• आदिवासी और किसान मोर्चाकारी को एक बून्द पानी पिलाया तो सरकार आप पर भी केस फाइल करेगी ?

    Reporter: fast headline india
    Published:
    A- A+
    आदिवासी और किसान मोर्चाकारी को एक बून्द पानी पिलाया तो सरकार आप पर भी केस फाइल करेगी ?

    लोकसंघर्ष मोर्चा के करीब करीब १२००० किसानों ने  निकाला था यह मोर्चा !

     अगर आप पागल हो तो कम से कम एक बार यह गुनाह जरूर करना - अध्यक्ष लोकांचे दोस्त रवि भिलाणे 

     मुंबई-मुंबई संवेदनशील भारतीय नागरिको,आप अक्लमंद हो तो किसी भी आदिवासी और किसान मोर्चाकारी को एक बून्द पानी भी मत पिलाना। गांव खेड़ो से आठ दिनों की रोटी बांधकर निकले उन मोर्चाकारियोके थाली में सब्जी रोटी मत परोसना। इतना ही क्यों , चल चलकर छिल चुके उनके जख्मी पैरों पर अपने सहानुभूति का तेल भी मत लगाना। नहीं तो सरकार आप पर केस फाइल किए बिना शांत नहीं बैठेगी। जी हाँ ऐसा हुआ है उसी सत्य घटना की यह हकीकत न्यूज के जरिये आपके सामने है !
    बता दे कि हमने इस कार्य को किया इसी कारण से हम पर केस फाइल की गयी है। आप सभी को याद ही होगा की २२ नवम्बर २०१८ को प्रतिभा शिंदे इनके नेतृत्व में लोकसंघर्ष मोर्चा के करीब करीब १२००० किसानोंने अपने पत्नी और बच्चो के साथ मंत्रालय पर मोर्चा निकाला था। उन्होंने ठाणे से मुंबई मार्च का आयोजन किया था और लोगो के दोस्त संगठन ने घाटकोपर के रमाबाई नगर में बाबासाहेब आंबेडकर के पुतले को साक्षी मानकर इस मोर्चा का स्वागत किया था । जहा पर इक्कठा होने के बाद किसान ,आदिवासी ,दलित , बहुजन एकता के नारे लगाए गए और थकेहारे किसानो को पानी पिलाया गया। मुंबई के आज़ाद मैदान में भी अलग अलग संगठनों ने इन आदिवासी किसानों के लिए तम्बू ,चटाई ,खान पान ,पानी , साउंड ऐसी व्यवस्था की थी। मोर्चा ठाणे, मुंबई पहुंचे इससे पहलेही सभी संबंधित पुलिस अधिकारी ,सरकारी , नगर निगम कार्यालयों को पत्र दिए गए थे। हमारी गलती केवल इतनी ही थी के हमने उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इस मोर्चे के बाद मुख्यमंत्री ने मोर्चाकारी लोगो से चर्चा कर उनकी सभी मांगो को लिखित स्वरूप में मान लिया । मंत्री गिरीश महाजन ने आझाद मैदान में आकर मोर्चा का समारोप किया। जाते जाते उन्होंने सरकार की तरफसे मोर्चाकारियो के लिए विशेष ट्रैन की सुविधा भी मुहैया करवाई। मुंबई के नागरिकोंको अपना धन्यवाद देकर आदिवासी शांती से अपने गांव लौट गए। इस पुरे आंदोलन में एक भी गलत घटना नहीं हुई। फिर अब हमसेही ऐसा क्या गुनाह हो गया ? वह भी हम बताते है। ५ मार्च के दिन हमने " पुलवामा से बालाकोट, कुछ तथ्यं ,कुछ सवाल " इस विषय पर मुंबई पत्रकार संघ में पत्रकार परिषद् का आयोजन किया था। हमारे परिषद् स्थल पर पहुचने से पहले ही पुलीस वहा उपस्थित हो गयी थी। *रवि भिलाणे , फ़िरोज़ मिठिबोरवाला ,ज्योति बढेकर ,स्मिता साळुंखे ,अफ़रोज़ मालिक,धनंजय शिंदे* इनको नोटीस दी गयी की ,"आप लोगों ने लोक संघर्ष मोर्चा का आयोजन कर आदिवासियों को एकत्रित किया था,और ऐसा आप फिर कर सकते है तो आपको हिरासत में क्यों न लिया जाए ?आप को कोर्ट में हाजिर होकर जमानत लेनी होगी ।जल्द ही आपको कोर्ट की तारीख बतायी जाएगी" यह जानकारी देकर पुलिस निकल गए। इसके बाद हमने पत्रकार परिषद् सुरू कर दी। पुलवामा हमला और बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े जनता के सवालों को सामने रखा। जैसे ही हम परिषद् ख़त्म कर ५ बजे सभागृह से बाहर निकले , पुलिस दूसरी नोटीस हाथ में लिए हमारा इंतज़ार कर रही थी। नोटिस में लिखा था की, २३ मार्च सुबह ११ बजे आपको किल्ला कोर्ट, आझाद मैदान में उपस्थित रहना होगा। पुलिस की इस तत्परता से हम सभी अचंबित रह गए । तीन महीने से जो काम हुआ नहीं हुआ था,वह अब केवल २ घंटे में हो चूका था।पुलिस द्वारा कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर २ घंटे के भीतर कोर्ट में उपस्थित रहने के सबंध में नोटिस भी तैयार करके हमको थमा दी गयी थी। शाब्बास रे मुंबई पुलीस ! ,महाराष्ट्र सरकार और उसके गृहमंत्री अर्थात मुख्यमंत्रीजी !! उपरोक्त घटना क्रम से आप सभी के ध्यान में आ गया होगा की हमने क्या गुनाह किया है ? देश और सैनिको की सुरक्षा में सरकार से सवाल पूछना , आदिवासी ,किसान ,दलित ,बहुजन इनके अधिकारों के लिए लढना और इस लढाई को मदत करना यही गुनाह ,जुर्म है । लेकिन अगर यह गुनाह है तो इस तरह का गुनाह बार बार होता ही रहेगा। पर आप अगर समझदार है तो इस तरह का गुनाह मत कीजिए। सरकार से सवाल मत पूछिए और किसी को पानी भी मत पिलाईये। यह सरकार किस बात को गुनाह कहेगी और किसे गुनाहगार और क्या कार्यवाही करेगी बता नहीं सकते। फिर भी... अगर आप पागल हो तो कम से कम एक बार यह गुनाह जरूर करना। - *रवि भिलाणे* *(अध्यक्ष-लोकांचे दोस्त)* *अनुवाद:अक्षय पाठक* *(ऑल इंडिया रिवोल्यूशनरी स्टुडंट्स ऑर्गनायझेशन)*
  • No Comment to " आदिवासी और किसान मोर्चाकारी को एक बून्द पानी पिलाया तो सरकार आप पर भी केस फाइल करेगी ? "