• 61 लाख के कर्ज डिफाल्टर शिकायतकर्ता बना आरोपी !

    Reporter: fast headline india
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    61 लाख के कर्ज डिफाल्टर शिकायतकर्ता बना आरोपी ! 

    उमेश राजपाल के साथ दो लोगो क्राइम ब्रांच ने लिया हिरासत में !

     मुझे उल्हासनगर के भाई से बचावो-अमित वाधवा 

    काल रिकार्डिंग की बातचीत में हुए कई खुलासे ?

     उल्हासनगर-उल्हासनगर कल्पतरु क्रेडिट सोसाइटी से ६१ लाख रुपए का ऋण चुकाने से बचने के लिए, निदेशकों के खिलाफ एक साजिशकर्ता द्वारा संगीन मामले में मामला दर्ज कराया गया था। जांच के बाद अमित वाधवा को इस संगीन आरोप से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, यह अपराध अभियोजन पक्ष और उसके पांच गुंडे सहयोगियों के खिलाफ हो गया है अब उनपर ही कानून की गाज गिरी है। इस मामले में अपराध शाखा द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इस मामले ने मोबाइल रिकॉर्डिंग के कारण एक अलग मोड़ ले लिया है। 
    बता दे कि कल्पतरु उल्हासनगर में सहकारी ऋण सोसायटी और क्रेडिट सोसायटी के निदेशक अमित वाधवा हैं। उमेश राजपाल और उनकी पत्नी, जो अमित के खिलाफ मामले में आरोपी हैं, ये भी क्रेडिट सोसायटी के सदस्य हैं और उन्होंने व्यवसाय के लिए ६१ लाख रुपए का ऋण लिया है। उमेश राजपाल कई वर्षों से कर्जदाता हैं और कई बार क्रेडिट सोसाइटी ने इस बारे में नोटिस जारी किया। ७ नवंबर, २०१७ को, उमेश राजपाल ने अमित वाधवा के खिलाफ मारपीट का एक गंभीर अपराध दर्ज कराया। यह अपराध संगीन होने के कारण डीजीपी द्वारा जांच में पूछताछ करने का निवेदन अमित वाधवा ने की थी। उसके बाद, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल, उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक अहेर ने जांच करके अमित वाधवा को इस आरोप से मुक्ति दिलाई। बाद में मामले की जांच उल्हासनगर क्राइम ब्रांच ने की तो साजिशकर्ताओं उमेश राजपाल, रोशन माखिजा, शंकर वैद्य, करण तलरेजा, हितेश जाधव और अरविंदर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में, रोशन माखिजा को उच्च न्यायालय में रिहा कर दिया गया है, शंकर वैद्य एक तड़ीपार आरोपी है। अरविंदर सिंह नासिक जेल में मकोका के तहत बंद है। पिछले हफ्ते अंतरिम जमानत रद्द होने के बाद करण तलरेजा और उमेश राजपाल को पुलिस ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था। क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महेश तरडे ने कहा कि उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
     मेरी जान को खतरा है-अमित वाधवा  
    अमित वाधवा ने अपने शुभचिंतकों को एक रिकॉर्डिंग दी है। जिसमें शंकर वैद्य, जो बार-बार क्राइम ब्रांच का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, करण तलरेजा से कह रहे हैं इसमें कहा गया है कि अमित की हत्या करना इससे बेहतर है। बातचीत में करण तलरेजा ने कहा, भाई से पूछा, क्या कह रहा है, भाई बोल रहा है, यह एक समस्या होगी। अमित वाधवा का कहना है कि इस संवाद में भाई का नाम नहीं लिया गया है लेकिन इस भाई ने मुझे संगीन अपराध में फंसा दिया है। इसलिए, अमित वाधवा ने मांग की है कि इस भाई को क्राइम ब्रांच की पुलिस हिरासत में रहे करन तलरेजा से पूछताछ करके गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, अमित वाधवा पर भी हमला किया गया और उसी समय, तब भी पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड दर्ज किया है वाधवा ने कहा, जो मेरे जीवन को लेकर परेशान हैं। क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ निरीक्षक महेश तरडे ने कहा कि यह कॉल रिकॉर्डिंग बहुत पुरानी है और हमारी जांच सही दिशा चल रही है।
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