• उल्हासनगर फर्जीवाड़े में देश में हुआ अव्वल, कोर्ट को 28 सालों तक फर्जी दस्तावेज के जरिये किया गुमराह !

    Reporter: fast headline india
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    बीएमसी का फर्जी स्थगन आदेश बनाकर कोर्ट को किया गुमराह ! 

     28 साल की लंबी लड़ाई के बाद आरोपी के खिलाफ दर्ज ही एफआईआर ! 

    बीएमसी कमिश्नर के आदेश का बनाया था फर्जी दस्तावेज ! 

    अपने ही रिश्तेदार के कारनामो को वकील ने किया पर्दाफाश ! 

     उल्हासनगर-उल्हासनगर में 75 वर्षीय वरिष्ठ वकील और आयकर विभाग के सलाहकार को उसके रिश्तेदार द्वारा संपत्ति के एक विवाद के मामले में फर्जी स्थगन आदेश कोर्ट को देकर गुमराह करने का मामला सामने आया है । अदालत और अन्य सरकारी कार्यालयों में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने वाले पर 28 साल बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध 420 व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है 
    बता दे कि उल्हासनगर -2 में फर्नीचर बाजार में 75 वर्षीय वरिष्ठ वकील और आयकर सलाहकार घनश्याम रिजुमल तोलानी अपने परिवार के साथ रहते हैं। घनश्याम की पुश्तैनी जमीन उल्हासनगर -4 में श्रीराम चौक इलाके में थी।इस जमीन पर उनके रिश्तेदार चंदर हरिराम तलानी ने भी दावा किया था। मामला अदालत में जाने के बाद, चंदर ने मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर का फर्जी स्थगन आदेश दिया और 1991 में घनश्याम तोलानी के खिलाफ क्रिमिनल एंड सिविल कोर्ट में इस आदेश की छाया प्रति का इस्तेमाल किया। घनश्याम तलानी के वकील होने के कारण, उन्होंने इस आदेश का बारीकी से अध्ययन किया और संबंधित कार्यालय में अनुवर्ती कार्रवाई की। जब उन्होंने यह देखा कि उस समय ऐसा कोई आदेश नहीं लिया गया था, तो उन्होंने अपनी न्यायिक लड़ाई शुरू की। आखिरकार, उन्हें 28, साल बाद न्याय मिला। विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन में आरोपी चंदर तलानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक अमोल चौधरी ने कहा कि घनश्याम तोलानी कई वर्षों से इस मुद्दे का पीछा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभियुक्त और अभियोजन पक्ष दोनों को स्थगन आदेश की एक प्रति दी गई थी, लेकिन उन्हें कैसे यह प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने इसी मुद्दे को स्थापित किया था।
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