• टिकट दलालों पर रेलवे की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ !

    Reporter: fast headline india
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     टिकट दलालों पर रेलवे की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ !

     छुट्टियों के सीजन में रेलवे टिकटों की मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है !

    टिकटों के दलालों पर रेलवे ने जबरदस्त कार्यवाई करते हुए 3 लाख रुपये के टिकट सीज किये हैं !     

    मुंबई- मुंबई छुट्टियों का सीजन शुरू होने जा रहा है, जब रेलवे टिकट की डिमांड भी बढ़ जाती है। जहां डिमांड ज्यादा है, स्वाभाविक है कि वहां दलाल भी होंगे। रेलवे की चेतावनियों के बावजूद जिन्होंने अवैध दलालों से टिकट बुक कराए हैं, उन्हें सावधान रहना होगा। ऐसी टिकटों पर पर आरपीएफ की 'सर्जिकल स्ट्राइक' शुरू हो चुकी है। 
    पश्चिम रेलवे आरपीएफ की विशेष टीम ने बुधवार को डहाणू रोड में एक ऐसी ही रेड की है। इसमें करीब 3 लाख रुपये की कीमत के 143 ई-टिकट सीज किए गए हैं। ये टिकट इसलिए सीज हुए हैं, क्योंकि इन्हें मनोज यादव और ज्ञानेंद्र यादव नाम के शख्स ने अवैध तरीके से बुक कराया था। पश्चिम रेलवे के एएससी नरेंद्र वशिष्ठ के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के पुष्पेंद्र सिंह और उनके साथियों ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसमें डहाणू रोड आरपीएफ की टीम भी शामिल थी। आरपीएफ की टीम ने रघुबीर स्कूल के पास स्थित यादव नगर में छापामारी की, यहां से टिकट दलाली का काला कारोबार हो रहा था। उत्तर भारत जाने वाले हो जाए सावधान! छुट्टियों की सीजन में मुंबई से उत्तर भारत विशेषकर गोरखपुर, जौनपुर, इलाहाबाद और बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकटों की बहुत ज्यादा डिमांड होती हैं। बुधवार को हुई रेड में भी अधिकतर टिकटें इन्हीं रूट की थीं। आरपीएफ अधिकारी वशिष्ठ ने बताया कि इन दलालों ने फर्जी तरीके से अकाउंट बनाकर टिकटों की बुकिंग की थी। पैसे के ट्रांजेक्शन में गड़बड़ियां मिलने और मोबाइल नंबरों की ड्यूप्लिकेसी दिखने के बाद शक हुआ। शक होने के बाद इन दलालों से टिकट बुकिंग कराई गई, तो वे ट्रैप में फंस गए। इसके बाद छापामारी में सारी बातें सामने आ गई। टिकटों को सीज किए जाने का मतलब है कि यात्री इन्हें रद्द नहीं करा सकता है। इस सूरत में पैसा नहीं मिलेगा और यात्रा से भी वंचित होना पड़ेगा। अधिकारी ने बताया कि आजकल दलाल रेड के डर से अपने नेटवर्क में ही काम करते हैं। आमतौर पर वाट्सऐप ग्रुप बनाकर बिजनेस होता है। बुकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल भी होता है। इस मामले में पुलिस दलालों पर क्रिमिनल केस (जालसाजी) कराने पर भी विचार कर सकती है।ए.के.सिंह, आईजी (पश्चिम रेलवे) ने कहा, 'छुट्टियों की सीजन में लोग अवैध दलालों से टिकट बुक कराने की भूल कर बैठते हैं। इन दलालों पर नकेल कसने के लिए आईपीसी की धारा के तहत भी मामला दर्ज कराने पर विचार किया जा रहा है।'
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