटका ! 

     बैंक के घोटाले से पर्दा उठाने की मिली थी सजा ! 

     बैंक से निकाले गए दोनो सदस्यों को सहकार आयुक्त व निबंधक और सहकारी संस्था ने दिया बहाल करने का आदेश !

     हजार करोड़ की बैंक की टर्न ओवर करने वाली नवजीवन बैंक विवादों की वजह से रहती है सुर्खियों ! 

     उल्हासनगर -उल्हासनगर में शहर की सबसे बड़ी सहकारी बैंक के नाम से ख्याति प्राप्त नवजीवन बैंक के कार्यकारिणी सदस्यों का विवाद चरम पर पहुंच गया है। बैंक के कथित गैरकारभार के विरुद्ध आवाज उठानेवाले दो सदस्यों के विरुद्ध अनुशासन भंग करने की कार्रवाई की गई है। परंतु उस कार्यवाई के खिलाफ दोनो सदस्यों ने अपील किया उसी अपील पर सुनवाई के बाद सहकार आयुक्त व निबंधक और सहकारी संस्था कार्यालय ने यह कार्रवाई नियम के विरुद्ध ठहराते हुए सदस्यो को बहाली करने का आदेश दिया है।    
    बता दे कि १ हजार करोड़ की टर्नओवर वाली नवजीवन बैंक पिछले कुछ वर्षों से विवादों में घिरी हुई है।बैंक के कार्यकारणी सदस्य जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा ने बैंक में कथित रूप से कुछ पदाधिकारियों के मार्फत की जानेवाली गैरकानूनी भाड़ा वसूली , मुख्याधिकारी की गैरकानूनी चुनाव, कर्ज देने में होनेवाले गैरव्यवहार के संदर्भ में विविध प्राधिकरणों को इसकी शिकायत की थी। यह शिकायत झूठे और फर्जी कागजातों के आधार पर लगाने का आरोप करते हुए ७जून २०१७ को धारा ३५ के तहत जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा को कारण बताओ नोटिस देकर १८ जून २०१७ को विशेष सर्वसाधारण सभा में दोनो सदस्यों को निकालने का प्रस्ताव रखकर उसे मंजूरी दी। लेकिन इस प्रस्ताव को गैरकानूनी बताते हुए जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा ने इसकी शिकायत सहकार आयुक्त व निबंधक , सहकारी संस्था के पास की थी।      इस प्रकरण में जांच करने के बाद सहकारी संस्था अपर निबंधक डॉ. किशोर तोष्णीवाल ने लिखित आदेश के द्वारा जयदेव कल्याणी और चंद्रकांत मिश्रा के निष्कासन के निर्णय को अवैध ठहराया है, जिसके कारण इन दोनों का इस बैंक में सदस्यत्व अबाधित है।       
    इस संदर्भ में नवजीवन बैंक के संचालक शितलदास हरचंदानी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कल्याणी और मिश्रा के संदर्भ में अपर निबंधक ने जो निर्णय दिया है, उसके विरुद्ध हमने राज्य सरकार से अपील की है। इन दोनों सदस्यों के खिलाफ हमारे पास पर्याप्त सबूत है, और हम उसपर पहल कर हैं।
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