• मेमसाहब बिल्डिंग हादसे मामले प्रभाग तीन के वार्ड ऑफिसर व मुकादम पर सदोष मुनष्य वध का मामला दर्ज होने की संभावना ?

    Reporter: fast headline india
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    मेमसाहब बिल्डिंग हादसे मामले  प्रभाग तीन के वार्ड ऑफिसर व मुकादम पर सदोष मुनष्य वध का मामला दर्ज होने की संभावना ? 

     रबिवार को शिंपी ने मीडिया को दिया बयान नही है बिल्डिंग धोखादायक, सोमवार को आयुक्त हांगे ने कहा बिल्डिंग है धोखादायक ! 

    अलग अलग बयान से बढ़ी प्रशासन की मुश्किलें !

     अपनी नाकामियो को छिपाने के लिए लीपापोती करने में जुटा उमपा प्रशासन ! 

    324 बिल्डिंगे है संवेदनशील तो 29 बिल्डिंगे अति संवेदनशील ! 

    उल्हासनगर-उल्हासनगर कैंप तीन के अंतर्गत आने वाले इंदिरा गांधी मार्केट के बगल में एक पुरानी मेमसाहब बिल्डिंग के दूसरे महले का स्लैब पहले पर गिरा और पहले महले का स्लैब ग्राउंड फ्लोर यानी पार्किंग की जगह पर बने गाले पर जिसमें अस्पताल चल रहा है और इस हादसे में में तीन जिंदगियां दफन हो गई और तीन लोग घायल है जिनका इलाज अस्पतालों हो रहा है ! यहा सवाल है कि इस विषय पर मनपा के स्थानीय वार्ड ऑफिसर व मुकदम पर अभी तक सदोष मनुष्य वध के कानून के तहत मामला क्यो दर्ज नही हुआ क्योंकि इस हादसे के पीछे मनपा विभाग की ही बड़ी लापरवाही है वर्ना चार दिनों से बिना परमिशन के दूसरे महले पर काम हो रहा था और मनपा के लोगो को इसकी भनक तक नही लगी अगर समय रहते एक्शन होता तो शायद वो तीन लोग जिंदा होते !
    बता दे कि रबिवार को हुए हादसे के बाद से ही उमपा प्रशासन अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिशों में जुटा हुआ है कल तीन के वार्ड ऑफिसर शिंपी ने सभी चैनलों को दिए अपने स्टेट मेन्ट में कहा कि यह धोखादायक बिल्डिंग नही है और सोमवार को मनपा आयुक्त अच्युत हांगे ने पत्रकारों को दिए स्टेट मेन्ट कहा कि बिल्डिंग धोखादायक है आखिरकार सच कौन बोल रहा है यह लोगो की समझ में नही आ रहा है ! इन बातों से ज्यादा यह जरूरी है कि आखिरकार एक के बाद एक हो रहे इस तरह के हादसों की पीछे की वजह क्या है इस बारे में जो बातें मनपा के गलियारों से सुनने में आ रही वह यह है कि उल्हासनगर शहर के चर्चित 855 अबैध बिल्डिंग के मामले के दौरान मनपा ने जो बिल्डिंगो पर कार्यवाई की थी उस समय बिल्डिंग के सिर्फ स्लैब तोड़े थे पिलर नही जो बाद में उस समय के भ्रष्ट्र मनपा कर्मियों ने बिल्डरों से मोटी रकम लेकर उन निर्माणों को बनने दिया आज जो इस हादसों की सकल में शहर के सामने मौत के रूप आ रहे है इस लिए मनपा प्रशासन को चाहिए बिना समय गवाए ऐसी बिल्डिंगों की यादि बनाये जिनपर पहले इस तरह की कार्यवाही हुई है और वो न चुकी है और लोग उसमें रह रहे है पहले उसके स्लैब के स्ट्रेक्चर आडिट हो ताकि फिर इस तरह के हादसे में लोगो की जान जाने से बचाई जा सके यही इन हादसों को रोकने का एक महत्वपूर्ण ईलाज है !क्यो की मनपा ने कार्यवाई किया है तो इसकी जानकारी पुरानी फाइलों से आसानी से मिल सकती है ! दूसरे सभी बिल्डिंगों के सोसायटी के चेयरमैन को बुलाकर मीटिंग ले और अपने बिल्डिंग में कोई भी रिपेरिंग करे तो उसको पहले स्थानीय वार्ड ऑफिसर को जानकारी दे ताकि उसके स्ट्रेक्चर आडिट हुआ है कि नही उसकी जांच हो सके और फिर उसको काम करने दिया जाय तभी इस तरह के हादसों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकती है ! अब हुए हादसे की बात करे तो बिल्डिंग को देखर यह पता लगा पाना की बिल्डिंग यदि प्लान से बनी है तो भी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुआ है यह कहना शायद गलत नही होगा मनपा के स्थानीय वार्ड ऑफिसर मुकादम को अपने प्रभागों कहा क्या काम हो रहा है उसकी जानकारी सौ फीसदी रहता है इस लिए मनपा के आयुक्त हांगे को तत्काल वार्ड ऑफिसर व मुकादम पर कड़ी कार्यवाई करनी चाहिए ताकि दोबारा इस तरह की गलती दूसरे लोग कर न सके ! अब मनपा प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर आगे क्या कदम उठाता है यह कुछ दिनों में शहरवासियों के सामने आ जायेगा !
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