• पांच नम्बर डंपिंग पर कचरा सपाट करने का ठेका फर्जी दस्तावेज पर लिया है ठेकेदार ने -दीपक पांडेय

    Reporter: fast headline india
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    पांच नम्बर डंपिंग पर कचरा सपाट करने का ठेका फर्जी दस्तावेज पर लिया है ठेकेदार ने -दीपक पांडेय 

     फर्जी दस्तावेज वाली कोणार्क कंपनी 3 करोड़ की सालाना कर रही है लूट-समाजसेवक !

     टेंडर में भाग लेने वाली तीनो कंपनी थी बोगस ?

    सपाटिंग करण में लगे वाहनों पर नही दिखा कोई नम्बर प्लेट ? 

    क्या बिना पासिंग वाले वाहन से किया जा रहा है यह काम ? 

    पांच साल पुराने वाहन से नही लेना है काम,सभी वाहनों की हालत है खराब ! 

    आरटीआई में जानकारी देने में मनपा प्रशासन कर रही है आनाकानी !

    उल्हासनगर-उल्हासनगर शहर के डंपिंग ग्राउंड पर जमा कचरे को सपाट करने के ठेके में बड़ा घोटाला होने का नया मामला सामने आया है, जिस कंपनी को ठेका दिया उसके दस्तावेज फर्जी होने के आरोप एक समाज सेवक द्वारा किया गया है ! बता दे कि उल्हासनगर महानगरपालिका ने पांच नम्बर के डंपिंग पर जमा होने वाले कचरे को सपाट करने का ठेका 3 करोड़ का 2017 में निकाला था यह ठेका कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को मिला है समाजसेवक दीपक पांडेय ने आरोप किया गया है कि कंपनी ठेका लेने के समय दिए सभी पेपर फर्जी है, मनपा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरे फर्जी वाडे को अंजाम दिया गया है, 

    बता दे कि इस भ्रष्टाचार की पोल तब खुली जब समाजसेवक पांडेय ने मनपा में आर टी आई एक्ट 2005-(माहिती अधिकार अधिनियम 2005) के अनुसार इस से जुड़े सारे दस्तावेज मांगे तो उमपा के लोग माहिती देने में आना कानी शुरू कर दिया उसके बाद उन्होंने अपील में गए वहा पर भी उन्हें जानकारी नही दिया गया और अब उन्होंने कोंकण विभाग के अपीलीयअधिकारी के पास इसकी शिकायत किया है इसका सीधा मतलब है कि कंपनी के फर्जी दस्तावेज को बचाने के लिए यह पूरा नाटक रचा गया है,उन्होंने आगे यह भी आरोप किया की इस टेंडर प्रकिया में शामिल दो और कंपनी भी फर्जी थे यही कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के द्वारा कचरा उठाने वाली कंपनी है.डम्पिंग ग्राऊंड पर जीतनी बड़ी संख्या में मशीन चल रही है. सभी 5 साल से ज्यादा पुरानी मशीन है जबकी टेंडर के मुताबिक पांच साल से पुरानी मशीनों को इस्तेमाल नही करना है उन्होंने मांग किया है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच हो और इसमें लिप्त अधिकारियों पर कार्य किया जाय वही जब इसकी सच्चाई जानने के लिए पांच नम्बर के डंपिंग पर फस्ट हेडलाइन की टीम पहुची तो वहाँ पर इस्तेमाल की जा रही मशीनों की हालात काफी खराब दिखे पोकलेन, जेसीबी,पर आरटीओ से पासिंग हुए नम्बर प्लेट भी नही दिखे मतलब सपाटिंग करण में चलने वाली मशीनें कही बिना नम्बर प्लेट के ही तो नही चलाई जा रही है ? इस बारे मनपा के मुख्यस्वछता निरीक्षण विनोद केनी से संपर्क करने की कोशिश किया गया परन्तु उनका नम्बर बंद था इस लिए उनका पक्ष स्पष्ट नही हो पाया है बहरहाल अगर आरोप सही है इस पर मनपा आयुक्त को ही आगे आकर ठोस कार्यवाई करने की जरूरत है ! ताकि ऐसी हरकत करने वालो ठेकेदारो व अधिकारियों को उनकी सही जगह दिखाई जा सके !
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